{"_id":"6309157edb1942736b3e3cce","slug":"kannauj-viral-fever-became-uncontrollable-mismanagement-increased-difficulties-kannauj-news-knp714822312","type":"story","status":"publish","title_hn":"कन्नौज : बेकाबू हुआ वायरल फीवर, बदइंतजामी ने बढ़ाई मुश्किलें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कन्नौज : बेकाबू हुआ वायरल फीवर, बदइंतजामी ने बढ़ाई मुश्किलें
विज्ञापन
फोटो 21- मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पंजीकरण के लिए लगी लंबी लाइन। संवाद
- फोटो : KANNAUJ
तिर्वा। उमस के चलते जिले में तेजी से फैला वायरल फीवर बेकाबू हो रहा है। मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। अव्यवस्थाओं के चलते मरीज परेशान हो रहे हैं। पंजीकरण, परामर्श से लेकर दवाएं लेने में मरीजों को तीन घंटे से अधिक लाइन में लगना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को 1574 मरीजों ने पंजीकरण कराया। इसमें अधिकांश मरीज वायरल फीवर के थे। सुबह आठ बजे ओपीडी खुलते ही मरीजों की भीड़ उमड़ने लगी। सिर्फ दो पंजीकरण काउंटर खुलने से मरीजों की लंबी-लंबी लाइनें लग गईं। पंजीकरण कराने से लेकर चिकित्सकों से परामर्श और दवा लेने तक मरीजों को लाइनें लगानी पड़ रही हैं।
मरीजों को तीन घंटे से अधिक समय तक लाइन में लगना पड़ रहा है। कई बार धक्का-मुक्की के चलते मरीजों और परिजनों ने हंगामा भी किया। ये हालात मेडिकल कॉलेज के तब हैं, जबकि एक दिन पहले गुरुवार को ही उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य निरीक्षण करने आए थे। मरीज कई बार पंजीकरण काउंटर बढ़ाने की मांग कर चुके हैं, इसके बाद भी चिकित्साधिकारी ध्यान नहीं दे दे रहे हैं।
विज्ञापन
शासन ने सभी अस्पतालों में बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए अलग से रैंप के पास पंजीकरण काउंटर खोलने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी राजकीय मेडिकल कॉलेज में बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए पंजीकरण काउंटर नहीं खोले गए हैं।
भीड़ देखकर बगैर दवा लिए लौटे मरीज
भवानीपुर गांव निवासी अजय ने बताया कि वह बुखार से पीड़ित है। दवा लेने के लिए मेडिकल कॉलेज आया। यहां सुबह 11 बजे पर्चा बनवाने के लिए लगी लंबी लाइन देखकर हिम्मत जवाब दे गई। वह निजी चिकित्सक के पास जाकर दवा लेगा।
ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी है। मरीजों की सुविधाओं को देखते हुए जल्द अतिरिक्त चिकित्सकों और कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।-डीएस मार्तोलिया, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को 1574 मरीजों ने पंजीकरण कराया। इसमें अधिकांश मरीज वायरल फीवर के थे। सुबह आठ बजे ओपीडी खुलते ही मरीजों की भीड़ उमड़ने लगी। सिर्फ दो पंजीकरण काउंटर खुलने से मरीजों की लंबी-लंबी लाइनें लग गईं। पंजीकरण कराने से लेकर चिकित्सकों से परामर्श और दवा लेने तक मरीजों को लाइनें लगानी पड़ रही हैं।
विज्ञापन
मरीजों को तीन घंटे से अधिक समय तक लाइन में लगना पड़ रहा है। कई बार धक्का-मुक्की के चलते मरीजों और परिजनों ने हंगामा भी किया। ये हालात मेडिकल कॉलेज के तब हैं, जबकि एक दिन पहले गुरुवार को ही उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य निरीक्षण करने आए थे। मरीज कई बार पंजीकरण काउंटर बढ़ाने की मांग कर चुके हैं, इसके बाद भी चिकित्साधिकारी ध्यान नहीं दे दे रहे हैं।
विज्ञापन
शासन ने सभी अस्पतालों में बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए अलग से रैंप के पास पंजीकरण काउंटर खोलने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी राजकीय मेडिकल कॉलेज में बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए पंजीकरण काउंटर नहीं खोले गए हैं।
भीड़ देखकर बगैर दवा लिए लौटे मरीज
भवानीपुर गांव निवासी अजय ने बताया कि वह बुखार से पीड़ित है। दवा लेने के लिए मेडिकल कॉलेज आया। यहां सुबह 11 बजे पर्चा बनवाने के लिए लगी लंबी लाइन देखकर हिम्मत जवाब दे गई। वह निजी चिकित्सक के पास जाकर दवा लेगा।
ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी है। मरीजों की सुविधाओं को देखते हुए जल्द अतिरिक्त चिकित्सकों और कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।-डीएस मार्तोलिया, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज।

फोटो 22-मेडिकल कॉलेज के वार्ड में भर्ती वायरल फीवर के मरीज।- फोटो : KANNAUJ