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कन्नौज: पंचायत चुनाव में सपा को मिली ऑक्सीजन, सकते में भाजपा, सत्तासीन पार्टी को शिकस्त देकर 14 सपाई जीते
Sat, 08 May 2021 01:27 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 08 May 2021 01:27 PM IST
सार
सत्ता में होने के बावजूद महज सात सीट पर सिमटने से भाजपा सकते में है। छह सीट पर प्रत्याशी उतारने वाली बसपा के एक प्रत्याशी ने जीत हासिल कर पार्टी की लाज रख ली। निर्दलियों ने इस चुनाव में दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है।
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कन्नौज पंचायत चुनाव (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पिछले चुनावों में सांसदी, दो विधायकों की सीट गंवाने के बाद खोया जनाधार तलाश रही सपा को जिला पंचायत चुनाव ने ऑक्सीजन दे दिया है। सपाइयों ने जिला पंचायत की 28 में 14 सीट हासिल की है। हालांकि इसमें तीन बागी हैं। दूसरी ओर सत्ता में होने के बावजूद महज सात सीट पर सिमटने से भाजपा सकते में है।
छह सीट पर प्रत्याशी उतारने वाली बसपा के एक प्रत्याशी ने जीत हासिल कर पार्टी की लाज रख ली। निर्दलियों ने इस चुनाव में दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में इनकी भूमिका अहम होगी। कन्नौज संसदीय सीट से सांसद भाजपा के सुब्रत पाठक हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में उन्होंने सपा मुखिया व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव को हराकर सपा से यह सीट छीनी थी।
विधानसभा चुनाव में भी भाजपा की लहर थी। जिले की तीन सीट में से दो विधायक भाजपा के चुने गए। इसमें तिर्वा से कैलाश राजपूत और छिबरामऊ से अर्चना पांडेय विधायक हैं। भाजपा की लहर में भी सदर विधायक की सीट सपा के अनिल दोहरे ने जीती थी। जिला पंचायत चुनाव का परिणाम आने के बाद सपाइयों में फिर उत्साह आ गया है।
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छह सीट पर प्रत्याशी उतारने वाली बसपा के एक प्रत्याशी ने जीत हासिल कर पार्टी की लाज रख ली। निर्दलियों ने इस चुनाव में दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में इनकी भूमिका अहम होगी। कन्नौज संसदीय सीट से सांसद भाजपा के सुब्रत पाठक हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में उन्होंने सपा मुखिया व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव को हराकर सपा से यह सीट छीनी थी।
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विधानसभा चुनाव में भी भाजपा की लहर थी। जिले की तीन सीट में से दो विधायक भाजपा के चुने गए। इसमें तिर्वा से कैलाश राजपूत और छिबरामऊ से अर्चना पांडेय विधायक हैं। भाजपा की लहर में भी सदर विधायक की सीट सपा के अनिल दोहरे ने जीती थी। जिला पंचायत चुनाव का परिणाम आने के बाद सपाइयों में फिर उत्साह आ गया है।
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पंचायत चुनाव में कामयाबी के पीछे सपा मुखिया अखिलेश यादव की सोच और रणनीति को भी मुख्य वजह माना जा रहा है। उन्होंने प्रत्याशी चुनने से लेकर सीट को स्वतंत्र रखने तक की पूरी कमान जिला इकाई को सौंपी और उन पर पूरा भरोसा जताया। स्वतंत्र सीट उसे रखा जहां सपा के कई उम्मीदवार सामने आए और उन्हें छांटने में जनाधार की दिक्कत थी।
सभी को अपनी ताकत दिखाने का मौका मिला। परिणाम यह हुआ कि वार्ड-8 आठ में सपा नेता की पत्नी नीलम यादव चुनाव जीतीं और वार्ड-15 में सपा नेता की पत्नी नीरज देवी। एक सीट पर सपा हालात नहीं समझ पाई। पहले सीट को स्वतंत्र किया, बाद में ममता कनौजिया पर दांव लगाया। यह सीट सपा के बागी दिनेश यादव की पत्नी मिथलेश ने सपा प्रत्याशी को हराकर जीत ली।
दूसरी ओर भाजपा खेमे से पंचायत चुनाव को लेकर सबसे पहले प्रत्याशियों की सूची जारी की गई। चौपालें लगाकर योजनाओं का प्रचार-प्रसार हुआ पर, राजनीतिक जानकार बताते हैं कि भाजपा में सक्रिय और अपरोक्ष रूप से जुड़े कुछ लोगों ने अपने क्षेत्र में न केवल निष्क्रियता दिखाई, बल्कि वोट कटवाने में भी चाहे-अनचाहे भूमिका अदा की।
सभी को अपनी ताकत दिखाने का मौका मिला। परिणाम यह हुआ कि वार्ड-8 आठ में सपा नेता की पत्नी नीलम यादव चुनाव जीतीं और वार्ड-15 में सपा नेता की पत्नी नीरज देवी। एक सीट पर सपा हालात नहीं समझ पाई। पहले सीट को स्वतंत्र किया, बाद में ममता कनौजिया पर दांव लगाया। यह सीट सपा के बागी दिनेश यादव की पत्नी मिथलेश ने सपा प्रत्याशी को हराकर जीत ली।
दूसरी ओर भाजपा खेमे से पंचायत चुनाव को लेकर सबसे पहले प्रत्याशियों की सूची जारी की गई। चौपालें लगाकर योजनाओं का प्रचार-प्रसार हुआ पर, राजनीतिक जानकार बताते हैं कि भाजपा में सक्रिय और अपरोक्ष रूप से जुड़े कुछ लोगों ने अपने क्षेत्र में न केवल निष्क्रियता दिखाई, बल्कि वोट कटवाने में भी चाहे-अनचाहे भूमिका अदा की।
परिणाम ने दिखाया आईना
सदर विधानसभा क्षेत्र में जिला पंचायत के वार्ड-1 से वार्ड-8 तक आते हैं। यहां सपा के विधायक अनिल दोहरे हैं। इस क्षेत्र से जिला पंचायत में सपा के सबसे ज्यादा छह प्रत्याशी जीते हैं। भाजपा को सिर्फ एक सीट मिली है। एक निर्दलीय के खाते में गई है। छिबरामऊ विधानसभा क्षेत्र में वार्ड-9 से 20 तक आता है। इसमें भाजपा की विधायक अर्चना पांडेय हैं। यहां भाजपा ने तीन सीट हासिल की हैं। सपा को पांच सीट मिली हैं। इसमें दो सपा के बागी शामिल हैं। चार सीटें निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीती हैं। तिर्वा विधानसभा क्षेत्र में वार्ड 21 से 28 तक आता है। यहां से भाजपा के विधायक कैलाश राजपूत हैं। यहां भाजपा ने तीन सीट जीती हैं। सपा को भी तीन ही सीट मिली हैं। इसमें एक बागी है। एक सीट वार्ड-25 बसपा के खाते में गई हैं।
जिले में परिणाम की यह स्थिति
सपा- 14 तीन बागी
भाजपा-07
बसपा-01
अन्य- 06
सदर विधानसभा क्षेत्र में जिला पंचायत के वार्ड-1 से वार्ड-8 तक आते हैं। यहां सपा के विधायक अनिल दोहरे हैं। इस क्षेत्र से जिला पंचायत में सपा के सबसे ज्यादा छह प्रत्याशी जीते हैं। भाजपा को सिर्फ एक सीट मिली है। एक निर्दलीय के खाते में गई है। छिबरामऊ विधानसभा क्षेत्र में वार्ड-9 से 20 तक आता है। इसमें भाजपा की विधायक अर्चना पांडेय हैं। यहां भाजपा ने तीन सीट हासिल की हैं। सपा को पांच सीट मिली हैं। इसमें दो सपा के बागी शामिल हैं। चार सीटें निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीती हैं। तिर्वा विधानसभा क्षेत्र में वार्ड 21 से 28 तक आता है। यहां से भाजपा के विधायक कैलाश राजपूत हैं। यहां भाजपा ने तीन सीट जीती हैं। सपा को भी तीन ही सीट मिली हैं। इसमें एक बागी है। एक सीट वार्ड-25 बसपा के खाते में गई हैं।
जिले में परिणाम की यह स्थिति
सपा- 14 तीन बागी
भाजपा-07
बसपा-01
अन्य- 06