{"_id":"60f46f128ebc3e6d6d66e426","slug":"kannauj-news-kannauj-news-knp6410319181","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंदिर के सामने तीन साल से सड़क अधूरा, हो रहा जलभराव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंदिर के सामने तीन साल से सड़क अधूरा, हो रहा जलभराव
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छिबरामऊ। कन्नौज के छिबरामऊ से औरैया के एरवाकटरा तक बन रही 30.5 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का धीमा व अधूरा निर्माण लोगों के लिए परेशानी का सबब बन चुका है। सड़क निर्माण में बरती जा रही लापरवाही और मानकों के निर्माण की अनदेखी से गुस्साए मोहल्ले के लोगों ने रविवार को प्रदर्शन किया और शीघ्र ही सड़क निर्माण की मांग की।
कन्नौज के छिबरामऊ से औरैया के एरवाकटरा तक 30.5 किलोमीटर लंबी सड़क को बनवाने का ठेका कार्यदायी संस्था आरसीएल कंपनी को 266 करोड़ रुपये में दिया गया है। इस प्रोजेक्ट में 27 किलोमीटर लंबी सड़क कन्नौज जनपद व साढ़े तीन किलोमीटर लंबी सड़क औरैया जनपद की सीमा में बननी है। साल 2016 में यह सड़क बनने का कार्य शुरू हुआ था लेकिन पांच साल का समय बीतने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं किया जा सका। सड़क निर्माण में कार्यदायी संस्था पर लापरवाही व मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया।
लोगों ने आरोप लगाया कि तीन साल पहले काली मठिया मंदिर के सामने सड़क निर्माण के लिए खुदाई की गई थी लेकिन आज तक यहां पर सड़क नहीं बनाई गई। यहां पर नाला न होने से जलभराव हो जाता है। इस गड्ढूे में आएदिन लोग गिरकर चुटहिल हो रहे हैं। इसके अलावा मंदिर के एक तरफ पचास मीटर में नाले का निर्माण भी नहीं कराया गया है। सौरिख तिराहे से पूर्वी बाईपास के बीच में पुलिया का निर्माण अभी तक अधूरा है। सड़क के चौड़ीकरण में मानकों की भी अनदेखी हुई है। प्रदर्शन के दौरान शिवनरायन शाक्य, दिनेश चंद्र, रामकिशोर, कन्हैया, सुरेश, रामचरन, ईसू, रवि शाक्य, अतुल कुमार शाक्य व विक्कू चतुर्वेदी मौजूद रहे।
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सौरिख तिराहे पर सड़क को किया गया संकरा
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि कंपनी के अधिकारियों ने सौरिख तिराहे पर सड़क को संकरा कर दिया है। मंदिर के पास महज एक मीटर सड़क को संकरा करना है, जिस पर कार्यदायी संस्था के कर्मचारी तैयार नहीं हो रहे हैं। इसके अलावा नाले के निर्माण में भी मानकों की अनदेखी की गई है।
घटिया सामग्री लगाकर डिवाइडर बनाने का आरोप
स्थानीय लोगों ने बताया कि डिवाइडर बनाने में घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। डिवाइडर बनते ही टूट जा रहा है। डिवाइडर के अंदर एक माह से मिट्टी डलवाई तो जा रही है लेकिन इसका समतलीकरण नहीं किया जा रहा है। इससे उड़ने वाली धूल ने लोगों को परेशान कर रखा है।
30.5 किलोमीटर की दूरी में बन रहे तीन पुल
छिबरामऊ से एरवाकटरा तक बन रही 30.5 किलोमीटर लंबी सड़क में तीन पुल बनाए जा रहे हैं। इसमें पहला पुल सौरिख रोड पर जाफराबाद गांव, दूसरा खड़िनी और तीसरा एरवाकटरा में बनाया जा रहा है।
बजट मिलते ही कराया जाएगा कार्य
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता विमल कुमार ने बताया कि छिबरामऊ-एरवाकटरा मार्ग निर्माण के लिए शासन से बजट नहीं मिला है। बजट मिलते ही सड़क निर्माण कार्य पूरा करा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी तक इस प्रोजेक्ट के लिए लगभग दो सौ करोड़ का बजट मिल चुका है और इसी साल के अंत में दिसंबर तक सड़क के निर्माण को पूरा कराना है।
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कन्नौज के छिबरामऊ से औरैया के एरवाकटरा तक 30.5 किलोमीटर लंबी सड़क को बनवाने का ठेका कार्यदायी संस्था आरसीएल कंपनी को 266 करोड़ रुपये में दिया गया है। इस प्रोजेक्ट में 27 किलोमीटर लंबी सड़क कन्नौज जनपद व साढ़े तीन किलोमीटर लंबी सड़क औरैया जनपद की सीमा में बननी है। साल 2016 में यह सड़क बनने का कार्य शुरू हुआ था लेकिन पांच साल का समय बीतने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं किया जा सका। सड़क निर्माण में कार्यदायी संस्था पर लापरवाही व मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया।
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लोगों ने आरोप लगाया कि तीन साल पहले काली मठिया मंदिर के सामने सड़क निर्माण के लिए खुदाई की गई थी लेकिन आज तक यहां पर सड़क नहीं बनाई गई। यहां पर नाला न होने से जलभराव हो जाता है। इस गड्ढूे में आएदिन लोग गिरकर चुटहिल हो रहे हैं। इसके अलावा मंदिर के एक तरफ पचास मीटर में नाले का निर्माण भी नहीं कराया गया है। सौरिख तिराहे से पूर्वी बाईपास के बीच में पुलिया का निर्माण अभी तक अधूरा है। सड़क के चौड़ीकरण में मानकों की भी अनदेखी हुई है। प्रदर्शन के दौरान शिवनरायन शाक्य, दिनेश चंद्र, रामकिशोर, कन्हैया, सुरेश, रामचरन, ईसू, रवि शाक्य, अतुल कुमार शाक्य व विक्कू चतुर्वेदी मौजूद रहे।
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सौरिख तिराहे पर सड़क को किया गया संकरा
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि कंपनी के अधिकारियों ने सौरिख तिराहे पर सड़क को संकरा कर दिया है। मंदिर के पास महज एक मीटर सड़क को संकरा करना है, जिस पर कार्यदायी संस्था के कर्मचारी तैयार नहीं हो रहे हैं। इसके अलावा नाले के निर्माण में भी मानकों की अनदेखी की गई है।
घटिया सामग्री लगाकर डिवाइडर बनाने का आरोप
स्थानीय लोगों ने बताया कि डिवाइडर बनाने में घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। डिवाइडर बनते ही टूट जा रहा है। डिवाइडर के अंदर एक माह से मिट्टी डलवाई तो जा रही है लेकिन इसका समतलीकरण नहीं किया जा रहा है। इससे उड़ने वाली धूल ने लोगों को परेशान कर रखा है।
30.5 किलोमीटर की दूरी में बन रहे तीन पुल
छिबरामऊ से एरवाकटरा तक बन रही 30.5 किलोमीटर लंबी सड़क में तीन पुल बनाए जा रहे हैं। इसमें पहला पुल सौरिख रोड पर जाफराबाद गांव, दूसरा खड़िनी और तीसरा एरवाकटरा में बनाया जा रहा है।
बजट मिलते ही कराया जाएगा कार्य
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता विमल कुमार ने बताया कि छिबरामऊ-एरवाकटरा मार्ग निर्माण के लिए शासन से बजट नहीं मिला है। बजट मिलते ही सड़क निर्माण कार्य पूरा करा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी तक इस प्रोजेक्ट के लिए लगभग दो सौ करोड़ का बजट मिल चुका है और इसी साल के अंत में दिसंबर तक सड़क के निर्माण को पूरा कराना है।