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मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति को तोहफे में दिया कन्नौज का इत्र
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कन्नौज। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मनी में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को तोहफे में कन्नौज का इत्र भेंट किया है। इत्र बनाने वाले कारोबारी का दावा है कि जो तीन तरह के इत्र और बेला का तेल तोहफे में दिया गया है, वह पूरे विश्व में सिर्फ कन्नौज में ही बनता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति को जरदोजी के डिब्बे में रखकर इत्र की शीशियां दी हैं। यह इत्र इन्फ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट के कमिश्नर अरविंद कुमार ने स्थानीय सुरस एवं सुगंध विकास केंद्र (एफएफडीसी) के प्रधान निदेशक शक्ति विनय शुक्ल के जरिये मंगवाया था। एफएफडीसी ने स्थानीय कारोबारी एमएल राम नारायन परफ्यूमर्स के मालिक प्रांजल कपूर से इत्र के लिए संपर्क किया था।
प्रांजल बताते हैं कि अतर मिट्टी, अतर गुलाब, अतर शमामा और बेला का तेल तोहफे में देने के लिए मंगाया गया था। ये चारों ही चीजें 10-10 एमएल मंगाई गई थीं। बीते शनिवार को उन्होंने इत्र एफएफडीसी को उपलब्ध करा दिया था। जिन शीशियों में इत्र भेंट किया गया है, वे कन्नौज की बनी नहीं हैं।
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जरदोजी का डिब्बा भी कन्नौज का नहीं है, लेकिन असली सामग्री यानी इत्र कन्नौज का ही बना है। शक्ति विनय शुक्ल ने बताया कि एफएफडीसी में तैयार होने वाला गर्म मसाले का नेचुरल फ्लेवर भी उपहार में देने के लिए भेजा गया है। अतर मिट्टी, अतर गुलाब, अतर शमामा पूरे विश्व में सिर्फ कन्नौज में ही बनता है। इसे बनाने के लिए पांच हजार साल पुरानी भभका विधि का इस्तेमाल किया जाता है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति को जरदोजी के डिब्बे में रखकर इत्र की शीशियां दी हैं। यह इत्र इन्फ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट के कमिश्नर अरविंद कुमार ने स्थानीय सुरस एवं सुगंध विकास केंद्र (एफएफडीसी) के प्रधान निदेशक शक्ति विनय शुक्ल के जरिये मंगवाया था। एफएफडीसी ने स्थानीय कारोबारी एमएल राम नारायन परफ्यूमर्स के मालिक प्रांजल कपूर से इत्र के लिए संपर्क किया था।
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प्रांजल बताते हैं कि अतर मिट्टी, अतर गुलाब, अतर शमामा और बेला का तेल तोहफे में देने के लिए मंगाया गया था। ये चारों ही चीजें 10-10 एमएल मंगाई गई थीं। बीते शनिवार को उन्होंने इत्र एफएफडीसी को उपलब्ध करा दिया था। जिन शीशियों में इत्र भेंट किया गया है, वे कन्नौज की बनी नहीं हैं।
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जरदोजी का डिब्बा भी कन्नौज का नहीं है, लेकिन असली सामग्री यानी इत्र कन्नौज का ही बना है। शक्ति विनय शुक्ल ने बताया कि एफएफडीसी में तैयार होने वाला गर्म मसाले का नेचुरल फ्लेवर भी उपहार में देने के लिए भेजा गया है। अतर मिट्टी, अतर गुलाब, अतर शमामा पूरे विश्व में सिर्फ कन्नौज में ही बनता है। इसे बनाने के लिए पांच हजार साल पुरानी भभका विधि का इस्तेमाल किया जाता है।