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लापरवाही: स्वास्थ्य कर्मियों की जगह प्लंबर करता कोरोना जांच
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कोरोना की सैंपलिंग करता प्लंबर। संवाद
- फोटो : CHIBRAMAU
छिबरामऊ। कोरोना की रफ्तार एक बार फिर धीरे-धीरे बढ़ने लगी है, लेकिन सौ शैया अस्पताल में अव्यवस्था व बदइंतजामी का आलम यह है कि यहां पर आने वाले मरीजों की सैपलिंग का कार्य अस्पताल का प्लंबर कर रहा है। प्लंबर को सैंपलिंग का कार्य करते हुए चार माह का समय बीत चुके हैं, लेकिन जिम्मेदारों की नजर इस ओर नहीं पड़ रही है।
नगर के सौ शैया अस्पताल में सतनाम सिंह प्लंबर के पद पर तैनात है। चार माह पहले फरवरी में उसकी ड्यूटी सैंपलिंग में लगा दी गई। इसके बाद से वह लगातार सैंपलिंग में ड्यूटी कर रहा है। कर्मचारी की मानें तो उसने दो-तीन बार ड्यूटी को हटाने जाने की मांग अस्पताल के अधिकारियों से की, लेकिन अभी तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
सीएमएस डॉ. राजेश कुमार तिवारी ने कहा कि कर्मचारी को प्लंबिंग का कार्य आता ही नहीं है। इसलिए उससे सैंपलिंग में मदद करने के लिए कहा गया है।
नहीं आती प्लंबिंग तो कैसे लगी नौकरी
प्लंबर को प्लंबिंग का कार्य नहीं आने की अगर सीएमएस की बात को सही मानें तो फिर सवाल यह उठता है कि आखिर कार्य न आने पर कर्मचारी की नौकरी कैसे लग गई। इस पर सीएमएस का कहना था कि कर्मचारी की नौकरी उनके अस्पताल में आने से पहले लग गई थी।
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नगर के सौ शैया अस्पताल में सतनाम सिंह प्लंबर के पद पर तैनात है। चार माह पहले फरवरी में उसकी ड्यूटी सैंपलिंग में लगा दी गई। इसके बाद से वह लगातार सैंपलिंग में ड्यूटी कर रहा है। कर्मचारी की मानें तो उसने दो-तीन बार ड्यूटी को हटाने जाने की मांग अस्पताल के अधिकारियों से की, लेकिन अभी तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
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सीएमएस डॉ. राजेश कुमार तिवारी ने कहा कि कर्मचारी को प्लंबिंग का कार्य आता ही नहीं है। इसलिए उससे सैंपलिंग में मदद करने के लिए कहा गया है।
नहीं आती प्लंबिंग तो कैसे लगी नौकरी
प्लंबर को प्लंबिंग का कार्य नहीं आने की अगर सीएमएस की बात को सही मानें तो फिर सवाल यह उठता है कि आखिर कार्य न आने पर कर्मचारी की नौकरी कैसे लग गई। इस पर सीएमएस का कहना था कि कर्मचारी की नौकरी उनके अस्पताल में आने से पहले लग गई थी।
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