{"_id":"625078ece023ac2b2d6f1aba","slug":"kannauj-kannauj-news-kannauj-news-knp690122065","type":"story","status":"publish","title_hn":"उप्र शासन ने सरकारी आवासों में हुई अनियमितता की प्रशासनिक जांच कराने के दिए आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उप्र शासन ने सरकारी आवासों में हुई अनियमितता की प्रशासनिक जांच कराने के दिए आदेश
विज्ञापन
कन्नौज। करोड़ों की लागत से तैयार किए गए सरकारी आवास खंडहर होते जा रहे हैं। वहीं 70 अफसर किराये पर रह रहे हैं। पांच अप्रैल को प्रकाशित खबर को संज्ञान में लेकर प्रदेश शासन ने डीएम से मामले की जांच कराकर रिपोर्ट देने के लिए कहा है कि क्यों आवासों का आवंटन नहीं हुआ और ये खंडहर हो रहे हैं।
शहर के गदनपुर बड्डू क्षेत्र एफएफडीसी के पीछे और अहमदपुर रौनी गांव के पास सरकारी अधिकारियों के टाइप थ्री आवास बनाने के लिए 2015-16 में निर्माण कार्य शुरू हुआ था। अभी तक इन आवासों का निर्माण कार्य 80 फीसदी ही पूरा हो पाया है। करीब सात साल बीत जाने के बाद भी न तो आवासों तक सड़क पहुंची और न ही निर्माण कार्य पूरा हो पाया। इन आवासों के टाइल्स और खिड़कियां तक चोर उखाड़ ले गए हैं।
पांच अप्रैल को अमर उजाला में खबर के प्रकाशित होने के बाद समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने खबर का संज्ञान लेकर शुक्रवार को उत्तर प्रदेश शासन के हवाले से जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र को पत्र लिखकर सरकारी आवासों क्यों बदहाल हो रहे हैं, अभी तक इनका आवंटन क्यों नहीं हो पाया है, इसकी प्रशासनिक जांच कराकर रिपोर्ट देने को कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर के गदनपुर बड्डू क्षेत्र एफएफडीसी के पीछे और अहमदपुर रौनी गांव के पास सरकारी अधिकारियों के टाइप थ्री आवास बनाने के लिए 2015-16 में निर्माण कार्य शुरू हुआ था। अभी तक इन आवासों का निर्माण कार्य 80 फीसदी ही पूरा हो पाया है। करीब सात साल बीत जाने के बाद भी न तो आवासों तक सड़क पहुंची और न ही निर्माण कार्य पूरा हो पाया। इन आवासों के टाइल्स और खिड़कियां तक चोर उखाड़ ले गए हैं।
विज्ञापन
पांच अप्रैल को अमर उजाला में खबर के प्रकाशित होने के बाद समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने खबर का संज्ञान लेकर शुक्रवार को उत्तर प्रदेश शासन के हवाले से जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र को पत्र लिखकर सरकारी आवासों क्यों बदहाल हो रहे हैं, अभी तक इनका आवंटन क्यों नहीं हो पाया है, इसकी प्रशासनिक जांच कराकर रिपोर्ट देने को कहा है।
विज्ञापन