{"_id":"623cb76fdfae967af93abe6c","slug":"kannauj-kannauj-news-kannauj-news-knp687302343","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिनचर्या बिगड़ने से बढ़ रहा ब्रेन स्ट्रोक का खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिनचर्या बिगड़ने से बढ़ रहा ब्रेन स्ट्रोक का खतरा
विज्ञापन
तालग्राम। व्यस्त रहने के कारण लोगों की दिनचर्या बिगड़ रही है और वे बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। अब लोगों में ब्रेन स्ट्रोक की बीमारी भी आम हो गई है। डायबिटीज, मोटापा और उच्च रक्तचाप ब्रेन स्ट्रोक का कारण बन रहे हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में रोजाना आठ से 10 मरीज ब्रेन स्ट्रोक के आ रहे हैं। वहीं 200 के करीब प्रतिदिन डायबिटीज के रोगी आ रहे हैं।
डॉक्टरों की माने तो डायबिटीज, ब्लड प्रेशर बढ़ने और मोटापे की वजह से लोगों में ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ रहा है।
सीएचसी प्रभारी तालग्राम डॉ. कुमारिल मैत्रेय का कहना है कि मस्तिष्क के विभिन्न हिस्सों में खून सही ढंग से नहीं पहुंचने से ब्रेन स्ट्रोक हो रहा है। इसके साथ ही शरीर में ऑक्सीजन के सही ढंग से न पहुंचने पर भी स्ट्रोक की स्थिति बन जाती है। जब दिमाग की नसों में रक्त प्रवाह रुक जाता है, तब खून का थक्का जम जाने से ब्रेन स्ट्रोक हो जाता है।
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. दिलीप सिंह ने बताया कि अस्पताल में रोजाना ओपीडी में 700 से 800 आ रहे हैं। इसमें 30 फीसदी डायबिटीज के हैं, वही 8 से 10 मरीज ब्रेन स्ट्रोक के आ रहे हैं। यह समस्या बुजुर्गों में ज्यादा दिखाई दे रही है। आज के दौर में लोग भाग-दौड़ का काम कम करते हैं। इसकी वजह से ये समस्याएं ज्यादा दिखाई दे रहीं हैं।
विज्ञापन
ब्रेन स्ट्रोक से ऐसे करें बचाव
- नियमित रूप से योग करें।
- शराब का सेवन न करें।
- प्रदूषित वातावरण से दूर रहें।
- तली खाद्य चीजों का सेवन अधिक न करें।
ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण
- जुबान लड़खड़ाने लगना।
- व्यक्ति को चक्कर आना।
- व्यक्ति को उल्टी आने लगे।
- शरीर या हाथ-पैर सुन्न हो जाना।
विज्ञापन
डॉक्टरों की माने तो डायबिटीज, ब्लड प्रेशर बढ़ने और मोटापे की वजह से लोगों में ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ रहा है।
सीएचसी प्रभारी तालग्राम डॉ. कुमारिल मैत्रेय का कहना है कि मस्तिष्क के विभिन्न हिस्सों में खून सही ढंग से नहीं पहुंचने से ब्रेन स्ट्रोक हो रहा है। इसके साथ ही शरीर में ऑक्सीजन के सही ढंग से न पहुंचने पर भी स्ट्रोक की स्थिति बन जाती है। जब दिमाग की नसों में रक्त प्रवाह रुक जाता है, तब खून का थक्का जम जाने से ब्रेन स्ट्रोक हो जाता है।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. दिलीप सिंह ने बताया कि अस्पताल में रोजाना ओपीडी में 700 से 800 आ रहे हैं। इसमें 30 फीसदी डायबिटीज के हैं, वही 8 से 10 मरीज ब्रेन स्ट्रोक के आ रहे हैं। यह समस्या बुजुर्गों में ज्यादा दिखाई दे रही है। आज के दौर में लोग भाग-दौड़ का काम कम करते हैं। इसकी वजह से ये समस्याएं ज्यादा दिखाई दे रहीं हैं।
विज्ञापन
ब्रेन स्ट्रोक से ऐसे करें बचाव
- नियमित रूप से योग करें।
- शराब का सेवन न करें।
- प्रदूषित वातावरण से दूर रहें।
- तली खाद्य चीजों का सेवन अधिक न करें।
ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण
- जुबान लड़खड़ाने लगना।
- व्यक्ति को चक्कर आना।
- व्यक्ति को उल्टी आने लगे।
- शरीर या हाथ-पैर सुन्न हो जाना।