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अनन्या मामले में स्वास्थ्य कर्मियों से मांगा जवाब
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छिबरामऊ। दो माह पहले सौ शैया संयुक्त चिकित्सालय के इमरजेंसी वार्ड में हुई छात्रा अनन्या के मामले में फिर कार्रवाई हुई है। अब सीएमएस ने वार्ड से अनुपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों को नोटिस जारी कर 24 घंटे के अंदर जवाब मांगा है।
सीएमएस डॉ. राजेश कुमार तिवारी ने स्टाफ नर्स अर्चना कटियार, अंशू तिवारी, मोनिका यादव, आलोक पाल, वार्ड ब्वाय राहुल दीक्षित व अगम मिश्रा को नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया कि पांच अक्तूबर की दोपहर एक बजे अस्पताल में भर्ती अनन्या दीक्षित की मौत हुई थी। अनन्या के पिता मनीराम ने गलत इंजेक्शन लगने के कारण बेटी की मौत होने का आरोप लगाया। डॉ. विपिन कुमार सचान, डॉ. अभिषेक कुमार कटियार, डॉ. शुचि वर्मा की कमेटी बनाकर जांच कराई गई।
जांच में स्टाफ ने बयान दिया कि जब अनन्या की मौत हुई तो वे सीएमएस कार्यालय गए थे। आखिर वे मरीज को गंभीर हालत में छोड़कर किसकी अनुमति से सीएमएस से मिलने गए थे, इसका स्पष्टीकरण 24 घंटे के अंदर दें। सीएमएस डॉ. राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि उत्तर संतोषजनक न मिलने पर स्टाफ की सेवा समाप्ति के लिए उनकी सेवा प्रदाता कंपनी को लिखा जाएगा।
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दो माह बाद स्पष्टीकरण बना चर्चा का विषय
पांच अक्तूबर को अस्पताल में उपचार के दौरान अनन्या की मौत होने के बाद तीन चिकित्सकों की कमेटी बनाकर सीएमएस ने जांच के निर्देश दिए थे। कमेटी ने नवंबर के पहले सप्ताह में रिपोर्ट बनाकर सीएमएस को सौंप दी थी। रिपोर्ट मिलने के दो माह बाद ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगना, चर्चा का विषय बना हुआ है।
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सीएमएस डॉ. राजेश कुमार तिवारी ने स्टाफ नर्स अर्चना कटियार, अंशू तिवारी, मोनिका यादव, आलोक पाल, वार्ड ब्वाय राहुल दीक्षित व अगम मिश्रा को नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया कि पांच अक्तूबर की दोपहर एक बजे अस्पताल में भर्ती अनन्या दीक्षित की मौत हुई थी। अनन्या के पिता मनीराम ने गलत इंजेक्शन लगने के कारण बेटी की मौत होने का आरोप लगाया। डॉ. विपिन कुमार सचान, डॉ. अभिषेक कुमार कटियार, डॉ. शुचि वर्मा की कमेटी बनाकर जांच कराई गई।
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जांच में स्टाफ ने बयान दिया कि जब अनन्या की मौत हुई तो वे सीएमएस कार्यालय गए थे। आखिर वे मरीज को गंभीर हालत में छोड़कर किसकी अनुमति से सीएमएस से मिलने गए थे, इसका स्पष्टीकरण 24 घंटे के अंदर दें। सीएमएस डॉ. राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि उत्तर संतोषजनक न मिलने पर स्टाफ की सेवा समाप्ति के लिए उनकी सेवा प्रदाता कंपनी को लिखा जाएगा।
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दो माह बाद स्पष्टीकरण बना चर्चा का विषय
पांच अक्तूबर को अस्पताल में उपचार के दौरान अनन्या की मौत होने के बाद तीन चिकित्सकों की कमेटी बनाकर सीएमएस ने जांच के निर्देश दिए थे। कमेटी ने नवंबर के पहले सप्ताह में रिपोर्ट बनाकर सीएमएस को सौंप दी थी। रिपोर्ट मिलने के दो माह बाद ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगना, चर्चा का विषय बना हुआ है।