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कांग्रेस टिकट बंटवारे में पिछड़ी, उम्मीदवारों की धड़कने बढ़ी
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कन्नौज। तीसरे चरण का मंगलवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। भाजपा और सपा ने तीनों विधानसभा सीटों से प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। कांग्रेस ने किसी भी सीट से प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है। कांग्रेस के नेताओं में उम्मीदवारी को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है कि पार्टी किसके सर पर टिकट का सेहरा बांधेगी।
कन्नौज सदर, तिर्वा और छिबरामऊ सीट पर कांग्रेस नब्बे दशक तक मुख्य लड़ाई में हुआ करती थी। इसके बाद देेेश में क्षेत्रीय पार्टियों का उदय हुआ। क्षेत्रीय पार्टियों के बढ़ते प्रभाव के साथ जिले में कांग्रेस का भी प्रभाव कम होता चला गया। इन तीनों सीटों पर कई बार कांग्रेस सहयोगी दल के साथ चुनाव लड़ी। इस बार प्रदेश में कांग्रेस अकेले अपने दम पर चुनाव लड़ रही है। पहली बार जिले की तीनों सीटों पर उम्मीदवारों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
कन्नौज सुरक्षित सीट से किरन वर्मा, बृजेंद्र जाटव, बृजेंद्र कमल, राम भरोसे कमल, राजेश दिवाकर और श्याम सुंद्रर दोहरे ने टिकट की दावेदारी की है।
तिर्वा सीट से प्रमोद शाक्य, नीलम शाक्य, रीना वर्मा, शिवकली वर्मा, वीर सिंह यादव और आदेश सविता ने उम्मीदवारी पेश की है।
छिबरामऊ सीट से कांग्रेस के प्रदेश सचिव विजय मिश्रा, विनोद दुबे, सरफराज हुसैन, तारिक वसीर और सिंटू पाल ने टिकट के लिए आवेदन किया है। ये सभी नेता आवेदन के साथ टिकट पक्का मानकर तैयारी कर रहे हैं। इन नेताओं की माने, तो वह टिकट मिलते ही चुनावी मैदान में उतरने में देरी नहीं करेंगे।
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इस बार बढ़ी दावेदारों की संख्या
एक कांग्रेसी नेता ने बताया कि कई वर्षों से यहां की सीटें अधिकतर समझौते में चली जातीं थीं। कोई कांग्रेसी चुनाव नहीं लड़ पाता था। इसका प्रभाव संगठन पर पड़ा। संगठन भी कमजोर हो गया। इस बार कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ने जा रही है। टिकट के दावेदारों की संख्या बढ़ी है। इसका प्रभाव इस चुनाव के साथ आगे के चुनाव में भी पड़ेगा। संगठन मजबूत होगा। कांग्रेस में भले ही दावेदार कई हो गए हों, हाईकमान इस बार बहुत सोच समझकर टिकट का वितरण कर रही है। जिलाध्यक्ष दिनेश पालीवाल ने बताया कि तीनों सीटों पर 26 जनवरी को टिकट की घोषणा कर दी जाएगी।
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कन्नौज सदर, तिर्वा और छिबरामऊ सीट पर कांग्रेस नब्बे दशक तक मुख्य लड़ाई में हुआ करती थी। इसके बाद देेेश में क्षेत्रीय पार्टियों का उदय हुआ। क्षेत्रीय पार्टियों के बढ़ते प्रभाव के साथ जिले में कांग्रेस का भी प्रभाव कम होता चला गया। इन तीनों सीटों पर कई बार कांग्रेस सहयोगी दल के साथ चुनाव लड़ी। इस बार प्रदेश में कांग्रेस अकेले अपने दम पर चुनाव लड़ रही है। पहली बार जिले की तीनों सीटों पर उम्मीदवारों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
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कन्नौज सुरक्षित सीट से किरन वर्मा, बृजेंद्र जाटव, बृजेंद्र कमल, राम भरोसे कमल, राजेश दिवाकर और श्याम सुंद्रर दोहरे ने टिकट की दावेदारी की है।
तिर्वा सीट से प्रमोद शाक्य, नीलम शाक्य, रीना वर्मा, शिवकली वर्मा, वीर सिंह यादव और आदेश सविता ने उम्मीदवारी पेश की है।
छिबरामऊ सीट से कांग्रेस के प्रदेश सचिव विजय मिश्रा, विनोद दुबे, सरफराज हुसैन, तारिक वसीर और सिंटू पाल ने टिकट के लिए आवेदन किया है। ये सभी नेता आवेदन के साथ टिकट पक्का मानकर तैयारी कर रहे हैं। इन नेताओं की माने, तो वह टिकट मिलते ही चुनावी मैदान में उतरने में देरी नहीं करेंगे।
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इस बार बढ़ी दावेदारों की संख्या
एक कांग्रेसी नेता ने बताया कि कई वर्षों से यहां की सीटें अधिकतर समझौते में चली जातीं थीं। कोई कांग्रेसी चुनाव नहीं लड़ पाता था। इसका प्रभाव संगठन पर पड़ा। संगठन भी कमजोर हो गया। इस बार कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ने जा रही है। टिकट के दावेदारों की संख्या बढ़ी है। इसका प्रभाव इस चुनाव के साथ आगे के चुनाव में भी पड़ेगा। संगठन मजबूत होगा। कांग्रेस में भले ही दावेदार कई हो गए हों, हाईकमान इस बार बहुत सोच समझकर टिकट का वितरण कर रही है। जिलाध्यक्ष दिनेश पालीवाल ने बताया कि तीनों सीटों पर 26 जनवरी को टिकट की घोषणा कर दी जाएगी।