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Kannauj Case: कोमल को डोली में होना था विदा... सचिन की अर्थी को दिया कंधा; सिपाही का ये वादा रह गया अधूरा
Wed, 27 Dec 2023 11:18 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कन्नौज
अमर उजाला नेटवर्क, कन्नौज
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 27 Dec 2023 11:18 AM IST
सार
विशनुगढ़ थाना में तैनात सचिन राठी की हिस्ट्रीशीटर की गोली लगने से हुई मौत ने उसके परिवार के साथ ही उसकी मंगेतर कोमल देशवाल और उसके परिवार को दहला कर रख दिया है। सचिन राठी मूलरूप से मुजफ्फरनगर के शाहडब्बर का रहने वाला था। कोमल देशवाल भी मुजफ्फनगर के छापर के बसेरा गांव की रहने वाली थी।
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Kannauj Case
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एक ही जिले के रहने वाले, एक ही साथ पुलिस की तैयारी, एक ही साथ भर्ती और एक ही जिले के एक ही थाना में पहली पोस्टिंग। आगे चलकर दोनों ने एक साथ ही जिंदगी गुजारने का फैसला किया। दोनों के परिवार ने भी मंजूरी दे दी। बाकायदा दोनों की शादी तय हुई। दो महीने पहले ही सगाई हुई।
दो महीने बाद दोनों को शादी का जोड़ा पहनना था, उसके पहले ही सभी अरमान धरे रह गए। जिस कोमल को सचिन की डोली में सवार होकर उसके घर जाना था, उसने सचिन के पार्थिव शरीर को कंधा दिया तो सभी की निगाहें बरस पड़ीं।
विशनुगढ़ थाना में तैनात सचिन राठी की हिस्ट्रीशीटर की गोली लगने से हुई मौत ने उसके परिवार के साथ ही उसकी मंगेतर कोमल देशवाल और उसके परिवार को दहला कर रख दिया है। सचिन राठी मूलरूप से मुजफ्फरनगर के शाहडब्बर का रहने वाला था। कोमल देशवाल भी मुजफ्फनगर के छापर के बसेरा गांव की रहने वाली थी।
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दोनों ने साथ ही पुलिस की भर्ती की तैयारी की थी। दोनों की भर्ती एक साथ 16 मई 2019 को हुई थी। भर्ती के बाद दोनों को कन्नौज में पोस्टिंग मिली। दोनों को सौरिख थाना में तैनाती दी गई। कोमल अब भी सौरिख थाना में ही तैनात है। जबकि सचिन को बाद में वहां से विशुनगढ़ तबादला कर दिया गया था।
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दो महीने बाद दोनों को शादी का जोड़ा पहनना था, उसके पहले ही सभी अरमान धरे रह गए। जिस कोमल को सचिन की डोली में सवार होकर उसके घर जाना था, उसने सचिन के पार्थिव शरीर को कंधा दिया तो सभी की निगाहें बरस पड़ीं।
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विशनुगढ़ थाना में तैनात सचिन राठी की हिस्ट्रीशीटर की गोली लगने से हुई मौत ने उसके परिवार के साथ ही उसकी मंगेतर कोमल देशवाल और उसके परिवार को दहला कर रख दिया है। सचिन राठी मूलरूप से मुजफ्फरनगर के शाहडब्बर का रहने वाला था। कोमल देशवाल भी मुजफ्फनगर के छापर के बसेरा गांव की रहने वाली थी।
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दोनों ने साथ ही पुलिस की भर्ती की तैयारी की थी। दोनों की भर्ती एक साथ 16 मई 2019 को हुई थी। भर्ती के बाद दोनों को कन्नौज में पोस्टिंग मिली। दोनों को सौरिख थाना में तैनाती दी गई। कोमल अब भी सौरिख थाना में ही तैनात है। जबकि सचिन को बाद में वहां से विशुनगढ़ तबादला कर दिया गया था।
दोनों की नजदीकियों को देखकर उनके परिवार ने शादी की मंजूरी दे दी। उसी के तहत दो महीने पहले 19 अक्तूबर को कोमल के गांव बसेरा में दोनों की सगाई की रस्म हुई। उसके बाद दोनों परिवार की मर्जी से पांच फरवरी को शादी की तारीख तय हुई । सगाई के बाद से ही दोनों अपनी होने वाली शादी को लेकर काफी खुश थे।
अपने-अपने साथियों से इसकी तैयारी पर चर्चा करते थे। दोनों के परिवार में भी तैयारियां शुरू हो चुकी थीं। इसी बीच सोमवार की वह मनहूस शाम ने सबकुछ छीन लिया। हिस्ट्रीशीटर अशोक यादव उर्फ मुनुआ की ओर से चलाई गई गोली न ने सिर्फ सचिन की जान ले ली, बल्कि कोमल के अरमानों को तबाह कर दिया। दोनों घरों में मानो बिजली गिर पड़ी। अब हर कोई उदास है। कोमल की हालत किसी से देखी नहीं जा रही है।
कोमल के बयान ने फैला रखी है सनसनी
बदमाश के साथ मुठभेड़ में सचिन राठी की जान जाने के बाद से उसकी मंगेतर कोमल बदहवास है। उसे यकीन नहीं हो रहा है कि जिसके साथ जिंदगी गुजारने का सपना देखा था, वह अब हमेशा के लिए उससे दूर हो गया है। वह कानपुर भी पहुंच गई। सचिन के शव के पोस्टमार्टम के दौरान वह मुठभेड़ पर ही सवाल उठाती रही।
बदमाश के साथ मुठभेड़ में सचिन राठी की जान जाने के बाद से उसकी मंगेतर कोमल बदहवास है। उसे यकीन नहीं हो रहा है कि जिसके साथ जिंदगी गुजारने का सपना देखा था, वह अब हमेशा के लिए उससे दूर हो गया है। वह कानपुर भी पहुंच गई। सचिन के शव के पोस्टमार्टम के दौरान वह मुठभेड़ पर ही सवाल उठाती रही।
बार-बार यह कहती रही कि ऐसा कैसे हो गया कि गोली सचिन को लगी। कैसे इलाज किया गया कि उसकी जान नहीं बच सकी। वह दूसरे पुलिसकर्मियों से इससे जुड़े कई सवाल कर रही है। धमकी देती रही कि अगर उसे सही जवाब नहीं मिला तो वह चलती गाड़ी से कूद जाएगी।
हालांकि बाद में सहयोगी पुलिकसकर्मियों ने उसे दिलासा दिया। उसके बाद उसने पुलिस लाइन में सचिन के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजली भी दी और अर्थी को कांधा भी दिया। जब उसने सचिन की अर्थी को कांधा दिया तो सभी की आंखों बरस पड़ीं।