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कन्नौज: 11 साल पहले घर में सोते समय की थी युवक की हत्या, तीन भाइयों को उम्रकैद
Thu, 23 Sep 2021 10:20 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 23 Sep 2021 10:20 AM IST
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यूपी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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कन्नौज में घर में सोते समय गला रेतकर पड़ोसी युवक की हत्या में कोर्ट ने तीन भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। हत्याकांड में एक किशोर भाई भी शामिल था। उसकी भूमिका के मामले की सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड करेगा।
सदर कोतवाली क्षेत्र के गुखरू गांव में एक दिसंबर 2010 की रात घर में सोते समय मनोज कठेरिया पुत्र उमाशंकर की गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई अचिंत ने पड़ोसी लल्ला उर्फ जितेंद्र, पुष्पेंद्र, अमित और नाबालिग के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें बताया था कि इन लोगों ने रसूख के चलते भाई मनोज को शराब बेचने के झूठे मुकदमे में फंसा दिया था। जेल से छूटने के बाद भाई ने विरोध किया तो गला काटकर हत्या कर दी। बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी द्वितीय आनंद प्रकाश ने लल्ला उर्फ जितेंद्र, पुष्पेंद्र और अमित को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
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50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर दो-दो साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। शासकीय अधिवक्ता सुधीर पांडेय ने बताया कि हत्याकांड के दौरान नाबालिग के प्रकरण को किशोर न्याय बोर्ड भेजा गया है।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के गुखरू गांव में एक दिसंबर 2010 की रात घर में सोते समय मनोज कठेरिया पुत्र उमाशंकर की गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई अचिंत ने पड़ोसी लल्ला उर्फ जितेंद्र, पुष्पेंद्र, अमित और नाबालिग के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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इसमें बताया था कि इन लोगों ने रसूख के चलते भाई मनोज को शराब बेचने के झूठे मुकदमे में फंसा दिया था। जेल से छूटने के बाद भाई ने विरोध किया तो गला काटकर हत्या कर दी। बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी द्वितीय आनंद प्रकाश ने लल्ला उर्फ जितेंद्र, पुष्पेंद्र और अमित को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
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50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर दो-दो साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। शासकीय अधिवक्ता सुधीर पांडेय ने बताया कि हत्याकांड के दौरान नाबालिग के प्रकरण को किशोर न्याय बोर्ड भेजा गया है।