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कायाकल्प टीम को जवाब नहीं दे पाईं स्टाफ नर्स
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छिबरामऊ(कन्नौज)। नगला दिलू स्थित सौ शय्या संयुक्त चिकित्सालय का निरीक्षण करने पहुंची कायाकल्प टीम को स्टाफ नर्स कार्यालय के रखरखाव के पांच तरीके नहीं बता सकीं। दूसरे सवालाें का भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाईं।
लखनऊ की कायाकल्प टीम की सदस्य व गुणवत्ता नियंत्रक पुष्पा सिंह, गुणवत्ता नियंत्रक हास्पिटल डॉ. आरिफ सौ शय्या संयुक्त चिकित्सालय पहुंचे। टीम को वार्डों में बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण व्यवस्था निष्क्रिय मिली। स्टाफ नर्सों की लापरवाही से कूड़ा डालने के डिब्बे बदले मिले। इस पर टीम ने कड़ी फटकार लगा दी। एक नर्स ग्लब्स पहनने के तरीके नहीं बता पाई। टीम के सदस्यों ने इन्हें शून्य अंक दिए।
टीम ने सीएमएस डॉ. कुलदीप यादव के साथ हर्बल गार्डन, प्रसव कक्ष, आपातकालीन चिकित्सा कक्ष, ओपीडी, ओटी, चिकित्सक स्टोर, मैस, ऑक्सीजन सिलिंडर कक्ष का निरीक्षण किया। डॉ. पुष्पा सिंह ने बताया कि चिकित्सालय ने पहले अपना आंतरिक मूल्यांकन कराया था। अब टीम पेयर मूल्यांकन कर रही है। सुधारात्मक निर्देश दिए गए हैं। अब राष्ट्रीय टीम से बाहरी मूल्यांकन कराया जाएगा। आज के मूल्यांकन की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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टीम आने से पहले दुरुस्त की गईं व्यवस्थाएं
लखनऊ की कायाकल्प टीम के निरीक्षण के पहले सौ शय्या संयुक्त चिकित्सालय में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गई थीं। अस्पताल की सफाई व्यवस्था दुरुस्त दिखाई दे रही थी। बेड पर नई चादर बिछी थीं। गायनी वार्ड में शूज कवर रखा गया था। यह चिकित्सकों के अलावा स्टाफ नर्सों में भी चर्चा का विषय बना रहा। मौजूद लोगों ने बताया कि यह शूज कवर आज से पहले अस्पताल में किसी ने नहीं देखा था।
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लखनऊ की कायाकल्प टीम की सदस्य व गुणवत्ता नियंत्रक पुष्पा सिंह, गुणवत्ता नियंत्रक हास्पिटल डॉ. आरिफ सौ शय्या संयुक्त चिकित्सालय पहुंचे। टीम को वार्डों में बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण व्यवस्था निष्क्रिय मिली। स्टाफ नर्सों की लापरवाही से कूड़ा डालने के डिब्बे बदले मिले। इस पर टीम ने कड़ी फटकार लगा दी। एक नर्स ग्लब्स पहनने के तरीके नहीं बता पाई। टीम के सदस्यों ने इन्हें शून्य अंक दिए।
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टीम ने सीएमएस डॉ. कुलदीप यादव के साथ हर्बल गार्डन, प्रसव कक्ष, आपातकालीन चिकित्सा कक्ष, ओपीडी, ओटी, चिकित्सक स्टोर, मैस, ऑक्सीजन सिलिंडर कक्ष का निरीक्षण किया। डॉ. पुष्पा सिंह ने बताया कि चिकित्सालय ने पहले अपना आंतरिक मूल्यांकन कराया था। अब टीम पेयर मूल्यांकन कर रही है। सुधारात्मक निर्देश दिए गए हैं। अब राष्ट्रीय टीम से बाहरी मूल्यांकन कराया जाएगा। आज के मूल्यांकन की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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टीम आने से पहले दुरुस्त की गईं व्यवस्थाएं
लखनऊ की कायाकल्प टीम के निरीक्षण के पहले सौ शय्या संयुक्त चिकित्सालय में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गई थीं। अस्पताल की सफाई व्यवस्था दुरुस्त दिखाई दे रही थी। बेड पर नई चादर बिछी थीं। गायनी वार्ड में शूज कवर रखा गया था। यह चिकित्सकों के अलावा स्टाफ नर्सों में भी चर्चा का विषय बना रहा। मौजूद लोगों ने बताया कि यह शूज कवर आज से पहले अस्पताल में किसी ने नहीं देखा था।