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मनरेगा मजूदरी न मिलने पर किया प्रदर्शन
अमर उजाला, ब्यूरो, कन्नौज
Updated Thu, 08 Jan 2015 12:33 AM IST
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सदर विकास खंड क्षेत्र की ग्राम सभा जसौली के मनरेगा मजदूरों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि काम करने बाद भी उनकी मजदूरी नहीं दी जा रही है। इसके लिए वह कई दिनों से चक्कर काट रहे हैं। मजदूरों ने जल्द समस्या का समाधान न होने पर दोबारा आंदोलन की चेतावनी दी है।
जसौली निवासी शमशुद्दीन, नफीस, जीशान, रईस, मुकीम, हसरुद्दीन का कहना है कि वे लोग मनरेगा में मजदूरी करते हैं। उनसे तालाब का सुंदरीकरण कार्य कराया गया था। कई महीने बीत जाने के बावजूद मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है। इससे उनके परिवार के लोगों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद विकास भवन, ब्लाक के अधिकारी, प्रधान व सचिव कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
मजदूर कयामुद्दीन, रहूफ खां, राम कुमार, उमा देवी, गीता, प्रेमा, क्षेमकली, रामसखी का कहना है कि वे लोग बीते 40 दिन से मजदूरी का भुगतान कराने की मांग कर रहे हैं। प्रार्थनापत्र देकर भी गुहार लगाई पर कोई नतीजा नहीं निकला। ग्रामीणों का आरोप है कि तमाम मजदूरों को साइकिल दिलाने का लालच देकर अवैध उगाही तक की जा चुकी है।
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इसके बावजूद आज तक साइकिल नहीं मिली। ग्राम प्रधान से भी मजदूरी का भुगतान कराने की मांग की गई, लेकिन उन्होंने भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले की जांच कराकर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
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जसौली निवासी शमशुद्दीन, नफीस, जीशान, रईस, मुकीम, हसरुद्दीन का कहना है कि वे लोग मनरेगा में मजदूरी करते हैं। उनसे तालाब का सुंदरीकरण कार्य कराया गया था। कई महीने बीत जाने के बावजूद मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है। इससे उनके परिवार के लोगों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद विकास भवन, ब्लाक के अधिकारी, प्रधान व सचिव कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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मजदूर कयामुद्दीन, रहूफ खां, राम कुमार, उमा देवी, गीता, प्रेमा, क्षेमकली, रामसखी का कहना है कि वे लोग बीते 40 दिन से मजदूरी का भुगतान कराने की मांग कर रहे हैं। प्रार्थनापत्र देकर भी गुहार लगाई पर कोई नतीजा नहीं निकला। ग्रामीणों का आरोप है कि तमाम मजदूरों को साइकिल दिलाने का लालच देकर अवैध उगाही तक की जा चुकी है।
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इसके बावजूद आज तक साइकिल नहीं मिली। ग्राम प्रधान से भी मजदूरी का भुगतान कराने की मांग की गई, लेकिन उन्होंने भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले की जांच कराकर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।