{"_id":"5c6affd9bdec2273a9249da9","slug":"indira-housing-s-linter-broken-three-brothers-and-sisters-drowned","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंदिरा आवास का लिंटर टूटा, तीन भाई-बहन दबे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंदिरा आवास का लिंटर टूटा, तीन भाई-बहन दबे
Tue, 19 Feb 2019 12:26 AM IST
gaurav gaurav
kannauj
kannauj
Published by: gaurav gaurav
Updated Tue, 19 Feb 2019 12:26 AM IST
विज्ञापन
इंदिरा आवास का गिरा लिंटर व लगी भीड़।
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत टिकरी कलसान में आठ साल पहले बने इंदिरा आवास का लिंटर टूटकर गिर गया। स्कूल का होमवर्क कर रहे तीन भाई-बहन दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए। इन्हें एंबुलेंस से सीएचसी भर्ती कराया गया। यहां से रेफर कर दिया गया।
टिकरी गांव निवासी दयाराम शंखवार पुत्र डम्मरलाल अपने बड़े पुत्र अमित के साथ सोमवार को गांव में मजदूरी करने गए थे। बेटा अनिल कुमार (5) कक्षा दो, अतुल कुमार (7) कक्षा तीन व पुत्री शांती (12) कक्षा पांच में गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने चले गए। यह स्कूल से लौटकर खाना खाने के बाद कमरे में बैठकर होमवर्क कर रहे थे। तभी आवास का लिंटर भरभरा कर गिर गया। तीनों इसमें दब गए। रेनू पत्नी अमित ने बताया कि सोमवार शाम पांच बजे के करीब दोनों देवर व ननद पढ़ाई कर रही थीं। वह मवेशियों को चारा डाल रही थीं। तभी मकान की छत ढह गई। तीनों दब गए। शोर की आवाज सुनकर पड़ोसी, सुनील, सत्यपाल, रामचंद्र आदि ने मलबा हटाकर बाहर निकाला। बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। एंबुलेंस के अरुण कुमार ने घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया। यहां से मेडिकल कालेज तिर्वा रेफर कर दिया गया।
विज्ञापन
टिकरी गांव निवासी दयाराम शंखवार पुत्र डम्मरलाल अपने बड़े पुत्र अमित के साथ सोमवार को गांव में मजदूरी करने गए थे। बेटा अनिल कुमार (5) कक्षा दो, अतुल कुमार (7) कक्षा तीन व पुत्री शांती (12) कक्षा पांच में गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने चले गए। यह स्कूल से लौटकर खाना खाने के बाद कमरे में बैठकर होमवर्क कर रहे थे। तभी आवास का लिंटर भरभरा कर गिर गया। तीनों इसमें दब गए। रेनू पत्नी अमित ने बताया कि सोमवार शाम पांच बजे के करीब दोनों देवर व ननद पढ़ाई कर रही थीं। वह मवेशियों को चारा डाल रही थीं। तभी मकान की छत ढह गई। तीनों दब गए। शोर की आवाज सुनकर पड़ोसी, सुनील, सत्यपाल, रामचंद्र आदि ने मलबा हटाकर बाहर निकाला। बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। एंबुलेंस के अरुण कुमार ने घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया। यहां से मेडिकल कालेज तिर्वा रेफर कर दिया गया।
विज्ञापन