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बजट के अभाव में अधूरे पड़े आवास
अमर उजाला कन्नाैैज
Updated Fri, 26 Jun 2015 11:20 PM IST
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जिले में प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी लोहिया आवास योजना कछुआ गति से चल रही है। लोहिया आवास पाने वाले 203 लाभार्थी अभी तक पहली किश्त का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा 424 सामान्य व 144 अनुसूचित जाति के लाभार्थियों को दूसरी किश्त नहीं मिली है।
वर्ष 2014-15 में लोहिया आवास के लिए चयनित 203 लाभार्थी ऐसे हैं जिनको निर्माण के लिए अभी तक प्रथम किश्त नहीं मिली है। इस कारण उनके आवासों का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। कभी विकास भवन तो कभी ब्लाक कार्यालयों के लाभार्थी चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन घर बनाने के लिए धनराशि कब तक मिलेगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
उधर अनुसूचित जाति के 144 व जनरल के 424 लाभार्थियों को लोहिया आवास पूर्ण करने के लिए दूसरी किश्त मिलनी है। पूरा बजट न मिल पाने के कारण अधूरे खड़े मकान गरीबों के किसी काम के नहीं हैं। परियोजना निदेशक एके सिंह कुशवाहा ने बताया कि विभागों को धनराशि का हस्तानांतरण की प्रक्रिया शासन से चल रही है।
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धनराशि आते ही जो भी गरीब शेष हैं उनको प्रथम व द्वितीय किश्त की धनराशि मुहैया कराई जाएगी। ताकि लोहिया आवास योजना को साकार किया जा सके। जनपद स्तर से जो भी औपचारिकताएं हैं उन्हें पूरा करके आख्या शासन को भेजी जा चुकी है। आवास बनाने की योजना बजट आवंटित करके पूरी कराई जाएगी।
जनप्रतिनिधि उदासीन, पब्लिक परेशान
लोहिया आवास योजना को समय से साकार करने के लिए जनप्रतिनिधि कोई प्रयास करते नजर नहीं आ रहे हैं। यही वजह है कि अफसर भी योजना को हल्के में ले रहे हैं। इसका खामियाजा गरीबों को शासन की योजना का लाभ मिलने में विलंब के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
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वर्ष 2014-15 में लोहिया आवास के लिए चयनित 203 लाभार्थी ऐसे हैं जिनको निर्माण के लिए अभी तक प्रथम किश्त नहीं मिली है। इस कारण उनके आवासों का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। कभी विकास भवन तो कभी ब्लाक कार्यालयों के लाभार्थी चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन घर बनाने के लिए धनराशि कब तक मिलेगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
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उधर अनुसूचित जाति के 144 व जनरल के 424 लाभार्थियों को लोहिया आवास पूर्ण करने के लिए दूसरी किश्त मिलनी है। पूरा बजट न मिल पाने के कारण अधूरे खड़े मकान गरीबों के किसी काम के नहीं हैं। परियोजना निदेशक एके सिंह कुशवाहा ने बताया कि विभागों को धनराशि का हस्तानांतरण की प्रक्रिया शासन से चल रही है।
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धनराशि आते ही जो भी गरीब शेष हैं उनको प्रथम व द्वितीय किश्त की धनराशि मुहैया कराई जाएगी। ताकि लोहिया आवास योजना को साकार किया जा सके। जनपद स्तर से जो भी औपचारिकताएं हैं उन्हें पूरा करके आख्या शासन को भेजी जा चुकी है। आवास बनाने की योजना बजट आवंटित करके पूरी कराई जाएगी।
जनप्रतिनिधि उदासीन, पब्लिक परेशान
लोहिया आवास योजना को समय से साकार करने के लिए जनप्रतिनिधि कोई प्रयास करते नजर नहीं आ रहे हैं। यही वजह है कि अफसर भी योजना को हल्के में ले रहे हैं। इसका खामियाजा गरीबों को शासन की योजना का लाभ मिलने में विलंब के रूप में भुगतना पड़ रहा है।