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रात्रि की सख्ती सुबह आई काम
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Fri, 30 Oct 2015 12:24 AM IST
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उमर्दा व हसेरन विकास खंड में शांतिपूर्ण ढंग से
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संपन्न कराने को बुधवार की पूरी रात्रि जिला प्रशासन की कवायद गुरुवार की
सुबह कामयाब दिखाई दी। प्रशासनिक अधिकारियों ने योजनाबद्ध ढंग से रैपिड
एक्शन फोर्स के साथ बाहुबली उम्मीदवारों के क्षेत्र में सघन अभियान चलाया।
इस अभियान के दौरान प्रत्याशियों के अलावा कई जनप्रतिनिधि पूर्व विधायक व विधायक भी जद में आए। कई नेताओं को आरएएफ ने लाठियां लेकर दौड़ाया। सभी के साथ प्रशासन ने कड़ा रवैया अपनाया। यही खास वजह रही कि चौथे चरण का चुनाव बिना हिंसा के संपन्न हो गया।
चुनाव को शांति पूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए उमर्दा व हसेरन के नौ जोनल मजिस्ट्रेटों को रैपिड एक्शन फोर्स उपलब्ध कराया गया। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से जोनल मजिस्ट्रेटों को हिदायत दी कि रात्रि के दौरान उम्मीदवार व उनके समर्थक शराब, पैसा व साड़ी आदि बांटकर मतदाताओं को प्रभावित कर सकते हैं।
ऐसी संभावनाएं कुछ खास क्षेत्रों में अधिक जताई गई। जहां कि प्रत्याशी धनबल व बाहुबल से लैस थे। जोनल मजिस्ट्रेटों ने भी पूरी रात्रि अभियान चलाया। शराब बांटने के आरोप में एक प्रत्याशी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। वहीं इंदरगढ़ क्षेत्र में एक प्रत्याशी के पति द्वारा शराब व साड़ी बांटे जाने पर सीओ तिर्वा व जोनल मजिस्ट्रेट पहुंचे।
अधिकारियों को देख शराब बांटने वाले फरार हो गए। सीओ ने प्रत्याशी पति से पूछताछ की। इसी तरह प्रशासन को सूचना मिली कि नादेमऊ के पास एक गाड़ी में शराब, पैसा बांटने के लिए ले जाया जा रहा है। इस पर जोनल मजिस्ट्रेट ने आरएएफ के साथ घेराबंदी की। बाद में पता चला कि यह गाड़ी एक विधायक की है।
इस पर मजिस्ट्रेट ने उनसे वापस जाने का अनुरोध किया। प्रशासन की सक्रिय के चलते गाड़ी वापस लौट गई। इसी तरह कलसान, भजौरिया व लेलेपुर में भी एक प्रत्याशी के समर्थन में दो पूर्व विधायकों ने भी इस तरह की कोशिश की, पर प्रशासन ने इन कोशिशों को नाकाम कर दिया।
इस अभियान के दौरान प्रत्याशियों के अलावा कई जनप्रतिनिधि पूर्व विधायक व विधायक भी जद में आए। कई नेताओं को आरएएफ ने लाठियां लेकर दौड़ाया। सभी के साथ प्रशासन ने कड़ा रवैया अपनाया। यही खास वजह रही कि चौथे चरण का चुनाव बिना हिंसा के संपन्न हो गया।
चुनाव को शांति पूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए उमर्दा व हसेरन के नौ जोनल मजिस्ट्रेटों को रैपिड एक्शन फोर्स उपलब्ध कराया गया। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से जोनल मजिस्ट्रेटों को हिदायत दी कि रात्रि के दौरान उम्मीदवार व उनके समर्थक शराब, पैसा व साड़ी आदि बांटकर मतदाताओं को प्रभावित कर सकते हैं।
ऐसी संभावनाएं कुछ खास क्षेत्रों में अधिक जताई गई। जहां कि प्रत्याशी धनबल व बाहुबल से लैस थे। जोनल मजिस्ट्रेटों ने भी पूरी रात्रि अभियान चलाया। शराब बांटने के आरोप में एक प्रत्याशी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। वहीं इंदरगढ़ क्षेत्र में एक प्रत्याशी के पति द्वारा शराब व साड़ी बांटे जाने पर सीओ तिर्वा व जोनल मजिस्ट्रेट पहुंचे।
अधिकारियों को देख शराब बांटने वाले फरार हो गए। सीओ ने प्रत्याशी पति से पूछताछ की। इसी तरह प्रशासन को सूचना मिली कि नादेमऊ के पास एक गाड़ी में शराब, पैसा बांटने के लिए ले जाया जा रहा है। इस पर जोनल मजिस्ट्रेट ने आरएएफ के साथ घेराबंदी की। बाद में पता चला कि यह गाड़ी एक विधायक की है।
इस पर मजिस्ट्रेट ने उनसे वापस जाने का अनुरोध किया। प्रशासन की सक्रिय के चलते गाड़ी वापस लौट गई। इसी तरह कलसान, भजौरिया व लेलेपुर में भी एक प्रत्याशी के समर्थन में दो पूर्व विधायकों ने भी इस तरह की कोशिश की, पर प्रशासन ने इन कोशिशों को नाकाम कर दिया।