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डीएनए सैंपल जांच के लिए जाएगा हैदराबाद
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छिबरामऊ(कन्नौज)। जीटी रोड पर घिलोई गांव के सामने दस जनवरी को हुए स्लीपर बस हादसे में मारे गए लोगों के बारे में पता लगाने के लिए मृतकों के परिजनों का डीएनए सैंपल तीसरी बार लखनऊ की फोरेंसिक लैब से वापस कर दिया गया। इसके पीछे अभिलेखों की कमी बताई गई है। अब यह सैंपल लखनऊ से हैदराबाद फोरेंसिक लैब जांच के लिए भेजा जाएगा।
थाना प्रभारी शैलेंद्र मिश्रा ने बताया कि स्लीपर बस और ट्रक में भीषण भिड़ंत हो गई थी। हादसे में बस पर सवार कई लोगों की मौत हो गई थी। ट्रक चालक की भी जान गई थी। हादसे को 20 दिन बीतने को हैं, लेकिन मृतकों के बारे में कुछ पता नहीं चला है। हादसे का शिकार लोगों की शिनाख्त के लिए पुलिस ने डीएनए टेस्ट कराने का फैसला लिया था। इसके लिए मृतकों के परिजनों के रक्त का नमूना लिया गया था। पुलिस ने इसे डीएनए टेस्ट के लिए लखनऊ की फोरेंसिक लैब भेजा था।
अभिलेखीय कमी के चलते लैब ने तीसरी बार सैंपल को लौटा दिया है। लैब से एक फार्म भेजा गया है। इसमें दिए गए बिंदुओं को पूरा कर फिर सैंपल भेजा जाएगा। अबकी बार यह सैंपल लखनऊ से हैदराबाद स्थित फोरेंसिक लैब जाएगा, जहां डीएनए सैंपल की जांच होगी। घिलोई गांव के सामने हुई हादसे में स्लीपर बस पर सवार 32 यात्री घायल हुए थे। प्रशासन ने हादसे में 11 लोगों की मौत होने की बात कही थी।
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जांच के लिए इनका लिया गया सैंपल
पुलिस ने हादसे का शिकार नूरी की मां हसीन बानो पत्नी सफीउल्ला, कासगंज निवासी, नूरी के पति नाजिम वारसी पुत्र वसीम, भाई जुबैर उर्फ राजा टेलर, नूरी के पुत्र अनस, फर्रुखाबाद के कमालगंज के उगरापुर गांव निवासी लईक के भाई रहीस अहमद पुत्र मोहम्मद उमर, लापता शाहिदा की मां कानपुर नगर के फेथफुल गंज निवासी शहजहां बेगम पत्नी मोहम्मद इरफान, अमोलर निवासी लापता प्रिया की मां उर्मिला देवी व उसके पुत्र सचिन व धीरज का ब्लड सैंपल विधि विज्ञान प्रयोगशाला भिजवाया था।
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थाना प्रभारी शैलेंद्र मिश्रा ने बताया कि स्लीपर बस और ट्रक में भीषण भिड़ंत हो गई थी। हादसे में बस पर सवार कई लोगों की मौत हो गई थी। ट्रक चालक की भी जान गई थी। हादसे को 20 दिन बीतने को हैं, लेकिन मृतकों के बारे में कुछ पता नहीं चला है। हादसे का शिकार लोगों की शिनाख्त के लिए पुलिस ने डीएनए टेस्ट कराने का फैसला लिया था। इसके लिए मृतकों के परिजनों के रक्त का नमूना लिया गया था। पुलिस ने इसे डीएनए टेस्ट के लिए लखनऊ की फोरेंसिक लैब भेजा था।
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अभिलेखीय कमी के चलते लैब ने तीसरी बार सैंपल को लौटा दिया है। लैब से एक फार्म भेजा गया है। इसमें दिए गए बिंदुओं को पूरा कर फिर सैंपल भेजा जाएगा। अबकी बार यह सैंपल लखनऊ से हैदराबाद स्थित फोरेंसिक लैब जाएगा, जहां डीएनए सैंपल की जांच होगी। घिलोई गांव के सामने हुई हादसे में स्लीपर बस पर सवार 32 यात्री घायल हुए थे। प्रशासन ने हादसे में 11 लोगों की मौत होने की बात कही थी।
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जांच के लिए इनका लिया गया सैंपल
पुलिस ने हादसे का शिकार नूरी की मां हसीन बानो पत्नी सफीउल्ला, कासगंज निवासी, नूरी के पति नाजिम वारसी पुत्र वसीम, भाई जुबैर उर्फ राजा टेलर, नूरी के पुत्र अनस, फर्रुखाबाद के कमालगंज के उगरापुर गांव निवासी लईक के भाई रहीस अहमद पुत्र मोहम्मद उमर, लापता शाहिदा की मां कानपुर नगर के फेथफुल गंज निवासी शहजहां बेगम पत्नी मोहम्मद इरफान, अमोलर निवासी लापता प्रिया की मां उर्मिला देवी व उसके पुत्र सचिन व धीरज का ब्लड सैंपल विधि विज्ञान प्रयोगशाला भिजवाया था।