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एजेंटों ने कितने टिकट किए थे जारी...नहीं लगा पता
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जीटी रोड स्थित ताऊ ढाबे के सामने खेत में खड़ी जली बस।
- फोटो : CHIBRAMAU
कन्नौज। 10 जनवरी को हादसे के दिन गुरसहायगंज और छिबरामऊ स्थित विमल बस सर्विस के एजेंटों की ओर से कितने टिकट यात्रियों को जारी किए गए थे इसकी जानकारी एडीएम को 10 दिन बाद भी नहीं मिल पाई है। पुलिस की ओर से जानकारी उपलब्ध न कराए जाने से जांच लटकी है। जांच 30 जनवरी तक पूरी करने के निर्देश जिलाधिकारी रवींद्र कुमार की ओर से दिए गए थे।
गुरसहायगंज और छिबरामऊ में एजेंटों से टिकट लेकर विमल बस सर्विस में सवार होने वाले यात्रियों की संख्या जानने के लिए पुलिस एडीएम को भी टहला रही है। जांच पूरी करने के लिए यह अहम बिंदु है, लेकिन पुलिस की ओर से इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
मजिस्ट्रेटी जांच कर रहे एडीएम गजेंद्र कुमार ने बताया कि पत्र जारी कर करीब 10 दिन पहले इस विषय पर जानकारी मांगी गई थी। अभी तक पुलिस ने इस बारे में कुछ नहीं बताया है। पुलिस का जवाब आने के बाद वह स्थानीय लोगों के भी बयान दर्ज करेंगे। 15 से 20 जनवरी तक सिर्फ दस लोगों ने ही बयान दर्ज कराए हैं। उम्मीद है कि कई और भी लोग ऐसे हो सकते हैं जो हादसे के बारे में ज्यादा जानकारी रखते हैं लेकिन किन्हीं कारणों से वह उन तक नहीं पहुंच पाए।
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जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने 15 जनवरी को मजिस्ट्रेटी जांच के निर्देश दिए थे। 30 जनवरी तक जांच पूरी कर रिपोर्ट देनी थी। अभी तक जांच रफ्तार तक नहीं पकड़ सकी है। एडीएम गजेंद्र कुमार ने बताया कि उम्मीद है कि अभी जांच पूरी करने में 10 से 15 दिन का वक्त लग सकता है।
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गुरसहायगंज और छिबरामऊ में एजेंटों से टिकट लेकर विमल बस सर्विस में सवार होने वाले यात्रियों की संख्या जानने के लिए पुलिस एडीएम को भी टहला रही है। जांच पूरी करने के लिए यह अहम बिंदु है, लेकिन पुलिस की ओर से इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
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मजिस्ट्रेटी जांच कर रहे एडीएम गजेंद्र कुमार ने बताया कि पत्र जारी कर करीब 10 दिन पहले इस विषय पर जानकारी मांगी गई थी। अभी तक पुलिस ने इस बारे में कुछ नहीं बताया है। पुलिस का जवाब आने के बाद वह स्थानीय लोगों के भी बयान दर्ज करेंगे। 15 से 20 जनवरी तक सिर्फ दस लोगों ने ही बयान दर्ज कराए हैं। उम्मीद है कि कई और भी लोग ऐसे हो सकते हैं जो हादसे के बारे में ज्यादा जानकारी रखते हैं लेकिन किन्हीं कारणों से वह उन तक नहीं पहुंच पाए।
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जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने 15 जनवरी को मजिस्ट्रेटी जांच के निर्देश दिए थे। 30 जनवरी तक जांच पूरी कर रिपोर्ट देनी थी। अभी तक जांच रफ्तार तक नहीं पकड़ सकी है। एडीएम गजेंद्र कुमार ने बताया कि उम्मीद है कि अभी जांच पूरी करने में 10 से 15 दिन का वक्त लग सकता है।