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हिंदी से पहचान हमारी, हिंदी से सम्मान है
अमर उजाला ब्यूरो कन्नौज
Updated Sat, 19 Sep 2015 12:07 AM IST
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हिंदी सप्ताह के तहत नगर के नेहरू महाविद्यालय में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें नगर क्षेत्र के ख्याति कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से हिंदी की महिमा का गुणगान किया।
मुख्य अतिथि शोभा मिश्रा ने काव्य गोष्ठी का शुभारंभ किया। सचिव इंदिरा दुबे की अध्यक्षता और डॉ. वीएन राय के संचालन में आयोजित गोष्ठी में बीए के छात्र भानुप्रसाद ने हिंदी गौरव से संबंधित कविता प्रस्तुत की। गोष्ठी में वरिष्ठ कवि ओमप्रकाश शुक्ल अज्ञात ने ...हिंदी से पहचान हमारी, हिंदी से सम्मान है, हिंदी जन-गण मन की भाषा, हिंदी हिंदुस्तान है, कविता के माध्यम से हिंदी को महिमा मंडित किया।
कवि कौशलकिशोर चतुर्वेदी ने ...आंधी में निर्जीव पत्तियां छू लेती आकाश, आंधी जिनकी मुठ्ठी में हो वह रचते इतिहास, रचना पढ़ी। डॉ. श्यामकिशोर दुबे ने ...भाषा शब्दों को शक्ति दिया करती है, भाषा स्वर को अभिव्यक्ति किया करती है। विद्यासागर तिवारी ने ...पंत प्रसाद निराला, मीरा-तुलसी और कबीर इन सबने मिलकर लिखी है हिंदी की तकदीर।
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इंजी.सुप्रभाष सक्सेना ने ...सत्य तो है तड़ित रेखा, गहन तम को चीरती है। बाल कवि प्रभाष मिश्र प्रियभाष ने ...यदि में बानर होता कविता प्रस्तुत की। हेतराम शाक्य ने ...अपने जीने का सहारा तलाश करता हूं गजल सुनाई। आत्माराम शर्मा ने ...मां ने उंगली पकड़कर चलाया हमें, लोरियां गाके हर दिन सुलाया हमें कविता की पंक्तियां प्रस्तुत की।
पूर्व प्रवक्ता अवधेशचंद्र पाठक की रचनाएं भी काफी सराही गई। गोष्ठी का संचालन कर रहे डॉ. वीएन राय की पंक्तियां ...भरा पेट तो ईद है, खाली तो रमजान, भूखे का तो पेट ही दीन धर्म ईमान काफी सराही गई। कालेज की प्राचार्य डॉ. अजिता त्रिपाठी अवस्थी और अभिव्यक्ति साहित्यक एवं सांस्कृतिक प्रकोष्ठ की संयोजक डॉ. बबिता यादव ने आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में डॉ.आरएन राय, डॉ. जयवीर सिंह, डॉ. यूपी सिंह, डॉ. बीबी सिंह, सर्वेश कुमार, एसएन मौर्या, अमित शुक्ला, मो.साबिर, आशीर्वाद दुबे, गौरव मिश्रा, शांतनु शुक्ला आदि मौजूद रहे।
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मुख्य अतिथि शोभा मिश्रा ने काव्य गोष्ठी का शुभारंभ किया। सचिव इंदिरा दुबे की अध्यक्षता और डॉ. वीएन राय के संचालन में आयोजित गोष्ठी में बीए के छात्र भानुप्रसाद ने हिंदी गौरव से संबंधित कविता प्रस्तुत की। गोष्ठी में वरिष्ठ कवि ओमप्रकाश शुक्ल अज्ञात ने ...हिंदी से पहचान हमारी, हिंदी से सम्मान है, हिंदी जन-गण मन की भाषा, हिंदी हिंदुस्तान है, कविता के माध्यम से हिंदी को महिमा मंडित किया।
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कवि कौशलकिशोर चतुर्वेदी ने ...आंधी में निर्जीव पत्तियां छू लेती आकाश, आंधी जिनकी मुठ्ठी में हो वह रचते इतिहास, रचना पढ़ी। डॉ. श्यामकिशोर दुबे ने ...भाषा शब्दों को शक्ति दिया करती है, भाषा स्वर को अभिव्यक्ति किया करती है। विद्यासागर तिवारी ने ...पंत प्रसाद निराला, मीरा-तुलसी और कबीर इन सबने मिलकर लिखी है हिंदी की तकदीर।
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इंजी.सुप्रभाष सक्सेना ने ...सत्य तो है तड़ित रेखा, गहन तम को चीरती है। बाल कवि प्रभाष मिश्र प्रियभाष ने ...यदि में बानर होता कविता प्रस्तुत की। हेतराम शाक्य ने ...अपने जीने का सहारा तलाश करता हूं गजल सुनाई। आत्माराम शर्मा ने ...मां ने उंगली पकड़कर चलाया हमें, लोरियां गाके हर दिन सुलाया हमें कविता की पंक्तियां प्रस्तुत की।
पूर्व प्रवक्ता अवधेशचंद्र पाठक की रचनाएं भी काफी सराही गई। गोष्ठी का संचालन कर रहे डॉ. वीएन राय की पंक्तियां ...भरा पेट तो ईद है, खाली तो रमजान, भूखे का तो पेट ही दीन धर्म ईमान काफी सराही गई। कालेज की प्राचार्य डॉ. अजिता त्रिपाठी अवस्थी और अभिव्यक्ति साहित्यक एवं सांस्कृतिक प्रकोष्ठ की संयोजक डॉ. बबिता यादव ने आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में डॉ.आरएन राय, डॉ. जयवीर सिंह, डॉ. यूपी सिंह, डॉ. बीबी सिंह, सर्वेश कुमार, एसएन मौर्या, अमित शुक्ला, मो.साबिर, आशीर्वाद दुबे, गौरव मिश्रा, शांतनु शुक्ला आदि मौजूद रहे।