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पैसा नहीं मिला तो जीटी रोड जाम किया
अमर उजाला ब्यूरो, कन्नौज
Updated Thu, 24 Nov 2016 11:36 PM IST
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बैंक के बाहर हंगामा करते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जसोदा कस्बे की आर्यावर्त ग्रामीण बैंक शाखा में कैश न होने के चलते लाइन में लगे लोगों ने आपा खो दिया और जीटी रोड जाम कर दिया। एक घंटे तक हंगामा चलता रहा। सूचना पर पहुंचे जसोदा चौकी प्रभारी शोएब खान ने किसी तरह लोगों को समझा-बुझाकर रोड खुलवाया। तब जाकर यातायात सुचारु हो सका। उमा देवी ने बताया कि पुत्री की शादी 12 दिसंबर को है और मैं बैंक में चार दिनाें से चक्कर लगा रही हूं।
हर बार 20 हजार का ही ड्राफ्ट भरती हूं लेकिन मैनेजर रोज बता रहें कि पैसा ही नहीं है। रमेश चंद्र ने बताया कि 25 नवंबर को शादी है पैसों की जरूरत है। पैसों के लिए कहता रहता हूं लेकिन बैंक प्रबंधन कहना रहता है कि पैसा नहीं हैं। कोई सही जवाब नहीं दे रहा है। बिट्टन देवी ने बताया कि मेरे ससुर की मृत्यु हो गई है उनकी तेरहवीं संस्कार के लिए पैसों की आवश्यकता बनी हुई है। लेकिन बैंक वाले पैसा नहीं है, पैसा नहीं है कहकर रोज दौड़ा रहे हैं।
सुभाष चंद्र ने बताया कि शाखा में जितना भी पैसा आ रहा है प्रबंधक उसमें से कुछ पैसा ही बांट रहे हैं। बाकी कस्बे के बड़े व्यापारियाें व कुछ खास चिह्नित लोगाें को दिया जा रहा है। शाखा प्रबंधक हीरालाल ने बताया कि उनकी शाखा में आज देने के लिए कैश ही नहीं है। बुधवार को दो लाख रुपया आया। उन्हें बैंक उपभोक्ताओं में वितरित कर दिया गया। गुरुवार को 25 हजार के दस-दस के सिक्के मिले हैं। जिन्हें भी वितरित कर दिया।
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हर बार 20 हजार का ही ड्राफ्ट भरती हूं लेकिन मैनेजर रोज बता रहें कि पैसा ही नहीं है। रमेश चंद्र ने बताया कि 25 नवंबर को शादी है पैसों की जरूरत है। पैसों के लिए कहता रहता हूं लेकिन बैंक प्रबंधन कहना रहता है कि पैसा नहीं हैं। कोई सही जवाब नहीं दे रहा है। बिट्टन देवी ने बताया कि मेरे ससुर की मृत्यु हो गई है उनकी तेरहवीं संस्कार के लिए पैसों की आवश्यकता बनी हुई है। लेकिन बैंक वाले पैसा नहीं है, पैसा नहीं है कहकर रोज दौड़ा रहे हैं।
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सुभाष चंद्र ने बताया कि शाखा में जितना भी पैसा आ रहा है प्रबंधक उसमें से कुछ पैसा ही बांट रहे हैं। बाकी कस्बे के बड़े व्यापारियाें व कुछ खास चिह्नित लोगाें को दिया जा रहा है। शाखा प्रबंधक हीरालाल ने बताया कि उनकी शाखा में आज देने के लिए कैश ही नहीं है। बुधवार को दो लाख रुपया आया। उन्हें बैंक उपभोक्ताओं में वितरित कर दिया गया। गुरुवार को 25 हजार के दस-दस के सिक्के मिले हैं। जिन्हें भी वितरित कर दिया।
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