फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   Giving fodder for the cows dung

गोबर लेकर गायों के लिए दे रहे भूसा

Mon, 27 Mar 2017 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज Updated Mon, 27 Mar 2017 11:58 PM IST
विज्ञापन
Giving fodder for the cows dung
गोशाला में मवेशी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

योगी के सीएम बनते ही गोपाल व गोशाला संचालक खुश नजर आ रहे हैं। सभी को आस है कि भाजपा सरकार गोवंश की रक्षा के लिए गोशालाओं को बढ़ावा देगी। उन्हें प्रोत्साहित करेगी। श्रीकृष्ण गोशाला समिति की गायों का पेट भरने में गुलरिया के बड़े काश्तकार अमिताभ मदद कर रहे हैं। गोशाला की कोषाध्यक्ष आशा देवी कहती हैं कि अमिताभ 300 बीघा फसल का भूसा गोशाला को दान दे देते हैं। इसके बदले उन्हें गोशाला से गोबर मिल जाता है। संचालक का कहना है कि पैसा बचाने के लिए परिवार के सदस्य भी लेबरों के साथ गोसेवा में लगे रहते हैं। गायों को पालने के लिए ग्रामीण ले जाते हैं। गाय ले जाने के लिए वह 21 रुपये की रसीद काटते हैं। बाद में यह लोग गायों को वापस गोशाला में छोड़ जाते हैं।

विज्ञापन


सात साल में 28 हजार मिली सरकारी मदद
65 से अधिक गायों की इस गोशाला को सरकारी मदद की आस है। गोशाला के संचालक अमित कुमार बताते हैं कि सात साल में सरकारी मदद के नाम पर मात्र दो बार पैसा मिला है। एक बार 18 हजार 400 रुपये व दूसरी बार 10 हजार रुपये ही मदद मिली है। इतने पैसे में एक माह भी चारा नहीं खिलाया जा सकता है। अब भाजपा सरकार से उम्मीदें जगी हैं। क्षेत्र में चारागाह के लिए 450 बीघा जमीन है लेकिन स्थानीय प्रशासन की अनदेखी के चलते चारागाह सूखे पड़े हैं। पशुओं के लिए चारा का संकट है। चारागाह ही हरे-भरे हो जाएं तो पशुपालकों के चारे की समस्या हल हो जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed