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कुसुमखोर में गंगा पुल बनाने को हरी झंडी
अमर उजाला कन्नाैैज
Updated Sun, 08 Mar 2015 11:06 PM IST
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हरदोई और कन्नौज जिले के कटरी क्षेत्र में विकास को रफ्तार देने के लिए प्रदेश सरकार ने गंगा के कुसुमखोर घाट पर पुल निर्माण को हरी झंडी दे दी है। पुल निर्माण के लिए पहली किश्त के रूप में सात करोड़ रुपये का बजट भी पास कर दिया है। इसके बनने से दोनों जिलों के सीमावर्ती करीब एक सैकड़ा गांव के लोग सीधे आरपार जा सकेंगे। साथ ही कृषि और व्यापारिक गतिविधियां बढ़ने से किसानों की आमदनी बढ़ेगी।
जलालाबाद विकास खंड में कुसुमखोर घाट पर आजादी के बाद से ही पुल निर्माण की मांग उठती रही है। अस्सी के दशक में कन्नौज से सांसद रहे डा. राम मनोहर लोहिया ने पुल बनवाने का मुद्दा दिल्ली में उठाकर पहल की थी। लेकिन उनकी कोशिश कामयाब नहीं हो सकी। कई लोकसभा व विधानसभा चुनावों में यह मुद्दा उठाया गया। अमर उजाला ने भी इस समस्या को प्रकाशित कर शासन-प्रशासन का ध्यान इस ओर पहुंचाया।
सूबे में सपा की सरकार बनने के बाद वर्ष 2012 में सीएम अखिलेश यादव ने पुल निर्माण के लिए सर्वे शुरू कराया। तात्कालिक तौर पर जनता को राहत दिलाने के इरादे से उन्होंने इलाहाबाद के संगम तट से पीपे मंगवाकर पीपों का अस्थाई पुल बनवाकर आवागमन शुरू कराया। इससे थोड़ी राहत मिली पर बरसात के मौसम में जब गंगा उफान पर होती हैं तो कई महीने तक यह पुल बंद हो जाता है।
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हाल ही में सीएम ने इस प्रोजेक्ट पर ध्यान दिया तो पुल निर्माण की सारी बाधाएं कुछ महीनों में ही दूर हो गईं। पुल निर्माण की जिम्मेदारी सेतु निगम को सौंपी गई है। सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक गेंदालाल ने बताया कि कुसुमखोर घाट पर 1338 मीटर लंबा पक्का पुल बनेगा। इसकी चौड़ाई साढ़े सात मीटर होगी। यह पुल 45 खंभों पर टिका होगा। पुल की लागत 57 करोड़ रुपये आएगी। पहली किश्त में प्रदेश सरकार ने सात करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।
परियोजना प्रबंधक के अनुसार मिट्टी की टेस्टिंग इसी सप्ताह शुरू हो जाएगी। कागजी औपचारिकताएं लगभग पूरी हैं। मुख्यमंत्री खुद इस पुल का शिलान्यास करेंगे। इसी महीने से पुल के निर्माण का कार्य शुरू करा देंगे। यह पुल तीन साल में बनकर तैयार हो जाएगा। पुल के दोनों तरफ 2 से 3 किमी लंबा पहुंच मार्ग बनेगा। इसकी जिम्मेदारी लोकनिर्माण विभाग को दी गई है।
महादेवी घाट से लंबा होगा कुसुमखोर पुल
मौजूदा समय में कन्नौज जनपद की सीमा में गंगा नदी पर सिर्फ एक पुल है। यह मेहंदीपुर गांव में स्थित है। कुसुमखोर घाट पर बनने वाला पुल इससे लंबा होगा। इन दोनों पुलों के बीच की दूरी लगभग 18 किमी होगी।
...तो सब्जियां होंगी और सस्ती
गंगा नदी के दूसरी तरफ हरदोई जिले के लोग बड़े पैमाने पर सब्जियों की खेती करते हैं। पुल न होने के कारण ज्यादातर किसान मौजूदा समय में अपनी सब्जियां वहीं पर औने-पौने दामों में बेचने को मजबूर हैं। पक्का पुल बनने के बाद हरदोई जिले के किसान अपनी सब्जियों को कन्नौज के कसबा गुरसहायगंज, जसोदा व जिला मुख्यालय वाहनों के जरिए ला सकेंगे। इससे हरदोई के किसानों को लाभ होगा। उनकी आर्थिक स्थिति संवरेगी, वहीं कन्नौज में सब्जियों की आवक बढ़ने पर खरीददारों के लिए सब्जियों के दाम सस्ते होंगे।
इन गांवों के लोग होंगे सीधे लाभांवित
हरदोई के गांव- अमरौली, जसमई, मंसूरापुर, डिगनी, तेरा, कुचला, विसंधुआ, मेहंदीपुर, मुर्रा, श्रीमऊ, मंसूरपुर पंजा, सांडी। कन्नौज के गांव- गोसाईंदासपुर, कुसुमखोर, गुरसहायगंज, चांदापुर, जसोदा, इब्राहिमपुर, सौंसरापुर, मिरगांवा, चियासर, कूल्हापुर आदि।
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जलालाबाद विकास खंड में कुसुमखोर घाट पर आजादी के बाद से ही पुल निर्माण की मांग उठती रही है। अस्सी के दशक में कन्नौज से सांसद रहे डा. राम मनोहर लोहिया ने पुल बनवाने का मुद्दा दिल्ली में उठाकर पहल की थी। लेकिन उनकी कोशिश कामयाब नहीं हो सकी। कई लोकसभा व विधानसभा चुनावों में यह मुद्दा उठाया गया। अमर उजाला ने भी इस समस्या को प्रकाशित कर शासन-प्रशासन का ध्यान इस ओर पहुंचाया।
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सूबे में सपा की सरकार बनने के बाद वर्ष 2012 में सीएम अखिलेश यादव ने पुल निर्माण के लिए सर्वे शुरू कराया। तात्कालिक तौर पर जनता को राहत दिलाने के इरादे से उन्होंने इलाहाबाद के संगम तट से पीपे मंगवाकर पीपों का अस्थाई पुल बनवाकर आवागमन शुरू कराया। इससे थोड़ी राहत मिली पर बरसात के मौसम में जब गंगा उफान पर होती हैं तो कई महीने तक यह पुल बंद हो जाता है।
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हाल ही में सीएम ने इस प्रोजेक्ट पर ध्यान दिया तो पुल निर्माण की सारी बाधाएं कुछ महीनों में ही दूर हो गईं। पुल निर्माण की जिम्मेदारी सेतु निगम को सौंपी गई है। सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक गेंदालाल ने बताया कि कुसुमखोर घाट पर 1338 मीटर लंबा पक्का पुल बनेगा। इसकी चौड़ाई साढ़े सात मीटर होगी। यह पुल 45 खंभों पर टिका होगा। पुल की लागत 57 करोड़ रुपये आएगी। पहली किश्त में प्रदेश सरकार ने सात करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।
परियोजना प्रबंधक के अनुसार मिट्टी की टेस्टिंग इसी सप्ताह शुरू हो जाएगी। कागजी औपचारिकताएं लगभग पूरी हैं। मुख्यमंत्री खुद इस पुल का शिलान्यास करेंगे। इसी महीने से पुल के निर्माण का कार्य शुरू करा देंगे। यह पुल तीन साल में बनकर तैयार हो जाएगा। पुल के दोनों तरफ 2 से 3 किमी लंबा पहुंच मार्ग बनेगा। इसकी जिम्मेदारी लोकनिर्माण विभाग को दी गई है।
महादेवी घाट से लंबा होगा कुसुमखोर पुल
मौजूदा समय में कन्नौज जनपद की सीमा में गंगा नदी पर सिर्फ एक पुल है। यह मेहंदीपुर गांव में स्थित है। कुसुमखोर घाट पर बनने वाला पुल इससे लंबा होगा। इन दोनों पुलों के बीच की दूरी लगभग 18 किमी होगी।
...तो सब्जियां होंगी और सस्ती
गंगा नदी के दूसरी तरफ हरदोई जिले के लोग बड़े पैमाने पर सब्जियों की खेती करते हैं। पुल न होने के कारण ज्यादातर किसान मौजूदा समय में अपनी सब्जियां वहीं पर औने-पौने दामों में बेचने को मजबूर हैं। पक्का पुल बनने के बाद हरदोई जिले के किसान अपनी सब्जियों को कन्नौज के कसबा गुरसहायगंज, जसोदा व जिला मुख्यालय वाहनों के जरिए ला सकेंगे। इससे हरदोई के किसानों को लाभ होगा। उनकी आर्थिक स्थिति संवरेगी, वहीं कन्नौज में सब्जियों की आवक बढ़ने पर खरीददारों के लिए सब्जियों के दाम सस्ते होंगे।
इन गांवों के लोग होंगे सीधे लाभांवित
हरदोई के गांव- अमरौली, जसमई, मंसूरापुर, डिगनी, तेरा, कुचला, विसंधुआ, मेहंदीपुर, मुर्रा, श्रीमऊ, मंसूरपुर पंजा, सांडी। कन्नौज के गांव- गोसाईंदासपुर, कुसुमखोर, गुरसहायगंज, चांदापुर, जसोदा, इब्राहिमपुर, सौंसरापुर, मिरगांवा, चियासर, कूल्हापुर आदि।