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‘धार्मिक कार्यों में लगाएं मन’
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Fri, 26 Feb 2016 12:24 AM IST
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यज्ञ का आयोजन कराया गया है। इस दौरान भगवान की महिमा का वर्णन किया गया और
आपसी वैरभाव भूलकर नेक एवं धार्मिक कार्यों में मन लगाने का आह्वान किया
गया।
कथा के चौथे दिन गुरुवार को श्रीमद्भागवत कथा में प्रवक्ता डा. ध्रुव महाराज ने कहा कि भक्ति मार्ग पर अटल विश्वास रखने वाला ध्रुव जैसा होना चाहिए। तभी मानव को सफलता मिलती है। पांच वर्षीय ध्रुव ने कठिन तपस्या करके भगवान की गोद प्राप्त की। इसी तरह मानव मनोयोग पूर्ण प्रभु की साधना करके संसार में सर्वश्रेष्ठ स्थान हासिल कर सकता है।
उधर, गांव बरई के प्रसिद्ध भोलेनाथ मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा से पहले दोपहिया व चौपहिया वाहन से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा निकाली। इसमें लोग बैंडबाजे बजाते हुए चल रहे थे। सुबह मंदिर परिसर से शुरू हुई शोभायात्रा सलेमपुर, सुतहा, तिलक सराय, बगुलिहाई, सकरवारा, बजरंगबली मंदिर ताहपुर, रंभकपुरवा, आसमपुर पुखरावां, अकरमाबाद, गोविंदपुर गांव का भ्रमण करते हुए वापस लौटी।
इस दौरान भक्तों ने जय भोले के जयकारे लगे। अबीर गुलाल उड़ाते हुए नृत्य किया। शोभायात्रा में शिव पार्वती, मां दुर्गा, राम सीता, राधाकृष्ण की सजीव झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। शोभायात्रा अंत में मंदिर पांडाल पहुंचकर समाप्त हुई। यहां वेदनारायन त्रिपाठी ने विधिविधान से वैदिक मंत्रोच्चारण व हवन पूजन कर भोलेनाथ की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की।
बाद में महाआरती व प्रसाद वितरण का दौर चला। इस मौके पर संरक्षक मलखान सिंह, रामपाल, रामनाथ, बाबूराम, जिलेदार, गंगा सिंह, मेघनाथ, वीरपाल, नेत्रपाल और चंद्रप्रकाश समेत दर्जनों लोग मौजूद थे।
कथा के चौथे दिन गुरुवार को श्रीमद्भागवत कथा में प्रवक्ता डा. ध्रुव महाराज ने कहा कि भक्ति मार्ग पर अटल विश्वास रखने वाला ध्रुव जैसा होना चाहिए। तभी मानव को सफलता मिलती है। पांच वर्षीय ध्रुव ने कठिन तपस्या करके भगवान की गोद प्राप्त की। इसी तरह मानव मनोयोग पूर्ण प्रभु की साधना करके संसार में सर्वश्रेष्ठ स्थान हासिल कर सकता है।
उधर, गांव बरई के प्रसिद्ध भोलेनाथ मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा से पहले दोपहिया व चौपहिया वाहन से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा निकाली। इसमें लोग बैंडबाजे बजाते हुए चल रहे थे। सुबह मंदिर परिसर से शुरू हुई शोभायात्रा सलेमपुर, सुतहा, तिलक सराय, बगुलिहाई, सकरवारा, बजरंगबली मंदिर ताहपुर, रंभकपुरवा, आसमपुर पुखरावां, अकरमाबाद, गोविंदपुर गांव का भ्रमण करते हुए वापस लौटी।
इस दौरान भक्तों ने जय भोले के जयकारे लगे। अबीर गुलाल उड़ाते हुए नृत्य किया। शोभायात्रा में शिव पार्वती, मां दुर्गा, राम सीता, राधाकृष्ण की सजीव झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। शोभायात्रा अंत में मंदिर पांडाल पहुंचकर समाप्त हुई। यहां वेदनारायन त्रिपाठी ने विधिविधान से वैदिक मंत्रोच्चारण व हवन पूजन कर भोलेनाथ की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की।
बाद में महाआरती व प्रसाद वितरण का दौर चला। इस मौके पर संरक्षक मलखान सिंह, रामपाल, रामनाथ, बाबूराम, जिलेदार, गंगा सिंह, मेघनाथ, वीरपाल, नेत्रपाल और चंद्रप्रकाश समेत दर्जनों लोग मौजूद थे।