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Kannauj News: रूरा गांव के बुखार पीड़ित करा रहे प्राइवेट अस्पतालों में इलाज
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तिर्वा। रूरा गांव में बड़ी संख्या में लोग बुखार से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में शिविर भी लगाया गया था, जिसमें सिर्फ 16 मरीज ही इलाज कराने के लिए पहुंचे थे। इससे अधिक संख्या में मरीज प्राइवेट अस्पतालाें में इलाज करा रहे हैं।
तहसील क्षेत्र में राजकीय मेडिकल कॉलेज, चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 20 से अधिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। रूरा गांव में 30 से अधिक लोग बुखार से पीड़ित हैं। इनमें एक मरीज में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है और छह माह की मासूम की बुखार से मौत हो चुकी है। गांव निवासी तहजीब (17) और हन्नान (12) बुखार से पीड़ित हैं और दोनों गुरसहायगंज के एक प्राइवेट अस्पताल से इलाज करा रहे हैं। इसी तरह पुष्पा देवी (30), शबाना (18), नगमा (19), जान मोहम्मद (20) और उमर हसन (15) तिर्वा के निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि गांवों में नियमित कैंप लगाकर दवा वितरित की जा रही हैं। अगर गांव में कैंप लगाकर दवाइ वितरित की जा रही हैं तो बुखार से पीड़ित मरीज प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराने के लिए क्यों जा रहे हैं।
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ऐसा लग रहा है कि मरीजों को सरकारी व्यवस्थाओं पर भरोसा नहीं है। सीएससी प्रभारी डॉ. राजन शर्मा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ता, एएनएम के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। (संवाद)
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तहसील क्षेत्र में राजकीय मेडिकल कॉलेज, चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 20 से अधिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। रूरा गांव में 30 से अधिक लोग बुखार से पीड़ित हैं। इनमें एक मरीज में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है और छह माह की मासूम की बुखार से मौत हो चुकी है। गांव निवासी तहजीब (17) और हन्नान (12) बुखार से पीड़ित हैं और दोनों गुरसहायगंज के एक प्राइवेट अस्पताल से इलाज करा रहे हैं। इसी तरह पुष्पा देवी (30), शबाना (18), नगमा (19), जान मोहम्मद (20) और उमर हसन (15) तिर्वा के निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि गांवों में नियमित कैंप लगाकर दवा वितरित की जा रही हैं। अगर गांव में कैंप लगाकर दवाइ वितरित की जा रही हैं तो बुखार से पीड़ित मरीज प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराने के लिए क्यों जा रहे हैं।
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ऐसा लग रहा है कि मरीजों को सरकारी व्यवस्थाओं पर भरोसा नहीं है। सीएससी प्रभारी डॉ. राजन शर्मा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ता, एएनएम के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। (संवाद)