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मुआवजा न मिला तो कोर्ट जाएंगे किसान
अमर उजाला ब्यूरो कन्नौज।
Updated Wed, 23 Nov 2016 11:17 PM IST
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जलभराव में सत्य प्रकाश की बर्बाद आलू की फसल
- फोटो : अमर उजाला
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विकास खंड तालग्राम के रनवां में राजकीय नलकूप आपरेटर की लापरवाही से बर्बाद हुई आलू की फसल का जायजा किसी अधिकारी ने नहीं लिया। वहीं फसल नष्ट होने के बाद अब आक्रोशित किसानों ने नलकूप चालक के खिलाफ कार्रर्वाई व मुआवजे की मांग की है। किसान यूनियन के समर्थन के बाद भाजपा नेता भी किसानों के हित की लड़ाई के लिए आगे आए हैं। मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने कोर्ट जाने की तैयारी कर ली है।
रनवां में दर्जनों किसानों के आलू के खेत में मंगलवार को पानी भरने के कारण फसल बर्बाद होने के कगार पर है। गांव के सत्य प्रकाश त्रिपाठी की फसल जलभराव के कारण गलने लगी है। जबकि किसान जीतू प्रजापति, गंगाराम, कप्तान, बबलू, सत्य प्रकाश आदि का कहना है कि अगर आपरेटर राजेश्वर दयाल के खिलाफ कोई कार्रवाई न की गई और उन्हें मुआवजा न मिला तो वह कोर्ट जाकर अपनी गुहार लगाएंगे।
वहीं भाजपा के मंडल महामंत्री हरनाथ राजपूत अपने भाजपा समर्थकों से साथ गांव पहुंचे और किसानों से बातचीत कर उनकी मुआवजे की मांग को सही ठहराते हुए जिलाध्यक्ष के संज्ञान में लेकर उच्चाधिकारियों से वार्ता करने का आश्वासन दिया। वहीं किसानों ने अपनी बर्बाद फसलों का लगभग सात लाख रुपये क्षति का अनुमान लगाया है। किसानों का कहना है आपरेटर को 20 रुपया सुविधा शुल्क न देनेे पर उसने ऐसा कदम उठाया है। उसने पैसा न मिलने पर किसानों को बर्बाद कर दिया है।
रनवां में दर्जनों किसानों के आलू के खेत में मंगलवार को पानी भरने के कारण फसल बर्बाद होने के कगार पर है। गांव के सत्य प्रकाश त्रिपाठी की फसल जलभराव के कारण गलने लगी है। जबकि किसान जीतू प्रजापति, गंगाराम, कप्तान, बबलू, सत्य प्रकाश आदि का कहना है कि अगर आपरेटर राजेश्वर दयाल के खिलाफ कोई कार्रवाई न की गई और उन्हें मुआवजा न मिला तो वह कोर्ट जाकर अपनी गुहार लगाएंगे।
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वहीं भाजपा के मंडल महामंत्री हरनाथ राजपूत अपने भाजपा समर्थकों से साथ गांव पहुंचे और किसानों से बातचीत कर उनकी मुआवजे की मांग को सही ठहराते हुए जिलाध्यक्ष के संज्ञान में लेकर उच्चाधिकारियों से वार्ता करने का आश्वासन दिया। वहीं किसानों ने अपनी बर्बाद फसलों का लगभग सात लाख रुपये क्षति का अनुमान लगाया है। किसानों का कहना है आपरेटर को 20 रुपया सुविधा शुल्क न देनेे पर उसने ऐसा कदम उठाया है। उसने पैसा न मिलने पर किसानों को बर्बाद कर दिया है।
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