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ईशन नदी में पानी आने से खिले किसानों के चेहरे
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
Updated Thu, 08 Jun 2017 12:07 AM IST
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बारिश के बाद उफनाई ईशन नदी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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भीषण गर्मी में सूख गई ईशन नदी पहली बारिश में ही उफना पड़ी। नदी में जलस्तर बढ़ने से जहां किसानों के चेहरे खिल उठे हैं, वहीं फोरलेन सड़क के लिए पुल निर्माण का काम सेतुनिगम अधिकारियों को रोकना पड़ा।
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इस बार गर्मियों में ईशन नदी सूख गई थी। नदी की तलहटी में बालू दिखाई दे रही थी। इस समय छिबरामऊ से सौरिख रोड को फोरलेन बनाने का काम चल रहा है, जिसके तहत राज्य सेतु निगम ने ग्राम जरारा स्थित पुल के पास डेरा डाल दिया था। सेतुनिगम की टीम ने फाउंडेशन की शुरूआत की ही थी कि रात में झमाझम बारिश हो गई। सुबह तक नदी में जलस्तर बढ़ने लगा और दोपहर तक नदी उफना गई। ऐसे में सेतु निगम के अधिकारियों को पुल निर्माण का काम रोकना पड़ा। वहीं नदी में जलस्तर बढ़ने पर आस-पास के गांव के कई युवा नदी के पानी में नहाने के लिए कूद गए।
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किसानों का कहना है कि नदी में पानी सूखने से उनकी फसलें चौपट हो रही थी। अब बारिश होने और नदी में पानी आने से सिंचाई का संकट खत्म हो गया है। मालूम हो कि पहली बारिश से किसानों को सबसे अधिक लाभ हुआ है। कई किसानों ने खेतों की जुताई कर मक्का की बुआई की तैयारियां शुरू कर दी है। बारिश से किसानों का पलेवा का खर्च बच गया है।
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