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Kannauj News: काली नदी में नहाते समय दलदल में फंसने से किसान की मौत
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छिबरामऊ (कन्नौज)। खेत से तरबूज तोड़कर बुधवार को साथी के साथ घर लौटते समय काली नदी में नहाते समय किसान दलदल में फंस गया। साथी ने उसे डूबता देख शोर मचाया पर मदद न मिलने से वह कुछ ही देर में पानी में डूब गया। परिजनों ने पानी में उतरकर उसे बाहर निकाला पर तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। किसान की मौत से परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
ग्राम खुबरियापुर के मजरा विजयी नगला निवासी उपदेश वर्मा (40) ने काली नदी पुल के पास स्थित खेत में तरबूज की फसल बोई थी। सुबह वह गांव के ही रोहित के साथ तरबूज तोड़ने गया था। सात बजे दोनों घर लौट रहे थे। काली नदी पुल के नीचे पहुंचने पर रोहित शौच के चला गया जबकि उपदेश नहाने के लिए पानी में चला गया। नदी में कम पानी होने के कारण वह कुछ और अंदर चला गया पर दलदल में फंस गया। शौच के बाद रोहित जब मौके पर पहुंचा तो उपदेश की गर्दन दिखाई दे रही थी। उसे डूबता देख वह पानी में घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। उसने मदद के लिए शोर मचाया पर कुछ ही देर में उपदेश पानी में पूरी तरह डूब गया।
रोहित ने पुल पर आकर राहगीर के फोन से घटना की जानकारी उपदेश के परिजनों को दी। गांव के लोगों के साथ मौके पर पहुंचे परिजनों ने नदी में घुसकर दलदल में फंसे उपदेश को बाहर निकाला। तब तक पानी में दम घुटने के कारण उसकी मौत हो चुकी थी। कोतवाल कपिल दुबे ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। इनसेट
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परिवार के भरण पोषण के लिए बंटाई पर ले रखा था खेत
पिता बेंचेलाल ने बताया कि उपदेश की शादी 20 साल पहले पिड़ारी खेड़ा निवासी सुदामा के साथ हुई थी। उसकी एक बेटी स्वाती (17) व बेटा अमन (15) है। निजी जमीन न होने के कारण परिवार के भरण पोषण के लिए उसने उधरनपुर निवासी राजीव चतुर्वेदी का 18 बीघा खेत बटाई पर ले रखी थी। दो भाई व चार बहनों में वह दूसरे नंबर का था। किसान की मौत से मां रामबेटी, पत्नी सुदामा व बच्चों समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
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ग्राम खुबरियापुर के मजरा विजयी नगला निवासी उपदेश वर्मा (40) ने काली नदी पुल के पास स्थित खेत में तरबूज की फसल बोई थी। सुबह वह गांव के ही रोहित के साथ तरबूज तोड़ने गया था। सात बजे दोनों घर लौट रहे थे। काली नदी पुल के नीचे पहुंचने पर रोहित शौच के चला गया जबकि उपदेश नहाने के लिए पानी में चला गया। नदी में कम पानी होने के कारण वह कुछ और अंदर चला गया पर दलदल में फंस गया। शौच के बाद रोहित जब मौके पर पहुंचा तो उपदेश की गर्दन दिखाई दे रही थी। उसे डूबता देख वह पानी में घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। उसने मदद के लिए शोर मचाया पर कुछ ही देर में उपदेश पानी में पूरी तरह डूब गया।
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रोहित ने पुल पर आकर राहगीर के फोन से घटना की जानकारी उपदेश के परिजनों को दी। गांव के लोगों के साथ मौके पर पहुंचे परिजनों ने नदी में घुसकर दलदल में फंसे उपदेश को बाहर निकाला। तब तक पानी में दम घुटने के कारण उसकी मौत हो चुकी थी। कोतवाल कपिल दुबे ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। इनसेट
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परिवार के भरण पोषण के लिए बंटाई पर ले रखा था खेत
पिता बेंचेलाल ने बताया कि उपदेश की शादी 20 साल पहले पिड़ारी खेड़ा निवासी सुदामा के साथ हुई थी। उसकी एक बेटी स्वाती (17) व बेटा अमन (15) है। निजी जमीन न होने के कारण परिवार के भरण पोषण के लिए उसने उधरनपुर निवासी राजीव चतुर्वेदी का 18 बीघा खेत बटाई पर ले रखी थी। दो भाई व चार बहनों में वह दूसरे नंबर का था। किसान की मौत से मां रामबेटी, पत्नी सुदामा व बच्चों समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।