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नकली नोट जमाकर कारोबारी ने फर्जी लूट की रची कहानी
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कन्नौज। कर्जदारों से बचने के लिए फर्नीचर कारोबारी ने नकली नोट एकत्रित कर लूट की कहानी रच डाली। सूनसान रास्ते पर बाइक गिराकर, चाकू से कपड़े व शरीर पर कट से हल्के जख्म बनाए और पुलिस को लूट की झूठी सूचना दे दी। मामला संदिग्ध समझ सख्ती से जब पुलिस अधिकारियों ने पूछताछ की तो सच्चाई सामने आ गई। पुलिस ने झूठी सूचना देने पर कारोबारी को जेल भेज दिया।
गुरसहायगंज कोतवाली के गांधीनगर निवासी फैसल खान की सतौरा तिर्वा में फर्नीचर की दुकान है। कोरोना काल में कारोबारी को नुकसान हुआ। इससे कर्ज ले रखा था। कर्जदारों का दबाव बढ़ने पर सोमवार को फैसल ने चूरन में निकलने वाले नकली दो लाख 95 हजार रुपये जमा किए। इसके बाद फर्जी लूट की योजना बनाकर रात करीब दस बजे बाइक से एक साथी के साथ गुरसहायगंज से तिर्वा के लिए निकला।
सदर कोतवाली के मतौली गांव के पास बाइक गिरा दी और चाकू से कपड़े फाड़ने के साथ हल्के जख्म बनाकर पुलिस को फर्जी लूट की सूचना दे दी। इससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस अधिकारियों ने घटना संदिग्ध समझकर अलग-अलग ले जाकर दोनों से पूछताछ की तो दोनों कर्जदारों से बचने के लिए फर्जी लूट की सूचना देना बताया। इसके बाद पुलिस ने दोनों के पास नकली नोट बरामद कर जेल भेज दिया।
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कन्नौज। फर्नीचर कारोबारी का मुख्य उद्देश्य कर्जदारों को गुमराह करना था। करीब चार कर्जदारों को वीडियो कॉल कारोबारी ने नकली नोट के बंडल दिखाकर कहा कि रुपये तैयार है। जल्द हम लोग लौटाने आ रहे हैं। पुलिस गिरफ्त में फैसल खान ने बताया कि रास्ते में लूट हो जाने की बात कह कर कर्जदारों से कुछ महीने बाद रुपये लौटाने की मोहलत लेना वह चाहता था।
कन्नौज। फैसल ने बताया कि रुपये की तरह हूबहू दिखाने के लिए उसने 298 रुपये में ऑनलाइन चूरन वाले रुपये मंगाए थे। जब ऑनलाइन रुपये आ गए तब पूरी कहानी रची लेकिन मामला उल्टा हो गया।
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गुरसहायगंज कोतवाली के गांधीनगर निवासी फैसल खान की सतौरा तिर्वा में फर्नीचर की दुकान है। कोरोना काल में कारोबारी को नुकसान हुआ। इससे कर्ज ले रखा था। कर्जदारों का दबाव बढ़ने पर सोमवार को फैसल ने चूरन में निकलने वाले नकली दो लाख 95 हजार रुपये जमा किए। इसके बाद फर्जी लूट की योजना बनाकर रात करीब दस बजे बाइक से एक साथी के साथ गुरसहायगंज से तिर्वा के लिए निकला।
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सदर कोतवाली के मतौली गांव के पास बाइक गिरा दी और चाकू से कपड़े फाड़ने के साथ हल्के जख्म बनाकर पुलिस को फर्जी लूट की सूचना दे दी। इससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस अधिकारियों ने घटना संदिग्ध समझकर अलग-अलग ले जाकर दोनों से पूछताछ की तो दोनों कर्जदारों से बचने के लिए फर्जी लूट की सूचना देना बताया। इसके बाद पुलिस ने दोनों के पास नकली नोट बरामद कर जेल भेज दिया।
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कन्नौज। फर्नीचर कारोबारी का मुख्य उद्देश्य कर्जदारों को गुमराह करना था। करीब चार कर्जदारों को वीडियो कॉल कारोबारी ने नकली नोट के बंडल दिखाकर कहा कि रुपये तैयार है। जल्द हम लोग लौटाने आ रहे हैं। पुलिस गिरफ्त में फैसल खान ने बताया कि रास्ते में लूट हो जाने की बात कह कर कर्जदारों से कुछ महीने बाद रुपये लौटाने की मोहलत लेना वह चाहता था।
कन्नौज। फैसल ने बताया कि रुपये की तरह हूबहू दिखाने के लिए उसने 298 रुपये में ऑनलाइन चूरन वाले रुपये मंगाए थे। जब ऑनलाइन रुपये आ गए तब पूरी कहानी रची लेकिन मामला उल्टा हो गया।