{"_id":"dd1967392fd5e171ab08c03901281961","slug":"examine-pregnant-women-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘गर्भवती महिलाओं की होगी जांच’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘गर्भवती महिलाओं की होगी जांच’
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Sat, 23 Jan 2016 12:16 AM IST
विज्ञापन
प्रदेश के मुख्य सचिव और सांसद डिंपल यादव के निर्देश
विज्ञापन
पर जिले में 27 जनवरी से तीन फरवरी के बीच मातृत्व सप्ताह मनाया जाएगा।
अभियान को सफल बनाने को शुक्रवार को विकास खंड मुख्यालयों पर ग्राम
प्रधानों व अधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें दिशा निर्देश जारी किए गए।
ज्ञात हो कि गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला की देखभाल की जरूरत होती है। कुपोषण की शुरुआत मां के गर्भ से हो जाती है। बाल्यकाल में होने वाले लगभग 50 प्रतिशत कुपोषण का संबंध गर्भावस्था के दौरान मातृ स्वास्थ्य संबंधी कारकों से जुड़ा होता है।
गर्भवती महिला की समय रहते सही जांच हो जाए और उसमें कुपोषण व खतरे के लक्षणों का पता चल जाए तो बच्चे और मां दोनों को स्वस्थ रखा जा सकता है। इस रणनीति में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ पोषण मिशन, आईसीडीएस विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग, पंचायती राज विभाग व बेसिक शिक्षा विभाग कार्य कर रहा है।
सीडीओ उदयराज यादव ने बताया कि मातृत्व सप्ताह का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण बढ़ाने के साथ उनके स्वास्थ्य एवं पोषण की जांच करना और उन्हें जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराना है। बताया कि जटिलता से ग्रसित महिलाओं की पहचान करना एवं प्राथमिकता पर उन्हें चिकित्सा सुविधा मुहैया कराना व संदर्भित करना, जिससे सुरक्षित प्रसव कराया जा सके।
उन्होंने बताया कि आगामी 27 जनवरी से तीन फरवरी के बीच मातृत्व सप्ताह मनाया जाएगा। मातृत्व सप्ताह के हर दिन सुबह नौ बजे से सायं चार बजे तक ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस के स्थल व आंगनबाड़ी केंद्र पर सभी गर्भवती महिलाओं की जांच की जाएगी। इस अभियान में सभी गर्भवती महिलाओं का चिन्हांकन होगा, ताकि कोई भी महिला छूट न पाए।
बताया कि यदि महिलाएं छूट जाती हैं तो एक अतिरिक्त दिवस का आयोजन होगा। हर दिवस पर रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं की पहचान की जाएगी। पांच फरवरी को उन्हें क्षेत्र की ब्लाक चिकित्सा इकाई अथवा जिला महिला व संयुक्त अस्पताल में हाई रिस्क क्लीनिक पर जांच व उपचार कराया जाएगा।
मातृत्व सप्ताह के दौरान यदि कोई महिला बहुत गंभीर अवस्था में मिलती है तो उसका 102/108 एंबुलेंस के माध्यम से तुरंत अस्पताल भेजा जाएगा। उधर, ब्लाक सभागार में मातृत्व सप्ताह की तैयारियों को लेकर ग्राम प्रधानों के साथ बैठक आयोजित हुई, जिसमें बीडीओ साधना दीक्षित, विनोद दीक्षित चिकित्सालय के अधीक्षक डा. गीतम सिंह, एडीओ राजेश कुमार द्विवेदी ने मातृत्व सप्ताह के बारे में जानकारी दी।
ज्ञात हो कि गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला की देखभाल की जरूरत होती है। कुपोषण की शुरुआत मां के गर्भ से हो जाती है। बाल्यकाल में होने वाले लगभग 50 प्रतिशत कुपोषण का संबंध गर्भावस्था के दौरान मातृ स्वास्थ्य संबंधी कारकों से जुड़ा होता है।
गर्भवती महिला की समय रहते सही जांच हो जाए और उसमें कुपोषण व खतरे के लक्षणों का पता चल जाए तो बच्चे और मां दोनों को स्वस्थ रखा जा सकता है। इस रणनीति में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ पोषण मिशन, आईसीडीएस विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग, पंचायती राज विभाग व बेसिक शिक्षा विभाग कार्य कर रहा है।
सीडीओ उदयराज यादव ने बताया कि मातृत्व सप्ताह का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण बढ़ाने के साथ उनके स्वास्थ्य एवं पोषण की जांच करना और उन्हें जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराना है। बताया कि जटिलता से ग्रसित महिलाओं की पहचान करना एवं प्राथमिकता पर उन्हें चिकित्सा सुविधा मुहैया कराना व संदर्भित करना, जिससे सुरक्षित प्रसव कराया जा सके।
उन्होंने बताया कि आगामी 27 जनवरी से तीन फरवरी के बीच मातृत्व सप्ताह मनाया जाएगा। मातृत्व सप्ताह के हर दिन सुबह नौ बजे से सायं चार बजे तक ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस के स्थल व आंगनबाड़ी केंद्र पर सभी गर्भवती महिलाओं की जांच की जाएगी। इस अभियान में सभी गर्भवती महिलाओं का चिन्हांकन होगा, ताकि कोई भी महिला छूट न पाए।
बताया कि यदि महिलाएं छूट जाती हैं तो एक अतिरिक्त दिवस का आयोजन होगा। हर दिवस पर रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं की पहचान की जाएगी। पांच फरवरी को उन्हें क्षेत्र की ब्लाक चिकित्सा इकाई अथवा जिला महिला व संयुक्त अस्पताल में हाई रिस्क क्लीनिक पर जांच व उपचार कराया जाएगा।
मातृत्व सप्ताह के दौरान यदि कोई महिला बहुत गंभीर अवस्था में मिलती है तो उसका 102/108 एंबुलेंस के माध्यम से तुरंत अस्पताल भेजा जाएगा। उधर, ब्लाक सभागार में मातृत्व सप्ताह की तैयारियों को लेकर ग्राम प्रधानों के साथ बैठक आयोजित हुई, जिसमें बीडीओ साधना दीक्षित, विनोद दीक्षित चिकित्सालय के अधीक्षक डा. गीतम सिंह, एडीओ राजेश कुमार द्विवेदी ने मातृत्व सप्ताह के बारे में जानकारी दी।