{"_id":"619543ed4b5b6a7c747d95e9","slug":"epilepsy-does-not-need-to-be-treated-it-needs-treatment-kannauj-news-knp6645864137","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिर्गी को झाड़-फूंक की नहीं, इलाज की जरूरत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिर्गी को झाड़-फूंक की नहीं, इलाज की जरूरत
विज्ञापन
प्राचार्य डॉ.नवनीत कुमार।
- फोटो : KANNAUJ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तिर्वा(कन्नौज)। मिर्गी की शिकायत होने पर झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें। ऐसे रोगियों को चिकित्सक के पास ले जाकर उपचार कराएं। दवा से इस मर्ज को दूर भगाया जा सकता है। यह बात राष्ट्रीय मिर्गी दिवस पर मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. नवनीत कुमार ने गोष्ठी में कही।
बुधवार को राष्ट्रीय मिर्गी दिवस पर राजकीय मेडिकल कालेज में गोष्ठी का आयोजन किया गया। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. नवनीत कुमार ने की। प्राचार्य ने बताया कि देश में करीब एक करोड़ लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं।
जानकारी के अभाव में 40 प्रतिशत ही सही इलाज कराते हैं। बाकी झाड़-फूंक में भटकते रहते हैं। बाद में यह जानलेवा हो जाती है। उन्होंने बताया कि इस रोग में झटके लगने शुरू हो जाते हैं। व्यक्ति अचानक गिर पड़ता है। इससे शरीर में चोट आ जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार को राष्ट्रीय मिर्गी दिवस पर राजकीय मेडिकल कालेज में गोष्ठी का आयोजन किया गया। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. नवनीत कुमार ने की। प्राचार्य ने बताया कि देश में करीब एक करोड़ लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं।
विज्ञापन
जानकारी के अभाव में 40 प्रतिशत ही सही इलाज कराते हैं। बाकी झाड़-फूंक में भटकते रहते हैं। बाद में यह जानलेवा हो जाती है। उन्होंने बताया कि इस रोग में झटके लगने शुरू हो जाते हैं। व्यक्ति अचानक गिर पड़ता है। इससे शरीर में चोट आ जाती है।
विज्ञापन