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एसडीएम से वार्ता के बाद खत्म किया धरना

Wed, 04 Aug 2021 12:18 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 04 Aug 2021 12:18 AM IST
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Ended the strike after talks with SDM
एसडीएम देवेश कुमार गुप्त को ज्ञापन सौंपते ग्रामीण। - फोटो : CHIBRAMAU
छिबरामऊ (कन्नौज)। जीटी रोड चौड़ीकरण को लेकर ध्वस्तीकरण के विरोध में धरने पर बैठे ग्रामीणों से मंगलवार को एसडीएम ने वार्ता की। इस दौरान ग्रामीणों ने मुआवजे में भेदभाव का आरोप लगाया। एसडीएम ने ग्रामीणों की मांग को परियोजना निदेशक तक पहुंचाने का भरोसा दिया। इसके बाद धरना खत्म हो गया।
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जीटी रोड चौड़ीकरण में मुआवजा मिलने से पहले ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू होने से आक्रोशित ग्रामीण धरने पर बैठ गए। भारतीय किसान यूनियन भी इनके साथ आ गया। किसान यूनियन जिलाध्यक्ष राजा शुक्ला मौके पर पहुंचे। किसानों ने बताया कि जीटी रोड के बीच बिंदु से एक तरफ 55 फीट तक ही चौड़ीकरण किया जाए। इससे ज्यादा जमीन का मुआवजा दिया जाए। बिना मुआवजा लिए ग्रामीण निर्माण नहीं होने देंगे। मकानों और दुकानों को तोड़ने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए।
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धरने की जानकारी पर एसडीएम देवेश कुमार गुप्त मौके पर पहुंच गए। भारतीय किसान यूनियन ने उन्हें ज्ञापन सौंपा। एसडीएम ने ग्रामीणों को बताया कि वह उनकी मांगों को नेशनल हाईवे के परियोजना निदेशक तक पहुंचा देंगे। इसके अलावा ग्रामीणों के प्रतिनिधि मंडल से तहसील सभागार में वार्ता भी करेंगे। एसडीएम के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया। एनएचएआई के आकाश विक्रम, कार्यदायी संस्था जीआर इंफ्रा के राजेश उपाध्याय व ब्रजेंद्र शुक्ला ने मुआवजा पा चुके ग्रामीणों से जगह खाली करने की अपील की। इस दौरान पुनीत दुबे, चंद्रप्रकाश सैनी, अजय कुमार, गिरंद सिंह शाक्य, गनेश सिंह, राजपाल सिंह, गौरीशंकर, अरविंद कुमार, राजेश, सतीश चंद्र, रीशू यादव व अमित मिश्रा सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
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ग्रामीणों ने रखीं ये मांगें
एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि मकान व दुकानों का त्रुटिपूर्ण मूल्यांकन हुआ है। मकानों व दुकानों का मुआवजा न देने पर भी बुलडोजर चलवाने की धमकी दी जा रही है। छिबरामऊ व घिलोई की तर्ज पर मानक के अनुसार 55 फीट तक ही निर्माण कराया जाए। संपूर्ण मुआवजा मिलने तक मकानों व दुकानों को न तोड़ा जाए। समिति से हुए पुनर्मूल्यांकन को शामिल किया जाए। मुआवजे के बाद नोटिस देकर ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाए।
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