फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   Encroachers are in a panic after the announcement of auction of enemy properties.

Kannauj News: शत्रु संपत्तियों की नीलामी की घोषणा के बाद कब्जेदारों में खलबली

Thu, 13 Aug 2026 11:49 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 13 Aug 2026 11:49 PM IST
विज्ञापन
Encroachers are in a panic after the announcement of auction of enemy properties.
कन्नौज। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से देश भर में मौजूद शत्रु संपत्तियों की नीलामी प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा के बाद गुरुवार को तहसील व नगर क्षेत्र में शत्रु संपत्तियों पर अवैध रूप से कब्जाधारियों में खलबली मच गई है। उधर, एसडीएम छिबरामऊ पाकिस्तान जा चुके लोगों की 74 बीघा जमीन को राज्य सरकार में दर्ज करा चुके है। वहीं इस घोषणा के बाद से अवैध रूप से कब्जा कर रहने वाले लोगों में काफी दहशत है। उनका कहना है कि हमलोग इस जमीन का पैसा दे चुके है।
विज्ञापन

देश के बंटवारे के समय जिले से कई लोग पाकिस्तान चले गए थे, जिनकी संपत्तियां छिबरामऊ देहात, दीपकपुर मोहम्मदाबाद, नगर पालिका छिबरामऊ, सौरिख, कायमपुर, समधन, सकरावा तथा इस्माइलपुर में मौजूद थीं। एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी ने 74 बीघा जमीन को राज्य सरकार में दर्ज करा दिया था तथा इन सभी जमीनों को औपचारिक रूप से शत्रु संपत्ति घोषित कराने के लिए भारत के शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय में पत्र भी भेजा था।
विज्ञापन

पाकिस्तान गए इन लोगों की बेशकीमती जमीनों पर कुछ लोग अवैध रूप से कब्जा किए थे। खेल तब खुला जब उक्त जमीन की बिक्री शुरू हो गई और दाखिल खारिज के लिए मामला न्यायालय में पहुंचा था। उसके बाद इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच की गई। करोड़ों रुपये की बेशकीमती जमीन को प्रशासन ने राज्य सरकार में दर्ज कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

जमीन तो प्रशासन ने खाली करवा ली, कैसे खाली होंगे मकान
शत्रु संपत्ति के रूप में दर्ज जमीन को तो प्रशासन ने खाली तो करवा ली लेकिन कई जगहों पर मकान बने खड़े हैं। अब इनको गिरवाना प्रशासन के लिए चुनौती है। जिनके मकान हैं, वह कह रहे हैं कि हमने खरीदी है। अब सवाल यह है कि यह शत्रु संपत्ति है तो इसका बैनामा किसने किया। ऐसे में मकानों को गिराने की कार्रवाई में कोर्ट रोड़ा बन सकता है। गुरसहायगंज, समधन और इस्माइलपुर में कई शत्रु संपत्तियों पर मकान बने खड़े हैं। हालांकि प्रशासन ने इनको चिह्नित कर लिया है। एडीएम देवेंद्र सिंह ने बताया कि वर्ष 1962 की कोई शत्रु संपत्ति नहीं है। जो हैं वह वर्ष 1947 की हैं। इनमें अधिकांश का चिन्हीकरण कर कब्जामुक्त करा लिया गया है। जो बचीं हैं, वह भी जल्द खाली कराई जाएंगीं।
वर्जन
अभी गृह मंत्रालय से कोई आदेश नहीं मिला है। आदेश मिलते ही शत्रु संपत्तियों की नीलामी कराई जाएगी। इसके लिए एडीएम के नेतृत्व में कमेटी बनाई जाएगी।
-आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, जिलाधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed