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सवर्णों को आरक्षण देने की मांग उठाई
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Sat, 06 Feb 2016 12:19 AM IST
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आरक्षण व्यवस्था में नीति गति बदलाव लाने और सवर्णों
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को आरक्षण देने की मांग को लेकर सवर्ण समाज के युवाओं ने गवर्नर को संबोधित
ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा।
ग्राम पलिया बूंचपुर निवासी सवर्ण समाज के नेता आदेश द्विवेदी के नेतृत्व में जुटे युवाओं ने गवर्नर के नाम चार सूत्री मांग पत्र एसडीएम की गैरमौजूदगी में नायब तहसीलदार अवनीश कुमार को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि देश में आरक्षण व्यवस्था में नीति गति बदलाव होना जरूरी है।
इस व्यवस्था में अभी भी विसंगतियां होने से उच्च जातियों की प्रतिभाओं का हनन हो रहा है। ऐसी स्थिति में सवर्ण जातियों के लिए सभी नौकरियों में कोटा निर्धारित होना चाहिए। जिसकी रिक्तयां किसी अन्य आरक्षित वर्ग से न भरी जाएं। सवर्णों के गरीब बच्चों के लिए सरकार उसी तरह का प्रावधान करें जिस तरह अन्य आरक्षित वर्गों का किया जा रहा है।
देश में सवर्णों के प्रतिशत के आधार पर बेरोजगारों के लिए नौकरियां की व्यवस्था की जाए। नौकरी न मिलने पर उन्हें बेरोजगारी भत्ता दिया जाए। साथ ही सवर्णों में अन्य आरक्षित वर्गों के आवेदनों को स्वीकार नहीं किया जाए। सरकार को चाहिए कि वह सवर्णों का आरक्षण सुनिश्चित करे।
यदि उक्त मांगों को 30 दिनों के अंदर नहीं माना गया तो समाज आगे की रणनीति तय करेगा। ज्ञापन में संजीव दुबे एडवोकेट, अमित अग्निहोत्री एडवोकेट, दिलीप त्रिपाठी, सौरभ दुबे, पुरुषोत्तम तिवारी, आलोक दीक्षित, संतोष मिश्रा, अनुज श्रीवास्तव, सुशील दुबे, अमित दीक्षित, राजीव दुबे, देवेश शुक्ला, अनिल त्रिपाठी, दिनेश गुप्ता आदि के हस्ताक्षर हैं।
ग्राम पलिया बूंचपुर निवासी सवर्ण समाज के नेता आदेश द्विवेदी के नेतृत्व में जुटे युवाओं ने गवर्नर के नाम चार सूत्री मांग पत्र एसडीएम की गैरमौजूदगी में नायब तहसीलदार अवनीश कुमार को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि देश में आरक्षण व्यवस्था में नीति गति बदलाव होना जरूरी है।
इस व्यवस्था में अभी भी विसंगतियां होने से उच्च जातियों की प्रतिभाओं का हनन हो रहा है। ऐसी स्थिति में सवर्ण जातियों के लिए सभी नौकरियों में कोटा निर्धारित होना चाहिए। जिसकी रिक्तयां किसी अन्य आरक्षित वर्ग से न भरी जाएं। सवर्णों के गरीब बच्चों के लिए सरकार उसी तरह का प्रावधान करें जिस तरह अन्य आरक्षित वर्गों का किया जा रहा है।
देश में सवर्णों के प्रतिशत के आधार पर बेरोजगारों के लिए नौकरियां की व्यवस्था की जाए। नौकरी न मिलने पर उन्हें बेरोजगारी भत्ता दिया जाए। साथ ही सवर्णों में अन्य आरक्षित वर्गों के आवेदनों को स्वीकार नहीं किया जाए। सरकार को चाहिए कि वह सवर्णों का आरक्षण सुनिश्चित करे।
यदि उक्त मांगों को 30 दिनों के अंदर नहीं माना गया तो समाज आगे की रणनीति तय करेगा। ज्ञापन में संजीव दुबे एडवोकेट, अमित अग्निहोत्री एडवोकेट, दिलीप त्रिपाठी, सौरभ दुबे, पुरुषोत्तम तिवारी, आलोक दीक्षित, संतोष मिश्रा, अनुज श्रीवास्तव, सुशील दुबे, अमित दीक्षित, राजीव दुबे, देवेश शुक्ला, अनिल त्रिपाठी, दिनेश गुप्ता आदि के हस्ताक्षर हैं।