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बेकाबू बस ने साइकिल सवार अधेड़ को रौंदा, मौत

Sun, 26 Nov 2017 12:03 AM IST
kannauj
kannauj Updated Sun, 26 Nov 2017 12:03 AM IST
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Uncertainty bus crashes, death to bicycle rider
छिबरामऊ-विधूना रोड पर लकड़ी डाल कर किया गया रोड जाम। - फोटो : amar ujala
सौरिख।
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छिबरामऊ-विधूना मुख्य मार्ग पर तेज रफ्तार प्राइवेट बस ने साइकिल सवार अधेड़ को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गुस्साए नागरिकों ने मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे एसडीएम व सीओ ने लोगों को समझाकर करीब ढाई घंटे बाद जाम खुलवाया। पुलिस ने प्राइवेट बस समेत चालक को हिरासत में लिया है। मृतक की पत्नी ने बस चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।

शनिवार सुबह करीब 9 बजे मोहल्ला आजादनगर निवासी अख्तियार खां (55) पुत्र महाराज खां साइकिल से अपने खेत पर काम कर घर लौट रहे थे। जैसे ही वह छिबरामऊ-विधूना मुख्य मार्ग पर विद्युत उपकेंद्र के पास पहुंचे, तभी सामने से आ रही प्राइवेट बस ने उसकी साइकिल में टक्कर मार दी, जिससे वह उछलकर आगे जा गिरा और बस उसे रौंदती हुई आगे निकल गई। अख्तियार खां ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
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घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ लग गई। आक्रोशित नागरिकों ने मुख्य मार्ग पर लकड़ी के लट्ठे डालकर जाम लगा दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। जाम की सूचना मिलते ही एसडीएम मंशाराम वर्मा, सीओ श्रीकांत प्रजापति थानाध्यक्ष रामप्रकाश पांडेय, पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
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एसडीएम सीओ ने काफी देर तक लोगों को समझाया। तब जाकर ढाई घंटे बाद लोगों ने जाम खोला। थानाध्यक्ष ने प्राइवेट बस समेत चालक ग्राम सकरावा निवासी नौसे खां पुत्र शमशुद्दीन को हिरासत में लिया है। मृतक की पत्नी खुर्शीदा बेगम ने बस चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। प्राइवेट बस नेशनल मोटर यूनियन छिबरामऊ की है, जो विधूना-औरैया तक जाती है।

विकलांग बेटे का सहारा था अख्तियार
सौरिख। मोहल्ला आजादनगर निवासी अख्तियार खां के तीन बच्चे हैं, जिसमें दो बेटियों की शादी हो चुकी है और इकलौता विकलांग बेटा इमरान घर पर रहता है। मोहल्लेवासियों के मुताबिक अख्तियार मजदूरी कर अपने परिवार का पालनपोषण करता था। इकलौते विकलांग बेटे का वही एक सहारा था। अख्तियार की मौत से अब उसके घर में कोई भी कमाने वाला शख्स नहीं बचा है, जिससे उसके परिवार पर रोजी-रोटी का संकट खड़ा होगा।


एसपी ने सिपाही को किया लाइनहाजिर
सौरिख। हादसे के बाद जब लोग छिबरामऊ-विधूना मुख्य मार्ग पर जाम लगाए थे, तो थानाध्यक्ष रामप्रकाश पांडेय के साथ सिपाही संतोष पाठक भी मौके पर पहुंच गए। आक्रोशित भीड़ को समझाने की बजाय सिपाही ने जाम लगाए लोगों से उलटा-सीधा कहा, जिस पर लोग और भड़क गए। उन्होंने  जाम खोलने से मना कर दिया। जब सीओ श्रीकांत प्रजापति मौके पर पहुंचे, तो लोगों ने सिपाही की शिकायत की। सीओ ने एसपी हरीशचंदर को मामले से अवगत कराया। इस पर एसपी ने सिपाही को तत्काल लाइनहाजिर कर दिया।
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