{"_id":"5762f0d04f1c1b5a7211b662","slug":"police-managed-to-find-the-missing-man","type":"story","status":"publish","title_hn":"लापता युवक पुलिस ने खोज लिया","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
लापता युवक पुलिस ने खोज लिया
अमर उजाला ब्यूरो/कन्नौज
Updated Fri, 17 Jun 2016 12:02 AM IST
विज्ञापन
अजय से पूछताछ करते कोतवाल आमोद कुमार सिंह।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दो दिन पहले करमुल्लापुर के पास से लापता हुआ युवक को पुलिस ने हसेरन से खोज लिया। युवक ने बताया कि पड़ोस के डाक्टर से डरकर वह चला गया था। कोतवाल आमोद कुमार सिंह ने बताया कि रसूलाबाद थानांतर्गत ग्राम भारामऊ रामनगर निवासी रवींद्र सिंह यादव का बेटा अजय यादव (22) स्नातक करने के बाद क्षेत्र के बिबिया जलालपुर में रह रहे बहनोई अरवेंद्र सिंह के यहां रह रहा था। दो माह पहले उसने करमुल्लापुर में डाक्टरी की दुकान भी खोल ली।
14 जून सुबह करीब दस बजे वह पड़ोसी बलजीत यादव को सिंहपुर मरीज देखने जाने की बात कह कर निकला था। इसके बाद से नहीं लौटा। काफी देर तक नहीं लौटने पर बलजीत यादव ने अजय के परिजनों को जानकारी दी। उसके पिता ने सिकंदरपुर चौकी को सूचना दी और फिर 15 जून को उसके पिता ने कोतवाली में पुत्र की गुमशुदगी दर्ज करा दी। परिजनों की आशंका पर उसके पड़ोस में ही प्रैक्टिस कर रहे एक अन्य डाक्टर को हिरासत में लेकर पुलिस ने पूछताछ की।
लेकिन गुरुवार को कोतवाली पुलिस ने डा. अजय को हसेरन के पास से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस की अभिरक्षा में अजय ने बताया कि जहां उसने अपनी डाक्टरी की दुकान की थी। वहां पहले से ही एक अन्य डाक्टर की दुकान थी। वह डाक्टर लोगों से उसे यहां से भगा देने की बात कहता था।
विज्ञापन
उस डर से वह किसी को बिना कुछ बताए चला गया था। पानी में भीग जाने से उसका मोबाइल भी खराब हो गया था। उसने बताया कि वह छिबरामऊ से सौरिख और फिर हसेरन के ग्राम भूड़पुर्वा अपने मित्र राम नारायन के पास पहुंचा। वहां से वह उमर्दा के ग्राम हर्बलपुर्वा गया। जहां वह अपने भांजे विवेक के पास रहा।
विज्ञापन
14 जून सुबह करीब दस बजे वह पड़ोसी बलजीत यादव को सिंहपुर मरीज देखने जाने की बात कह कर निकला था। इसके बाद से नहीं लौटा। काफी देर तक नहीं लौटने पर बलजीत यादव ने अजय के परिजनों को जानकारी दी। उसके पिता ने सिकंदरपुर चौकी को सूचना दी और फिर 15 जून को उसके पिता ने कोतवाली में पुत्र की गुमशुदगी दर्ज करा दी। परिजनों की आशंका पर उसके पड़ोस में ही प्रैक्टिस कर रहे एक अन्य डाक्टर को हिरासत में लेकर पुलिस ने पूछताछ की।
विज्ञापन
लेकिन गुरुवार को कोतवाली पुलिस ने डा. अजय को हसेरन के पास से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस की अभिरक्षा में अजय ने बताया कि जहां उसने अपनी डाक्टरी की दुकान की थी। वहां पहले से ही एक अन्य डाक्टर की दुकान थी। वह डाक्टर लोगों से उसे यहां से भगा देने की बात कहता था।
विज्ञापन
उस डर से वह किसी को बिना कुछ बताए चला गया था। पानी में भीग जाने से उसका मोबाइल भी खराब हो गया था। उसने बताया कि वह छिबरामऊ से सौरिख और फिर हसेरन के ग्राम भूड़पुर्वा अपने मित्र राम नारायन के पास पहुंचा। वहां से वह उमर्दा के ग्राम हर्बलपुर्वा गया। जहां वह अपने भांजे विवेक के पास रहा।