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थानेदार के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोर्चा

Tue, 16 Apr 2019 12:10 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 16 Apr 2019 12:10 AM IST
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थानेदार के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोर्चा
छिबरामऊ(कन्नौज)। विशुनगढ़ थानाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने पार्टी विशेष के पक्ष में मतदान करने का दबाव बनाने, घर में घुसकर महिलाओं से अभद्रता करने, बेकसूर युवकों को पकड़कर पीटने का आरोप लगाया है। राज्यमंत्री अर्चना पांडेय और क्षेत्राधिकारी शेषमणि उपाध्याय से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है।
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सोमवार सुबह विशुनगढ़ कस्बे की कई महिलाएं ग्रामीणों के साथ मोहल्ला बजरिया स्थित राज्यमंत्री अर्चना पांडेय के आवास पर पहुंच गईं। आठ माह की गर्भवती काजल पत्नी मोहित ने रोते हुए बताया कि कई पुलिस वाले रविवार रात में उसके कमरे में घुस आए। बिना कुछ बताए तलाशी लेने लगे। पूछने पर अभद्रता कर गालीगलौज करने लगे। सास मीरा को धक्का दे दिया। पुलिस पति की बुलेट बाइक घर से उठा ले गई। पति रोडवेज में संविदा पर काम करते हैं। गांव के लालाराम पुत्र मुंशीलाल ने बताया कि वह भतीजी का तिलक चढ़ाने कंपिल गए थे। इस दौरान पुलिस वाले बाइक घर से उठा ले गए। मीरा पत्नी रघुवीर ने बताया कि पुलिस वाले उसके पुत्र दिलीप को पकड़ ले गए। महिलाओं का आरोप है कि विशुनगढ़ थाने के दरोगा उन लोगों पर एक पार्टी विशेष के पक्ष में मतदान करने का दबाव बना रहे हैं। उन लोगों के अनसुना करने पर पुलिस वालों ने उत्पीड़न शुरू कर दिया। राज्यमंत्री अर्चना पांडेय को समस्या बताने के बाद गांव के लोगों ने क्षेत्राधिकारी शेषमणि उपाध्याय से न्याय की गुहार लगाई।
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राज्यमंत्री अर्चना पांडेय ने पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह को फोन कर पार्टी विशेष के लिए काम करने वाले आरोपी थानेदार करुणा निधि सरोज को वहां से हटाने की बात कही। उधर, इस मामले में क्षेत्राधिकारी शेषमणि उपाध्याय से जानकारी चाही गई, तो उन्होंने कहा कि अभी इस बारे में वह कुछ भी नहीं बता पाएंगे। विशुनगढ़ थानाध्यक्ष करुणा निधि सरोज ने बताया कि बाइक चोरी का एक मामला था। संदेह के आधार पर कुछ लोगों को उठाया गया था। बाइक भी संदेह के आधार पर लाई गई है। वादी से पहचान कराई तो उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद थाने लाए गए लोगों को छोड़ दिया गया। महिलाओं ने जो भी आरोप लगाए, वह बेबुनियाद हैं।
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बेवजह पकड़ा, रातभर पीटा, दूसरे दिन छोड़ा
विशुनगढ़ निवासी नाबालिग गौरव (14) पुत्र मेवाराम ने बताया कि पुलिस ने शनिवार की शाम करीब साढ़े सात बजे उस समय पकड़ लिया था, जब वह अपनी भेंड़ें चराकर लौट रहा था। पुलिस ने चोरी कबूलने का दबाव बनाते हुए चमड़े के पटे से पिटाई की। दूसरे दिन देर शाम उसे छोड़ दिया गया। इसी तरह रवि (20) पुत्र दशरथ सिंह ने बताया कि उसे भी शनिवार की शाम करीब सात बजे पकड़ा था। मारपीट के बाद दूसरे दिन सुबह छोड़ा गया। उसका भी कोई कसूर नहीं था। अमित (18) पुत्र प्रमोद कठेरिया को भी पुलिस ने पकड़ लिया, मारपीट की और जब कुछ हासिल नहीं हुआ, तब दूसरे दिन छोड़ दिया गया।


पुत्र को नहीं छोड़ रही पुलिस
विशुनगढ़ की मनीषा पत्नी गुड्डू सिद्दीकी ने बताया कि पुलिस ने उसके पुत्र अकरम को पकड़ रखा है। उसका कोई गुनाह नहीं है। फिर भी उसे अभी तक छोड़ा नहीं गया है। पुलिस उसे बेरहमी से पीट रही है। इसके अलावा रघुवीर के पुत्र दिलीप और मेवाराम के पुत्र मोनू को भी पुलिस ने हिरासत में ले रखा है। उन दोनों के परिजनों का आरोप है कि एक नेता के इशारे पर पुलिस उत्पीड़न की कार्रवाई कर रही है।




थानेदार पर लगे गंभीर आरोप, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा
घर में घुसकर मारपीट करने और बेकसूर युवकों को पकड़कर पीटने का आरोप, पार्टी विशेष के लिए वोट मांगने के लगाए आरोप, राज्यमंत्री और क्षेत्राधिकारी से लगाई न्याय की गुहार
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