{"_id":"5c266f11bdec223c71481d3e","slug":"41546022673-kannauj-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस खंगाल रही बदमाशों की कुंडली","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पुलिस खंगाल रही बदमाशों की कुंडली
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
छिबरामऊ। सराफ हत्याकांड के एक सप्ताह बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है, इस बीच कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। पूछताछ में पुलिस को ये संकेत जरूर मिला है कि पारिवारिक रंजिश में कोई तीसरा व्यक्ति वारदात को अंजाम दे सकता है।
शहर के मोहल्ला मुसाहिब चौबे निवासी सराफ और सपा नेता अखिलेश्वर प्रसाद वर्मा की 22 दिसंबर की रात बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक की पत्नी मुन्नी देवी ने देवर अमित और दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वारदात के अगले दिन आरोपियों की गिरफ्तारी और खुलासे की मांग को लेकर सराफा व्यवसायी संघ, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल और सपा नेताओं प्रदर्शन किया था।
प्रदर्शनकारियों ने खुलासे के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। जिस पर पुलिस ने उन्हें जल्द खुलासा करने का आश्वासन दिया था लेकिन हत्या के पांच दिन बाद भी पुलिस एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार मिश्रा का कहना है कि मुकदमे में दो आरोपी अज्ञात हैं। संदेह के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। दरअसल पुलिस को आशंका है कि पारिवारिक विवाद में कोई तीसरा भी हत्याकांड को अंजाम दे सकता है। अब तक की जांच और पूछताछ में कुछ ऐसे संकेत पुलिस को मिले हैं, इसीलिए पुलिस फूंक फूंक कर कदम रख रही है।
विज्ञापन
तो क्या किसी और ने की सराफ की हत्या
सात दिन बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई पुलिस
क्रासर
विवेचना में किसी तीसरे का हाथ होने के संकेत भी मिल रहे
मृतक की पत्नी ने देवर व दो अज्ञात पर दर्ज कराई है रिपोर्ट
अमर उजाला फालोअप...
फोटो 28सीएचबीपी54- अखिलेश्वर प्रसाद वर्मा की फाइल फोटो।
छिबरामऊ। सराफ हत्याकांड के एक सप्ताह बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है, इस बीच कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। पूछताछ में पुलिस को ये संकेत जरूर मिला है कि पारिवारिक रंजिश में कोई तीसरा व्यक्ति वारदात को अंजाम दे सकता है।
शहर के मोहल्ला मुसाहिब चौबे निवासी सराफ और सपा नेता अखिलेश्वर प्रसाद वर्मा की 22 दिसंबर की रात बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक की पत्नी मुन्नी देवी ने देवर अमित और दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वारदात के अगले दिन आरोपियों की गिरफ्तारी और खुलासे की मांग को लेकर सराफा व्यवसायी संघ, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल और सपा नेताओं प्रदर्शन किया था।
विज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने खुलासे के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। जिस पर पुलिस ने उन्हें जल्द खुलासा करने का आश्वासन दिया था लेकिन हत्या के पांच दिन बाद भी पुलिस एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार मिश्रा का कहना है कि मुकदमे में दो आरोपी अज्ञात हैं। संदेह के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। दरअसल पुलिस को आशंका है कि पारिवारिक विवाद में कोई तीसरा भी हत्याकांड को अंजाम दे सकता है। अब तक की जांच और पूछताछ में कुछ ऐसे संकेत पुलिस को मिले हैं, इसीलिए पुलिस फूंक फूंक कर कदम रख रही है।
विज्ञापन
तो क्या किसी और ने की सराफ की हत्या
सात दिन बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई पुलिस
क्रासर
विवेचना में किसी तीसरे का हाथ होने के संकेत भी मिल रहे
मृतक की पत्नी ने देवर व दो अज्ञात पर दर्ज कराई है रिपोर्ट
अमर उजाला फालोअप...
फोटो 28सीएचबीपी54- अखिलेश्वर प्रसाद वर्मा की फाइल फोटो।