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जमीन के विवाद में हुई सराफ की हत्या
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अमर उजाला ब्यूरो
छिबरामऊ। सराफा कारोबारी अखिलेश्वर प्रसाद वर्मा की हत्या पारिवारिक जमीन विवाद में हुई है। मृतक की पत्नी ने छोटे भाई और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोपियों की तलाश में पुलिस की कई टीमों ने दबिश दी लेकिन वह हाथ नहीं आए। देर रात पहुंचे एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने कोतवाल संतोष कुमार व्यास आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात का जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए हैं।
मोहल्ला मुसाहिब चौबे निवासी सराफ अखिलेश्वर प्रसाद वर्मा (57) पुत्र गंगा शंकर की शनिवार रात दुकान से लौटते समय बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पत्नी मुन्नी देवी ने सराफ के छोटे भाई अमित कुमार पुत्र गंगा शंकर और दो अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें बताया कि शनिवार शाम करीब 6:30 बजे पुत्री गुड्डन और दामाद अमित पुत्र रावेंद्र के साथ घर के बाहर बैठी थीं। इसी बीच गोली चली तो बेटी और दामाद मोहल्ले के लोग के साथ दौड़े। गली में पति (अखिलेश्वर) खून से लथपथ पड़े थे। मुन्नी देवी ने आरोप लगाया कि पारिवारिक जमीन के विवाद में हत्या की गई है। मुन्नी ने करीबी रिश्तेदारों का हाथ होने का भी शक जताया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। सराफा व्यवसायी हत्या करने वाले बाइक सवार नकाब लगाए थे। बदमाशों ने बाइक नंबर और बदमाशों के हुलिये की तलाश के लिए रात में ही मौका ए वारदात से पीपल गली में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले।
अखिलेश्वर प्रसाद पर तीन माह पहले 22 सितंबर को शाम करीब सात बजे घर के पास ही बाइक सवार बदमाशों ने जानलेवा हमला किया गया था। उस दिन तीन फायर किए गए थे। तीनों फायर मिस होने से उनकी जान बच गई थी। 22 दिसंबर को फिर घर के पास ही बाइक सवार बदमाशों ने हमला बोला। पहली गोली हवा में निकल गई लेकिन दूसरी उनके पेट में जा धंसी। 22 सितंबर के हमले के बाद अखिलेश्वर ने भाई अमित और दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अगर पुलिस ठोस कार्रवाई करती तो शायद सराफ की जान बच जाती।
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अखिलेश्वर प्रसाद सपा के बूथ प्रभारी थे। पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता की हत्या के विरोध में रविवार दोपहर पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह यादव की अगुवाई में सलोवा जिलाध्यक्ष योगेंद्र यादव, विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष रामप्रकाश शाक्य, बाबा रामप्रकाश यादव, अशोक चौहान, नरेश वर्मा, गोविंद वर्मा आदि सपाइयों ने पीपल चौराहा से जुलूस निकालकर कोतवाली का घेराव किया। सपाई आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। कोतवाल 24 घंटे में खुलासा और आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर शांत कराया।
सराफा व्यवसायी संघ ने पीपल चौराहा ने पीपल चौराहे पर धरना दिया। दोपहर बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम गौरव शुक्ला और सीओ शेषमणि उपाध्याय को संघ के अध्यक्ष राजीव दुबे ने ज्ञापन सौंपा। इसमें 48 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर सराफा व्यवसायी संघ व अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की ओर से आंदोलन की चेतावनी दी गई है। ज्ञापन में सितंबर में हुए हमले के बाद तत्कालीन कस्बा चौकी प्रभारी पर कार्रवाई न करने का आरोप भी लगाया गया है। धरने में गिरीशचंद्र वर्मा, ओमप्रकाश वर्मा, सिंपल वर्मा, रामानंद वर्मा, अरविंद वर्मा, प्रभात वर्मा, हर्षित वर्मा, शिवओम, नवनीत वर्मा, संजय, आलोक, विवेक, अंकित, सुधीर, राजेंद्र कुमार, कुलदीप वर्मा आदि शामिल रहे।
जमीन विवाद में हुई थी सराफ की हत्या
पत्नी ने छोटे भाई को कराया नामजद, दो अज्ञात पर भी रिपोर्ट
छिबरामऊ। सराफा कारोबारी अखिलेश्वर प्रसाद वर्मा की हत्या पारिवारिक जमीन विवाद में हुई है। मृतक की पत्नी ने छोटे भाई और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोपियों की तलाश में पुलिस की कई टीमों ने दबिश दी लेकिन वह हाथ नहीं आए। देर रात पहुंचे एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने कोतवाल संतोष कुमार व्यास आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात का जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए हैं।
मोहल्ला मुसाहिब चौबे निवासी सराफ अखिलेश्वर प्रसाद वर्मा (57) पुत्र गंगा शंकर की शनिवार रात दुकान से लौटते समय बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पत्नी मुन्नी देवी ने सराफ के छोटे भाई अमित कुमार पुत्र गंगा शंकर और दो अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें बताया कि शनिवार शाम करीब 6:30 बजे पुत्री गुड्डन और दामाद अमित पुत्र रावेंद्र के साथ घर के बाहर बैठी थीं। इसी बीच गोली चली तो बेटी और दामाद मोहल्ले के लोग के साथ दौड़े। गली में पति (अखिलेश्वर) खून से लथपथ पड़े थे। मुन्नी देवी ने आरोप लगाया कि पारिवारिक जमीन के विवाद में हत्या की गई है। मुन्नी ने करीबी रिश्तेदारों का हाथ होने का भी शक जताया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। सराफा व्यवसायी हत्या करने वाले बाइक सवार नकाब लगाए थे। बदमाशों ने बाइक नंबर और बदमाशों के हुलिये की तलाश के लिए रात में ही मौका ए वारदात से पीपल गली में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले।
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अखिलेश्वर प्रसाद पर तीन माह पहले 22 सितंबर को शाम करीब सात बजे घर के पास ही बाइक सवार बदमाशों ने जानलेवा हमला किया गया था। उस दिन तीन फायर किए गए थे। तीनों फायर मिस होने से उनकी जान बच गई थी। 22 दिसंबर को फिर घर के पास ही बाइक सवार बदमाशों ने हमला बोला। पहली गोली हवा में निकल गई लेकिन दूसरी उनके पेट में जा धंसी। 22 सितंबर के हमले के बाद अखिलेश्वर ने भाई अमित और दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अगर पुलिस ठोस कार्रवाई करती तो शायद सराफ की जान बच जाती।
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अखिलेश्वर प्रसाद सपा के बूथ प्रभारी थे। पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता की हत्या के विरोध में रविवार दोपहर पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह यादव की अगुवाई में सलोवा जिलाध्यक्ष योगेंद्र यादव, विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष रामप्रकाश शाक्य, बाबा रामप्रकाश यादव, अशोक चौहान, नरेश वर्मा, गोविंद वर्मा आदि सपाइयों ने पीपल चौराहा से जुलूस निकालकर कोतवाली का घेराव किया। सपाई आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। कोतवाल 24 घंटे में खुलासा और आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर शांत कराया।
सराफा व्यवसायी संघ ने पीपल चौराहा ने पीपल चौराहे पर धरना दिया। दोपहर बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम गौरव शुक्ला और सीओ शेषमणि उपाध्याय को संघ के अध्यक्ष राजीव दुबे ने ज्ञापन सौंपा। इसमें 48 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर सराफा व्यवसायी संघ व अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की ओर से आंदोलन की चेतावनी दी गई है। ज्ञापन में सितंबर में हुए हमले के बाद तत्कालीन कस्बा चौकी प्रभारी पर कार्रवाई न करने का आरोप भी लगाया गया है। धरने में गिरीशचंद्र वर्मा, ओमप्रकाश वर्मा, सिंपल वर्मा, रामानंद वर्मा, अरविंद वर्मा, प्रभात वर्मा, हर्षित वर्मा, शिवओम, नवनीत वर्मा, संजय, आलोक, विवेक, अंकित, सुधीर, राजेंद्र कुमार, कुलदीप वर्मा आदि शामिल रहे।
जमीन विवाद में हुई थी सराफ की हत्या
पत्नी ने छोटे भाई को कराया नामजद, दो अज्ञात पर भी रिपोर्ट