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छिबरामऊ में दस हजार रुपये घूस लेते लेखपाल गिरफ्तार
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आरोपी लेखपाल रोहित। संवाद
- फोटो : KANNAUJ
छिबरामऊ (कन्नौज)। जमीन की पैमाइश न करने के बदले दस हजार रुपये की घूस लेते लेखपाल को कानपुर की एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथों पकड़ लिया। लेखपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। एसडीएम अशोक कुमार ने उसे निलंबित भी कर दिया।
छिबरामऊ तहसील के गांव सलेमपुर निवासी वीरेश कुमार के पिता रामफेरे ने जीटी रोड के किनारे स्थित शाहजहांपुर गांव की अपनी भूमि बेटे के नाम कर दी थी। इसको लेकर वीरेश के चाचा ने पैमाइश के लिए न्यायालय में वाद दायर किया था। गुरसहायगंज के विशंभरपुर निवासी लेखपाल रोहित सिंह को भूमि की पैमाइश करनी थी। पैमाइश न करने के लिए रोहित ने वीरेश से पचास हजार रुपये की मांग की थी। बाद में बात दस हजार रुपये में तय हुई।
अचानक वीरेश ने लेखपाल की शिकायत एंटी करप्शन के डीआईजी राजीव मल्होत्रा से कर दी। बुधवार को डीआईजी की गठित टीम छिबरामऊ पहुंची। वीरेश ने रोहित को रुपये देने के लिए कस्बे में ताजपुर रोड पर स्थित एक दुकान के पास बुलाया। वीरेश जब रोहित को दस हजार रुपये दे रहा था, तभी एंटी करप्शन टीम ने रोहित को पकड़ लिया। इसके बाद उसे कोतवाली ले जाया गया। रोहित के पास से घूस के दो हजार रुपये के पांच नोट मिले। एंटी करप्शन टीम का नेतृत्व कानपुर इकाई के निरीक्षक अरविंद कुमार सिंह ने किया। टीम में आरपी सिंह, एकता त्यागी, राकेश सिंह, डीपी मिश्रा, राजेंद्र सिंह, शिव कुमार, अनिल कुमार और मधु यादव भी शामिल रहीं।
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छिबरामऊ तहसील के गांव सलेमपुर निवासी वीरेश कुमार के पिता रामफेरे ने जीटी रोड के किनारे स्थित शाहजहांपुर गांव की अपनी भूमि बेटे के नाम कर दी थी। इसको लेकर वीरेश के चाचा ने पैमाइश के लिए न्यायालय में वाद दायर किया था। गुरसहायगंज के विशंभरपुर निवासी लेखपाल रोहित सिंह को भूमि की पैमाइश करनी थी। पैमाइश न करने के लिए रोहित ने वीरेश से पचास हजार रुपये की मांग की थी। बाद में बात दस हजार रुपये में तय हुई।
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अचानक वीरेश ने लेखपाल की शिकायत एंटी करप्शन के डीआईजी राजीव मल्होत्रा से कर दी। बुधवार को डीआईजी की गठित टीम छिबरामऊ पहुंची। वीरेश ने रोहित को रुपये देने के लिए कस्बे में ताजपुर रोड पर स्थित एक दुकान के पास बुलाया। वीरेश जब रोहित को दस हजार रुपये दे रहा था, तभी एंटी करप्शन टीम ने रोहित को पकड़ लिया। इसके बाद उसे कोतवाली ले जाया गया। रोहित के पास से घूस के दो हजार रुपये के पांच नोट मिले। एंटी करप्शन टीम का नेतृत्व कानपुर इकाई के निरीक्षक अरविंद कुमार सिंह ने किया। टीम में आरपी सिंह, एकता त्यागी, राकेश सिंह, डीपी मिश्रा, राजेंद्र सिंह, शिव कुमार, अनिल कुमार और मधु यादव भी शामिल रहीं।
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