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Kannauj News: कैमरों से होगी गोशालाओं में संरक्षित गोवंशों की निगरानी
Tue, 05 Aug 2025 12:52 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Tue, 05 Aug 2025 12:52 AM IST
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कन्नौज। जिले में गोशालाओं की निगरानी बढ़ाने के लिए जिलाधिकारी ने वाईफाई से कनेक्ट सीसी कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं। प्रथम चरण में 100 से अधिक गोवंशियों वाली गोशालाओं में कैमरे लगाए जाएंगे। जिले की 15 गोशाला एवं निराश्रित पशु आश्रय स्थलों पर यह व्यवस्था लागू होगी। इससे अधिकारी इस बात पर नजर रख सकेंगे कि गोवंशों को चारा पानी समय से मिल रहा है। अन्य समस्याओं पर नजर रहेगी।
जिले में करीब 183 गोशालाओं में करीब 9802 गोवंशीय हैं। जहां कर्मियों की तैनाती पशुओं की देखरेख के लिए की गई है। पशु चिकित्सक और पशु चिकित्साविभाग के कर्मी तैनात हैं। जो समय समय पर गोवंशों का परीक्षण करते हैं और उपचार करते हैं, लेकिन गोशालाओं और आश्रय स्थलों को लेकर काफी शिकायतें प्रशासन को मिलती हैं। इन शिकायतों को देखते हुए जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री के निर्देश पर अब 100 से अधिक गोवंशियों वाली गोशालाओं में सीसी कैमरे लगाने की व्यवस्था की जा रही है। यह सीसी कैमरे वाईफाई से कनेक्ट होंगे। शासन स्तर से भी मुख्यमंत्री या अधिकारी सीधे आश्रय स्थल की व्यवस्था को देख सकेंगे। पशु पालन विभाग के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में अस्थायी गो आश्रय स्थल 166, वृहद गो संरक्षण केंद्र तीन, कांजी हाउस एक, नगरीय क्षेत्र में अस्थायी गोशाला छह, कान्हा उपवन दो, पंजीकृत चार और अपंजीकृत एक गोशाला संचालित है। जिले में कुल 183 गोशाला में 9802 गोवंशी संरक्षित हैं। जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री के निर्देश पर प्रथम चरण में 100 से अधिक गाेवंशियों वाली गोशालाओं में कैमरे लगाए जाएंगे। 15 दिन तक फुटेज सुरक्षित रखी जाएगी। गोशालाओं की हर गतिविधि कैद होगी। जिलाधिकारी ने सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गोवंशियों को संरक्षित करने के लिए कहा है। अभी तक 13 गोशाला में कैमरे लग चुके हैं। बाकी में लगाने की प्रक्रिया चल रही है। जिलाधिकारी ने सभी ब्लाक के खंड विकास अधिकारी और पशु चिकित्साधिकारियों को गोशालाओं में भ्रमण करने के निर्देश दिए हैं।
वर्जन
जिले में 100 से अधिक गोवंशियों वाली गोशालाओं और आश्रय स्थलों में सीसी कैमरे लगाए जाने की योजना है। यह सीसी कैमरे वाई फाई से कनेक्ट किए जाएंगे। जिससे शासन से लेकर जिले तक के अधिकारी कभी भी आश्रय स्थलों व गोशालाओं का जायजा ले सकेंगे। कैमरे लगाए जाने को लेकर सभी ब्लाकों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
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- डाॅ. अनिल कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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जिले में करीब 183 गोशालाओं में करीब 9802 गोवंशीय हैं। जहां कर्मियों की तैनाती पशुओं की देखरेख के लिए की गई है। पशु चिकित्सक और पशु चिकित्साविभाग के कर्मी तैनात हैं। जो समय समय पर गोवंशों का परीक्षण करते हैं और उपचार करते हैं, लेकिन गोशालाओं और आश्रय स्थलों को लेकर काफी शिकायतें प्रशासन को मिलती हैं। इन शिकायतों को देखते हुए जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री के निर्देश पर अब 100 से अधिक गोवंशियों वाली गोशालाओं में सीसी कैमरे लगाने की व्यवस्था की जा रही है। यह सीसी कैमरे वाईफाई से कनेक्ट होंगे। शासन स्तर से भी मुख्यमंत्री या अधिकारी सीधे आश्रय स्थल की व्यवस्था को देख सकेंगे। पशु पालन विभाग के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में अस्थायी गो आश्रय स्थल 166, वृहद गो संरक्षण केंद्र तीन, कांजी हाउस एक, नगरीय क्षेत्र में अस्थायी गोशाला छह, कान्हा उपवन दो, पंजीकृत चार और अपंजीकृत एक गोशाला संचालित है। जिले में कुल 183 गोशाला में 9802 गोवंशी संरक्षित हैं। जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री के निर्देश पर प्रथम चरण में 100 से अधिक गाेवंशियों वाली गोशालाओं में कैमरे लगाए जाएंगे। 15 दिन तक फुटेज सुरक्षित रखी जाएगी। गोशालाओं की हर गतिविधि कैद होगी। जिलाधिकारी ने सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गोवंशियों को संरक्षित करने के लिए कहा है। अभी तक 13 गोशाला में कैमरे लग चुके हैं। बाकी में लगाने की प्रक्रिया चल रही है। जिलाधिकारी ने सभी ब्लाक के खंड विकास अधिकारी और पशु चिकित्साधिकारियों को गोशालाओं में भ्रमण करने के निर्देश दिए हैं।
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जिले में 100 से अधिक गोवंशियों वाली गोशालाओं और आश्रय स्थलों में सीसी कैमरे लगाए जाने की योजना है। यह सीसी कैमरे वाई फाई से कनेक्ट किए जाएंगे। जिससे शासन से लेकर जिले तक के अधिकारी कभी भी आश्रय स्थलों व गोशालाओं का जायजा ले सकेंगे। कैमरे लगाए जाने को लेकर सभी ब्लाकों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
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- डाॅ. अनिल कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी