सीसीटीवी फुटेज ही खोलेंगे, बैंक अधिकारियों के कारनामे
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नोटबंदी के बाद जिले में कालाधन को सफेद करने में सहयोग करने वाले बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों की शामत थमती नजर नहीं आ रही है। इन लोगों पर आरबीआई व ईडी का शिकंजा कसता जा रहा है। बैंक बंद होने के बाद बैंकों के बाहर खड़ी रहने वाली लक्जरी गाड़ियों व बैंक के अंदर से सीसीटीवी के फुटेज को आधार बनाकर जांच की जा रही है। जांच अधिकारी बैंक के अंदर व बाहर भी आसपास के लोगों से पूछतांछ कर रहे हैं। जिसमें कन्नौज शहर व सरायमीरा के स्टेट बैंक, कारपोरेशन बैंक, एक्सिस बैंक समेत तालग्राम के दो बैंक समेत एक दर्जन शाखाएं शक के दायरे में हैं।
आठ नवंबर की रात से 500 व एक हजार के नोट बंद होने की घोषणा के बाद धन कुबेरों में नोट बदलने के लिए खलबली मच गई। धन कुबेरों ने शाम को बैंक का कामकाज बंद होने के बाद सेटिंग करनी शुरू कर दी। जिसमें अधिकारियों व कर्मचारियों की मिली भगत से लाखों रुपये बदले जाने का मामला सुर्खियों में आने लगा।
इस मामले में स्टेट बैंक सरायमीरा में दो लोगों पर कार्रवाई भी हुई थी। कानपुर नगर से आई जांच टीमों ने पूछताछ भी की। वहीं तालग्राम के आर्यावर्त ग्रामीण बैंक व स्टेट बैंक आफ इंडिया तालग्राम से एक सराफा कारोबारी का पैसा रातोंरात बदले जाने का मामला भी लोगों की जुबान बना रहा। वहीं सरायमीरा के कारपोरेशन बैंक, एक्सिस बैंक समेत कई अन्य बैंक भी कालेधन को सफेद करने की चर्चा में चल रहे हैं।
पिछले एक माह में पांच बार जांच टीम कन्नौज शहर, सरायमीरा व तालग्राम में जाकर पड़ताल कर चुकी है। कानपुर नगर के रिजर्व बैंक के एक जांच अधिकारी ने बताया कि कन्नौज के कई बैंकों से रुपये बदलने की चर्चा थी। जिसमें पूछताछ और जांच जारी है। बैंकों से सीसीटीवी फुटेज भी जांच के आधार बनेंगे।