{"_id":"66d0f9e87aba9b417e08d307","slug":"brother-and-sister-died-due-to-food-poisoning-condition-of-the-third-is-critical-kannauj-news-c-214-1-knj1005-117865-2024-08-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kannauj News: फूड प्वाइजनिंग से भाई-बहन की मौत, तीसरे की हालत गंभीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kannauj News: फूड प्वाइजनिंग से भाई-बहन की मौत, तीसरे की हालत गंभीर
विज्ञापन
हसेरन। ग्राम रौसा के मजरा आदमपुर माखन में तबीयत बिगड़ने से भाई-बहन की हालत बिगड़ गई। इलाज के लिए ले जाते समय दोनों की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच पड़ताल के बाद फूड प्वाइजनिंग से मौत होने की पुष्टि की है।
मैनपुरी के सुल्तानपुर निवासी पिंकी पुत्री रामाधार रक्षाबंधन पर्व पर अपने मायके आदमपुर माखन आई थी। उसके साथ बेटी प्रियल (8), बेटा प्रेमकुमार (4), राज (2) भी साथ आई थे। परिजनों के अनुसार बच्चों ने दिनभर कच्ची मूंगफली खाई थी। इसके बाद शाम को भिंडी की सब्जी और रोटी खाई थी। इसी के बाद तीनों बच्चों को उल्टी और दस्त शुरू हो गए। जब तक परिजन कुछ समझ पाते तीनों की हालत बिगड़ गई। रात करीब 12 बजे परिजन प्रियल को इलाज के लिए डॉक्टर के यहां ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
प्रियल का शव लेकर जब परिजन घर लौटे, तब तक प्रेमकुमार की भी मौत हो चुकी थी। एक साथ दो बच्चों की मौत से परिवार में मातम छा गया। परिजन तीसरे बच्चे को आनन-फानन में इटावा ले गए। यहां निजी डॉक्टर के यहां उसका इलाज चल रहा है। सीएचसी प्रभारी डॉ. जगदीश निर्मल ने फूड प्वाइजनिंग के चलते बच्चों की मौत होने की बात कही। उन्होंने कहा कि गांव में और न तो बच्चों के ननिहाल पक्ष में कोई डायरिया से ग्रसित मिला है।
विज्ञापन
इनसेट
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लगाया शिविर
प्रधान दीपक राठौर ने दो बच्चों की मौत की सूचना लेखपाल व स्वास्थ्य महकमे को दी। हसेरन सीएचसी प्रभारी डॉ. जगदीश निर्मल के निर्देश पर डाॅ. पवन वर्मा, फार्मासिस्ट चंद्रजीत, शीलू, सत्यप्रकाश आदि ने गांव पहुंचकर स्वास्थ्य शिविर लगाया। टीम ने 65 मरीजों का परीक्षण किया, जिसमें 10 को बुखार व शेष सभी खुजली, पेट दर्द, जुकाम व खांसी से ग्रसित मिले।
विज्ञापन
मैनपुरी के सुल्तानपुर निवासी पिंकी पुत्री रामाधार रक्षाबंधन पर्व पर अपने मायके आदमपुर माखन आई थी। उसके साथ बेटी प्रियल (8), बेटा प्रेमकुमार (4), राज (2) भी साथ आई थे। परिजनों के अनुसार बच्चों ने दिनभर कच्ची मूंगफली खाई थी। इसके बाद शाम को भिंडी की सब्जी और रोटी खाई थी। इसी के बाद तीनों बच्चों को उल्टी और दस्त शुरू हो गए। जब तक परिजन कुछ समझ पाते तीनों की हालत बिगड़ गई। रात करीब 12 बजे परिजन प्रियल को इलाज के लिए डॉक्टर के यहां ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
प्रियल का शव लेकर जब परिजन घर लौटे, तब तक प्रेमकुमार की भी मौत हो चुकी थी। एक साथ दो बच्चों की मौत से परिवार में मातम छा गया। परिजन तीसरे बच्चे को आनन-फानन में इटावा ले गए। यहां निजी डॉक्टर के यहां उसका इलाज चल रहा है। सीएचसी प्रभारी डॉ. जगदीश निर्मल ने फूड प्वाइजनिंग के चलते बच्चों की मौत होने की बात कही। उन्होंने कहा कि गांव में और न तो बच्चों के ननिहाल पक्ष में कोई डायरिया से ग्रसित मिला है।
विज्ञापन
इनसेट
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लगाया शिविर
प्रधान दीपक राठौर ने दो बच्चों की मौत की सूचना लेखपाल व स्वास्थ्य महकमे को दी। हसेरन सीएचसी प्रभारी डॉ. जगदीश निर्मल के निर्देश पर डाॅ. पवन वर्मा, फार्मासिस्ट चंद्रजीत, शीलू, सत्यप्रकाश आदि ने गांव पहुंचकर स्वास्थ्य शिविर लगाया। टीम ने 65 मरीजों का परीक्षण किया, जिसमें 10 को बुखार व शेष सभी खुजली, पेट दर्द, जुकाम व खांसी से ग्रसित मिले।