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यूपी बोर्ड दसवीं और बारहवीं का परीक्षा परिणाम आज

Fri, 26 Jun 2020 11:40 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jun 2020 11:40 PM IST
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board exam
वोर्ड परीक्षा में रिजल्ट आने की तैयारी करते डीआईओएस - फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। यूपी बोर्ड में हाईस्कूल व इंटर की परीक्षाओं का परिणाम शनिवार दोपहर साढ़े 12 बजे तक आ जाने की उम्मीद है। इसमें कन्नौज के 44,079 परीक्षार्थियों को उनकी मेहनत का फल मिलेगा। परीक्षा परिणाम आने से पहले छात्रों की धड़कनें तेज हैं। हाईस्कूल व इंटर में टॉप टेन छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
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डीआईओएस राजेंद्र बाबू ने बताया कि इस बार हाईस्कूल में 26,845 छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया था। इसमें 23,962 छात्र-छात्राएं ने परीक्षा दी। इसी तरह इंटरमीडिएट में 21,894 छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण करवाया। इसमें 20,117 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी। बताया दोपहर बाद बोर्ड परीक्षा का परिणाम आ जाएगा। परीक्षा परिणाम की विधिवत जानकारी देने के लिए कर्मचारियों को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है।
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जो भी छात्र-छात्राएं टॉप टेन की सूची में आएंगे। उनके स्कूल का नाम, पिता का नाम, पता, मोबाइल नंबर समेत अन्य जानकारी जुटाई जाएगी। इससे छात्रों की प्रोफाइल जानने में कोई दिक्कत न आए।
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कन्नौज। वर्तमान में प्रतिस्पर्धा का दौर हैं। ऐसे में माता-पिता समेत छात्र को अपने भविष्य को लेकर काफी उम्मीदें होती है। बोर्ड परीक्षा में अगर वह फेल भी हो जाते हैं तो परेशान होने की बात नहीं है। हार के बाद ही जीत निश्चित है। छात्र के उदास होने पर माता-पिता व बड़े लोग उसे डांटकर नहीं बल्कि दोस्त बनकर समझाएं।
इससे आने वाली परीक्षा में वह कड़ी मेहनत कर प्रथम श्रेणी से पास हो सके। यह कहना है कानपुर मंडल के मनोविज्ञान शिक्षक नरेश चंद्र का।
उन्होंने बताया कि कई छात्र-छात्राएं बोर्ड परीक्षा में असफल होने के बाद आत्मघाती कदम उठा लेते हैं। जीवन अनमोल है। इसे व्यर्थ न गवाएं। यह जीवन प्रभु की देन है तो उसे स्वयं लेने का कोई अधिकार नहीं है। असफल होने वाले छात्रों की यह अंतिम परीक्षा नहीं है जो वह इसे हार मान रहे हैं।

आने वाले साल में और कड़ी मेहनत करें, जिससे वह माता-पिता समेत गांव, जिला व प्रदेश का नाम गौरवान्वित कर सकें। मनोविज्ञान शिक्षक ने बताया कि कुछ छात्र परीक्षा में असफल होने के बाद मानसिक रूप से परेशान होने लगते हैं। ऐसे में माता-पिता सबसे अच्छे दोस्त साबित हो सकते हैं। एक दो दिन ही इसका असर देखने को मिलता है। इसके बाद सभी पहले जैसा हो जाता है।

मंडलीय मनोविज्ञान चिकित्सक नरेश चंद्र

मंडलीय मनोविज्ञान चिकित्सक नरेश चंद्र- फोटो : KANNAUJ

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