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‘बैलेट निरस्त होने पर होगी कार्रवाई’
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Tue, 24 Nov 2015 12:15 AM IST
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कन्नौज एवं जलालाबाद में पहले चरण के लिए पोलिंग
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पार्टियों को चुनाव को तैयार करने के लिए मंडी समिति में दो पालियों में
मतदानकार्मिकों को प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान उनको स्टेशनरी बैग भी
मुहैया कराए गए। डीएम ने मतदानकार्मिकों को आगाह किया कि पिछले डीडीसी व
बीडीसी पदों को लेकर हुए चुनाव के दौरान सामने आया कि वोटरों की अनभिज्ञता व
मतदान कर्मियों में जागरूकता की कमी से बड़ी संख्या में बैलेट निरस्त हुए
हैं, जिसका परिणामों में असर देखने को मिला है।
उन्होंने कहा कि अबकी यदि वोट निरस्त होते हैं तो उक्त पोलिंग पार्टी के पीठासीन अधिकारी जिम्मेदार होंगे। डीएम अनुज झा ने कहा कि मतदानकर्मी इस बात को समझें कि ग्राम प्रधान पद का चुनाव बेहद संवेदनशील है। तमाम मनाही के बावजूद पर्चे दाखिल करने को प्रत्याशी अपने तमाम समर्थकों के साथ पहुंचे।
इस कारण सतर्क होकर इस चुनाव को संपन्न कराना है। उन्होंने कहा कि डीडीसी व बीडीसी पद को लेकर हुए चुनाव में काफी संख्या में मत निरस्त हुए, अबकी पुनरावृत्ति न हो। मतदान करते समय मोहर का प्रयोग न करके बैलेट पर अंगूठा लगा देते हैं, जिस कारण वह मत निरस्त हो जाता है।
ऐसे में जीत रहे प्रत्याशी के वोट निरस्त होने पर उसको पराजय का सामना करना पड़ता है। कहा कि कुछ पोलिंग बूथों में मोहर की रबड़ निकलने के बाद पोलिंग पार्टी ने ध्यान ही नहीं दिया। वोटर ऐसे ही मतदान करता है, जिस कारण वोट निरस्त हुए हैं। इन सभी चीजों का विशेष ध्यान रखें।
सीडीओ उदयराज यादव ने कहा कि पिछले चुनाव में कई चरण के प्रशिक्षण के बावजूद मतदान कर्मियों में घबराहट देखने को मिली। पीठासीन अधिकारियों में जानकारी का अभाव दिखा। पोलिंग पार्टियां सजगता से मतदान कराएं। प्रशिक्षक एनसी टंडन ने कहा कि नेत्रहीन या अशक्त निर्वाचकों को सहायक साथी मुहैया कराने की प्रक्रिया है, पर इस बात का विशेष ख्याल रखें कि उसकी उम्र 18 वर्ष से कम न हो।
उन्होंने कहा कि अबकी यदि वोट निरस्त होते हैं तो उक्त पोलिंग पार्टी के पीठासीन अधिकारी जिम्मेदार होंगे। डीएम अनुज झा ने कहा कि मतदानकर्मी इस बात को समझें कि ग्राम प्रधान पद का चुनाव बेहद संवेदनशील है। तमाम मनाही के बावजूद पर्चे दाखिल करने को प्रत्याशी अपने तमाम समर्थकों के साथ पहुंचे।
इस कारण सतर्क होकर इस चुनाव को संपन्न कराना है। उन्होंने कहा कि डीडीसी व बीडीसी पद को लेकर हुए चुनाव में काफी संख्या में मत निरस्त हुए, अबकी पुनरावृत्ति न हो। मतदान करते समय मोहर का प्रयोग न करके बैलेट पर अंगूठा लगा देते हैं, जिस कारण वह मत निरस्त हो जाता है।
ऐसे में जीत रहे प्रत्याशी के वोट निरस्त होने पर उसको पराजय का सामना करना पड़ता है। कहा कि कुछ पोलिंग बूथों में मोहर की रबड़ निकलने के बाद पोलिंग पार्टी ने ध्यान ही नहीं दिया। वोटर ऐसे ही मतदान करता है, जिस कारण वोट निरस्त हुए हैं। इन सभी चीजों का विशेष ध्यान रखें।
सीडीओ उदयराज यादव ने कहा कि पिछले चुनाव में कई चरण के प्रशिक्षण के बावजूद मतदान कर्मियों में घबराहट देखने को मिली। पीठासीन अधिकारियों में जानकारी का अभाव दिखा। पोलिंग पार्टियां सजगता से मतदान कराएं। प्रशिक्षक एनसी टंडन ने कहा कि नेत्रहीन या अशक्त निर्वाचकों को सहायक साथी मुहैया कराने की प्रक्रिया है, पर इस बात का विशेष ख्याल रखें कि उसकी उम्र 18 वर्ष से कम न हो।