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अस्पताल गेट पर फंसी एंबुलेंस, सीएमओ कार्यालय के सामने प्रसव
Thu, 10 Jan 2019 11:46 PM IST
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kannauj
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Published by: gaurav gaurav
Updated Thu, 10 Jan 2019 11:46 PM IST
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सीएमओ कार्यालय के सामने इसी स्थान पर हुआ था प्रसव।
- फोटो : amarujala
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कन्नौज। जननी सुरक्षा योजना स्वास्थ्य विभाग के मुहाने पर दम तोड़ती नजर आई। अस्पताल गेट पर ही एंबुलेंस के जाम में फंस जाने से प्रसव सीएमओ आफिस के सामने हो गया। प्रसव होता देख स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। कुछ महिलाओं ने कपड़ा तानकर सुरक्षित प्रसव कराया गया।
सीएमओ कार्यालय के सामने विनोद दीक्षित चिकित्सालय का महिला अस्पताल है। इस परिसर को जाने के लिए दो गेट बने हैं। बीते दो माह से सीएमओ कृष्ण स्वरूप ने महिला अस्पताल के लिए जाने वाले गेट पर ताला लगवा दिया। इससे मरीजों को एक ही गेट से मरीजों व तीमारदारों को निकलना पड़ता है। सीएमओ कार्यालय परिसर में कई वाहन आड़े तिरछे खड़े हो जाते हैं। इससे महिला अस्पताल को जाने वाले मरीजों को दिक्कत होती है। प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को एंबुलेंस अस्पताल से सौ मीटर की दूरी पर ही छोड़ देती है। मरीजों को पैदल अस्पताल तक जाना पड़ता है।
गुरुवार को सदर ब्लाक के गांव डहलेपरि निवासी श्यामू की पत्नी रंजना को प्रसव पीड़ा हुई। मोबाइल के काल कर सरकारी एंबुलेंस बुला ली। एक घंटे देरी से एंबुलेंस के पहुंचने पर गर्भवती की हालत बिगड़ती रही। इस दौरान गर्भवती दर्द से तड़पती रही। इधर अस्पताल के एक गेट पर ताला लगा होने से चालक एंबुलेंस को विनोद दीक्षित चिकित्सालय परिसर के रास्ते से लेकर अंदर पहुंचा तो परिसर में कई वाहनों के आड़े तिरछे खड़े होने से उसने रंजना को काफी दूरी पर ही उतार दिया। वह कुछ दूरी पर पैदल चली कि उसकी प्रसव पीड़ा और तेज हो गई। सीएमओ कार्यालय गेट के पास वह बैठ गई। कार्यालय के सामने प्रसव होने से परिसर में अफरा तफरी मच गई। मौजूद महिलाओं ने कपड़े तान दिए। सूचना महिला अस्पताल के कर्मचारियों को हुई तो वह तत्काल मौके पर पहुंचे। बच्चा व जच्चा को मौके पर प्राथमिक उपचार देने के बाद उनको अस्पताल में भर्ती कराया।
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इस संबंध में सीएमओ डा. कृष्ण स्वरूप का कहना है कि कार्यालय परिसर में एक चौकीदार को सभी वाहनों को सही तरीके से लगवाए को कहा गया है। महिला अस्पताल का गेट इसलिए बंद कराया गया है कि मेडिकल स्टोर चलाने वाले लोग अपना कूड़ा परिसर में न डाले। रास्ते में प्रसव होने के बाद जच्चा व बच्चा स्वस्थ्य हैं।
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सीएमओ कार्यालय के सामने विनोद दीक्षित चिकित्सालय का महिला अस्पताल है। इस परिसर को जाने के लिए दो गेट बने हैं। बीते दो माह से सीएमओ कृष्ण स्वरूप ने महिला अस्पताल के लिए जाने वाले गेट पर ताला लगवा दिया। इससे मरीजों को एक ही गेट से मरीजों व तीमारदारों को निकलना पड़ता है। सीएमओ कार्यालय परिसर में कई वाहन आड़े तिरछे खड़े हो जाते हैं। इससे महिला अस्पताल को जाने वाले मरीजों को दिक्कत होती है। प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को एंबुलेंस अस्पताल से सौ मीटर की दूरी पर ही छोड़ देती है। मरीजों को पैदल अस्पताल तक जाना पड़ता है।
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गुरुवार को सदर ब्लाक के गांव डहलेपरि निवासी श्यामू की पत्नी रंजना को प्रसव पीड़ा हुई। मोबाइल के काल कर सरकारी एंबुलेंस बुला ली। एक घंटे देरी से एंबुलेंस के पहुंचने पर गर्भवती की हालत बिगड़ती रही। इस दौरान गर्भवती दर्द से तड़पती रही। इधर अस्पताल के एक गेट पर ताला लगा होने से चालक एंबुलेंस को विनोद दीक्षित चिकित्सालय परिसर के रास्ते से लेकर अंदर पहुंचा तो परिसर में कई वाहनों के आड़े तिरछे खड़े होने से उसने रंजना को काफी दूरी पर ही उतार दिया। वह कुछ दूरी पर पैदल चली कि उसकी प्रसव पीड़ा और तेज हो गई। सीएमओ कार्यालय गेट के पास वह बैठ गई। कार्यालय के सामने प्रसव होने से परिसर में अफरा तफरी मच गई। मौजूद महिलाओं ने कपड़े तान दिए। सूचना महिला अस्पताल के कर्मचारियों को हुई तो वह तत्काल मौके पर पहुंचे। बच्चा व जच्चा को मौके पर प्राथमिक उपचार देने के बाद उनको अस्पताल में भर्ती कराया।
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इस संबंध में सीएमओ डा. कृष्ण स्वरूप का कहना है कि कार्यालय परिसर में एक चौकीदार को सभी वाहनों को सही तरीके से लगवाए को कहा गया है। महिला अस्पताल का गेट इसलिए बंद कराया गया है कि मेडिकल स्टोर चलाने वाले लोग अपना कूड़ा परिसर में न डाले। रास्ते में प्रसव होने के बाद जच्चा व बच्चा स्वस्थ्य हैं।