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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर लगेगा वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
ब्यूरो, अमर उजाला कन्नौज
Updated Sat, 22 Jul 2017 12:02 AM IST
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इसी नाली से होकर कंक्रीट टैंक तक पहुंचेगा हाइवे का पानी।
- फोटो : Amar ujala
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गिरते जलस्तर को बढ़ाने के लिए प्रदेश की योगी सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का काम शुरू कराया है। 250 बोर के माध्यम से एक लाख 95 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र के पानी को शुद्ध कर पाताल तक पहुंचाया जाएगा। इससे जलस्तर सुधार होगा। इसके साथ ही कन्नौज से उन्नाव तक करीब 65 किलोमीटर तक सवा लाख पौधे लगाए जाएंगे।
कार्यदायी कंपनी एफकॅान के प्रशासनिक अधिकारी नवीन प्रताप सिंह के मुताबिक, पाताल तक पानी पहुंचाने के लिए जो बोर किए जा रहे हैं, उनका कोई मानक या गहराई तय नहीं है। जहां वाटर लेवल मिल जाएगा, वहां तक बोर होगा। कन्नौज से उन्नाव तक लगने वाले इस हार्वेस्टिंग सिस्टम के जरिए एक लाख 95 हजार वर्गमीटर पर गिरने वाला पानी नीचे जाएगा।
ऐसे फिल्टर होकर पाताल तक पहुंचेगा पानी
ठठिया। एफकॅान कंपनी के प्रशासनिक अधिकारी नवीन प्रताप सिंह ने बताया कि कन्नौज से उन्नाव तक हाइवे के दोनों ओर 250 बोर किए जाएंगे। हाइवे से पानी उतारने के स्थान पर एक नाली का निर्माण होगा, जिसके सहारे पानी ऊपर से उतरकर नीचे तक आएगा। यहां नीचे 10 मीटर लंबा, पांच मीटर चौड़ा व तीन मीटर गहरा कंक्रीट का टैंक तैयार किया जाएगा। इसमें वॉल्ब लगे होंगे। पानी कंक्र ीट के टैंक में आकर वॉल्ब में फिल्टर होगा। इससे पानी में आने वाली गंदगी टैंक में ही रह जाएगी। वहीं बोर के जरिए पानी पाताल तक पहुंच जाएगा।
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सवा लाख पौधे लगाए जाएंगे
कन्नौज। कंपनी के प्रशासनिक अधिकारी नवीन प्रताप सिंह ने बताया कि कन्नौज से उन्नाव तक हाइवे के बीच डिवाइडर पर करीब 40 हजार पौधे लगाए जाएंगे। यह पौधे दो किस्म के होंगे, जिनमें कनेड़ और गुलहड़ के पौधे शामिल हैं। इसके अलावा हाईवे के दोनों तरफ कंपनी करीब 80 हजार पौधे लगाएगी। यहां पीपल, बरगद, नीम, कदम, गुलमोहर, शीशम, कंजी, केसिया, पनकचंपा, जकरंदा, अर्जुन व अशोक के पेड़ लगाए जाएंगे।
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कार्यदायी कंपनी एफकॅान के प्रशासनिक अधिकारी नवीन प्रताप सिंह के मुताबिक, पाताल तक पानी पहुंचाने के लिए जो बोर किए जा रहे हैं, उनका कोई मानक या गहराई तय नहीं है। जहां वाटर लेवल मिल जाएगा, वहां तक बोर होगा। कन्नौज से उन्नाव तक लगने वाले इस हार्वेस्टिंग सिस्टम के जरिए एक लाख 95 हजार वर्गमीटर पर गिरने वाला पानी नीचे जाएगा।
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ऐसे फिल्टर होकर पाताल तक पहुंचेगा पानी
ठठिया। एफकॅान कंपनी के प्रशासनिक अधिकारी नवीन प्रताप सिंह ने बताया कि कन्नौज से उन्नाव तक हाइवे के दोनों ओर 250 बोर किए जाएंगे। हाइवे से पानी उतारने के स्थान पर एक नाली का निर्माण होगा, जिसके सहारे पानी ऊपर से उतरकर नीचे तक आएगा। यहां नीचे 10 मीटर लंबा, पांच मीटर चौड़ा व तीन मीटर गहरा कंक्रीट का टैंक तैयार किया जाएगा। इसमें वॉल्ब लगे होंगे। पानी कंक्र ीट के टैंक में आकर वॉल्ब में फिल्टर होगा। इससे पानी में आने वाली गंदगी टैंक में ही रह जाएगी। वहीं बोर के जरिए पानी पाताल तक पहुंच जाएगा।
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सवा लाख पौधे लगाए जाएंगे
कन्नौज। कंपनी के प्रशासनिक अधिकारी नवीन प्रताप सिंह ने बताया कि कन्नौज से उन्नाव तक हाइवे के बीच डिवाइडर पर करीब 40 हजार पौधे लगाए जाएंगे। यह पौधे दो किस्म के होंगे, जिनमें कनेड़ और गुलहड़ के पौधे शामिल हैं। इसके अलावा हाईवे के दोनों तरफ कंपनी करीब 80 हजार पौधे लगाएगी। यहां पीपल, बरगद, नीम, कदम, गुलमोहर, शीशम, कंजी, केसिया, पनकचंपा, जकरंदा, अर्जुन व अशोक के पेड़ लगाए जाएंगे।