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Kannauj News: हसेरन तहसील के विरोध में उतरे अधिवक्ता
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तिर्वा। क्षेत्र में प्रस्तावित हसेरन तहसील की स्थापना को लेकर शनिवार को वकील विरोध पर उतर आए। तहसील परिसर में प्रदर्शन कर नारेबाजी करते हुए वकीलों ने नई तहसील हसेरन में बनाने से पहले तिर्वा तहसील क्षेत्र के विस्तार की मांग उठाई। ताकि वकीलों का कामकाज प्रभावित न हो। तिर्वा तहसील के वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किया।
12 वर्षों से कागजों में चल रही हसेरन तहसील को लेकर हाल ही में प्रशासन द्वारा भवन निरीक्षण किया था। निरीक्षण की जानकारी मिलते ही तिर्वा तहसील बार एसोसिएशन, न्यू बार और लाॅयर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी वकील विरोध पर उतार आए। तहसील परिसर में एकत्र वकीलों ने नारेबाजी करते हुए हसेरन में तहसील बनाए जाने का विरोध किया। हसेरन तहसील की स्थापना का प्रस्ताव 12साल से लंबित है और अब भवन निरीक्षण की प्रक्रिया तेज होने से इसकी शुरुआत की संभावना बढ़ गई है।
वकीलों का विरोध प्रदर्शन इस प्रस्ताव को लेकर प्रशासन के लिए नई चुनौती बन गया है। वकीलों का कहना है कि हसेरन में नई तहसील की स्थापना से तिर्वा तहसील के कामकाज पर सीधा असर पड़ेगा। वर्तमान में तिर्वा तहसील का क्षेत्र पहले से ही सीमित है और नई तहसील बनने पर इसका क्षेत्रफल और कम हो जाएगा। वकीलों का तर्क है कि यदि हसेरन को तहसील का दर्जा दिया ही जाना है, तो उससे पहले तिर्वा तहसील के क्षेत्र को बढ़ाया जाए। ताकि यहां आने वाले मामलों में कमी न हो और वकीलों के कार्य पर प्रतिकूल असर न पड़े।
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वकीलों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार किए बिना हसेरन तहसील की स्थापना की गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल वकीलों के हितों का ही सवाल नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय जनता को मिलने वाली सुविधाओं पर भी असर पड़ेगा। इस मौके पर तीनों एसोसिएशन के वकील मौजूद रहे।
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12 वर्षों से कागजों में चल रही हसेरन तहसील को लेकर हाल ही में प्रशासन द्वारा भवन निरीक्षण किया था। निरीक्षण की जानकारी मिलते ही तिर्वा तहसील बार एसोसिएशन, न्यू बार और लाॅयर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी वकील विरोध पर उतार आए। तहसील परिसर में एकत्र वकीलों ने नारेबाजी करते हुए हसेरन में तहसील बनाए जाने का विरोध किया। हसेरन तहसील की स्थापना का प्रस्ताव 12साल से लंबित है और अब भवन निरीक्षण की प्रक्रिया तेज होने से इसकी शुरुआत की संभावना बढ़ गई है।
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वकीलों का विरोध प्रदर्शन इस प्रस्ताव को लेकर प्रशासन के लिए नई चुनौती बन गया है। वकीलों का कहना है कि हसेरन में नई तहसील की स्थापना से तिर्वा तहसील के कामकाज पर सीधा असर पड़ेगा। वर्तमान में तिर्वा तहसील का क्षेत्र पहले से ही सीमित है और नई तहसील बनने पर इसका क्षेत्रफल और कम हो जाएगा। वकीलों का तर्क है कि यदि हसेरन को तहसील का दर्जा दिया ही जाना है, तो उससे पहले तिर्वा तहसील के क्षेत्र को बढ़ाया जाए। ताकि यहां आने वाले मामलों में कमी न हो और वकीलों के कार्य पर प्रतिकूल असर न पड़े।
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वकीलों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार किए बिना हसेरन तहसील की स्थापना की गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल वकीलों के हितों का ही सवाल नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय जनता को मिलने वाली सुविधाओं पर भी असर पड़ेगा। इस मौके पर तीनों एसोसिएशन के वकील मौजूद रहे।