फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   Adoption of the dreams put on CM delay

सीएम के सपने पर लगा लेटलतीफी का ग्रहण

Mon, 25 May 2015 12:09 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, कन्नौज।
ब्यूरो/ अमर उजाला, कन्नौज। Updated Mon, 25 May 2015 12:09 AM IST
विज्ञापन
Adoption of the dreams put on CM delay

मुख्यमंत्री ने कन्नौज के डार्क ब्लाक घोषित जलालाबाद और तालग्राम क्षेत्र में नहर (रजबहा व आधा दर्जन माइनरें) बनाने का जो सपना देखा है उस पर नौकरशाहों की लेटलतीफी का ग्रहण लग गया है। सीएम की घोषणा के तीन महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं हो सका है।

विज्ञापन


अफसरों की लापरवाही का खामियाजा हजारों किसानों को भोगना पड़ेगा। उन्हें सिंचाई के पानी की दिक्कत रहेगी। कई वर्षों से जलालाबाद और तालग्राम ब्लाक में पानी के लिए हाहाकार मचा है। भूगर्भ जल स्तर लगातार पाताल की ओर खिसकता जा रहा है। हैंडपंप और सैकड़ों कुएं सूख गए हैं।
विज्ञापन


तमाम निजी ट्यूबवेल भी ठूंठ बने हैं। जलस्तर कम होने से इन ब्लाकों में बोरिंग करने पर रोक लगा दी है। क्षेत्रीय प्रधान, ब्लाक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्यों से लेकर किसान संगठनों ने यह समस्या सीएम के सामने रखी तो उन्होंने नहर बनाने की घोषणा की।
विज्ञापन
विज्ञापन


सचिव मुख्यमंत्री अनीता सिंह ने अधिशासी अभियंता, डीएम को पत्र भेजकर युद्धस्तर पर नहर बनाने के लिए  निर्देश दिए थे। नहर बनाने के लिए सवा सौ हेक्टेयर से ज्यादा जमीन चाहिए, लेकिन इस संबंध में कोई लिखापढ़ी नहीं हुई है।

अपर जिलाधिकारी रमेश चंद्र यादव का कहना है कि अभी तक सिंचाई विभाग ने नई नहर बनाने के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहण संबंधी कोई पत्र नहीं दिया है।

विभागीय सूत्र बताते हैं कि योजना के स्वरूप में बार-बार बदलाव होने से विलंब हुआ है। पहले 244 करोड़ का प्रोजेक्ट बना था, जिसे छोटा कर 177 करोड़ पर लाया गया। मिघौली रजबहा की लंबाई 35 से घटाकर 30 किमी की गई। एक्सईएन जगदीश सिंह का कहना है कि जिला स्तर से कोई देरी नहीं हो रही है। गेंद शासन के पाले में है।

मैनपुरी  से निकला निगोह रजबहा किमी 11.200 ब्लाक छिबरामऊ में मिघौली तक आता है। मिघौली गांव के पास इसकी दाहिनी पटरी से मिघौली रजबहा निकला है, जिसकी लंबाई 16 किमी है। इसमें 64 क्यूसेक पानी आता है।

इसी रजबहे की लंबाई बढ़ाकर जलालाबाद व तालग्राम ब्लाक तक लाने की योजना है। मिघौली रजबहे को करीब 30 किमी लंबा किया जाएगा।

इस रजबहे से विभिन्न स्थानों से छह से ज्यादा माइनरें निकाली जाएंगी, जिनकी लंबाई करीब 35 किमी है। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 177 करोड़ रुपये आंकी गई है।

जगदीश सिंह, अधिशासी अभियंता ने कहा जनपद व मुख्य अभियंता (रामगंगा) सिंचाई खंड कानपुर के स्तर से कार्ययोजना  संस्तुति सहित शासन को भेज दी गई है। इसे स्वीकृति भी मिल गई है।


बजट अभी नहीं मिला है। प्रमुख अभियंता की देखरेख में गठित कमेटी की बैठक में विचार-विमर्श हो चुका है। व्यय वित्त समिति के सामने भी प्रोजेक्ट पेश हो चुका है। अब इसे नाबार्ड के बजट से बनाने के निर्देश मिले हैं। 15 से 20 दिन के अंदर प्रस्ताव तैयार कर नाबार्ड को भेज दिया जाएगा।


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed