{"_id":"5ec571a08ebc3e9030600cb1","slug":"ab-pravaasee-shramik-kaheen-se-le-sakenge-anaaj-kannauj-news-knp561187134","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब प्रवासी श्रमिक कहीं से ले सकेंगे अनाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब प्रवासी श्रमिक कहीं से ले सकेंगे अनाज
विज्ञापन
कन्नौज। सरकार ने श्रमिकों को सरकारी राशन उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय राशन पोर्टेबिलिटी सिस्टम लागू कर दिया है। अब सक्रिय राशन कार्ड धारक किसी भी कोटेदार से राशन ले सकते हैं।
लॉकडाउन में दूसरे राज्यों में फंसे श्रमिकों की समस्या को देखते हुए वन नेशन, वन कार्ड (राष्ट्रीय राशन पोर्टेबिलिटी) सुविधा लागू की गई है। अब किसी भी राज्य का राशन कार्डधारक रिहाइशी इलाके के कोटे की दुकान से राशन कार्ड का नंबर बताकर राशन ले सकेगा। यह सुविधा सिर्फ उन्हीं लोगों को मिलेगी, जिनके राशन कार्ड पिछले छह महीने से सक्रिय हैं। इस योजना का लाभ हाल में मुंबई, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, राजस्थान समेत अन्य प्रांतों से लौटे श्रमिकों को मिलेगा। इन्हें अनाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
सरकार की तरफ से राष्ट्रीय राशन पोर्टेबिलिटी सिस्टम लागू किया गया है। इससे श्रमिकों को फायदा मिलेगा। जो अन्य राज्यों से अपने गांवों में पहुंचे हैं, उन्हें वहीं आसानी से राशन उपलब्ध हो जाएगा।
विज्ञापन
-केके गुप्ता, डीएसओ।
विज्ञापन
लॉकडाउन में दूसरे राज्यों में फंसे श्रमिकों की समस्या को देखते हुए वन नेशन, वन कार्ड (राष्ट्रीय राशन पोर्टेबिलिटी) सुविधा लागू की गई है। अब किसी भी राज्य का राशन कार्डधारक रिहाइशी इलाके के कोटे की दुकान से राशन कार्ड का नंबर बताकर राशन ले सकेगा। यह सुविधा सिर्फ उन्हीं लोगों को मिलेगी, जिनके राशन कार्ड पिछले छह महीने से सक्रिय हैं। इस योजना का लाभ हाल में मुंबई, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, राजस्थान समेत अन्य प्रांतों से लौटे श्रमिकों को मिलेगा। इन्हें अनाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
विज्ञापन
सरकार की तरफ से राष्ट्रीय राशन पोर्टेबिलिटी सिस्टम लागू किया गया है। इससे श्रमिकों को फायदा मिलेगा। जो अन्य राज्यों से अपने गांवों में पहुंचे हैं, उन्हें वहीं आसानी से राशन उपलब्ध हो जाएगा।
विज्ञापन
-केके गुप्ता, डीएसओ।