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आलू की फसल को चौपट कर रही पत्ती में लगी सूड़ी
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आलू की फसल में लगी सूड़ी।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। मक्का के बाद अब आलू की फसल पर सूड़ी का हमला हुआ है। सूड़ी के पत्ती खाने से आलू की फसल की वृद्धि लगातार कम हो रही है। इससे किसान परेशान हैं। फसल को बचाने के लिए किसान कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कर रहे हैं।
ग्रीष्मकालीन व बरसाती मक्का के बाद अब सूड़ी ने आलू की फसल को तबाह करना शुरू कर दिया है। हल्के भूरे रंग की सूड़ी आलू की पत्ती चट कर रही है। सूड़ी रात व दिन दोनों समय पत्ती खाती है। मक्का की सूड़ी रात के समय हमला करती थी। यह सूड़ी आलू की नरम पत्तियों को भोजन बना रही है। इससे फसल की वृद्धि लगातार घट रही है। इससे किसान परेशान हैं। वह जिला कृषि अधिकारी से लेकर कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लेकर कीटनाशक दवा का छिड़काव कर फसल बचाने में जुटे हैं।
कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि इस सूड़ी का उपचार न किया गया तो पूरी फसल को चौपट कर सकती है। पत्ती नष्ट हो जाने से आलू की फसल को नुकसान होगा। पैदावार पर खासा असर पड़ेगा। जिले में 50 हजार हेक्टेयर में आलू की खेती की गई है। कुछ इलाकों को छोड़ कर सूड़ी का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है।
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ग्रीष्मकालीन व बरसाती मक्का के बाद अब सूड़ी ने आलू की फसल को तबाह करना शुरू कर दिया है। हल्के भूरे रंग की सूड़ी आलू की पत्ती चट कर रही है। सूड़ी रात व दिन दोनों समय पत्ती खाती है। मक्का की सूड़ी रात के समय हमला करती थी। यह सूड़ी आलू की नरम पत्तियों को भोजन बना रही है। इससे फसल की वृद्धि लगातार घट रही है। इससे किसान परेशान हैं। वह जिला कृषि अधिकारी से लेकर कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लेकर कीटनाशक दवा का छिड़काव कर फसल बचाने में जुटे हैं।
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कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि इस सूड़ी का उपचार न किया गया तो पूरी फसल को चौपट कर सकती है। पत्ती नष्ट हो जाने से आलू की फसल को नुकसान होगा। पैदावार पर खासा असर पड़ेगा। जिले में 50 हजार हेक्टेयर में आलू की खेती की गई है। कुछ इलाकों को छोड़ कर सूड़ी का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है।
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